क्यों पड़ी एक ही जीवनसाथी की परंपरा?

  • 3 अगस्त 2013

क्या आप जानते हैं, एक जीवनसाथी की परंपरा कबसे है ? या फिर साबुन और साफ़ पानी आपके बच्चे की लंबाई पर क्या असर डालता है ? या फिर क़िताब खरीदते वक़्त लोगों के व्यवहार पर किसका असर होता है? ऐसी ही कुछ बातें जानने के लिए पढ़ें ये रिपोर्ट.

बच्चों को बचाने के लिए

मनुष्य के पूर्वजों ने सामाजिक प्राणी बनने के बाद एक जीवनसाथी रखना शुरू किया.इसका सबसे पहला कारण यह था कि पिता के अलावा दूसरे पुरुष बच्चों के लिए ख़तरा बन सकते थे.

समान प्रजाति के नर और मादा के लम्बे समय तक एक साथ रहने को एक जीवनसाथी रखना कहा जाता है. स्तनपाई जीवों में ऐसा कम ही देखने को मिलता है. मनुष्य, गिब्बन और कुछ बन्दरों में एक जीवनसाथी देखा जाता है.

पिता के अलावा दूसरे नरों द्वारा बच्चों के मारे जाने का ख़तरा बना रहता है.

लेकिन युगल के बीच बंधन आखिरकार शुरू कैसे हुआ ? यह जानने के लिए यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से किट ओपी और मेनचेस्टर यूनिवर्सिटी से सुसैन शल्ट्ज़ ने 230 प्रजातियों के मिलन के व्यवहार पर शोध किया. इसमें एक जीवनसाथी की परंपरा के पीछे शिशु हत्या ,अभिभावकों के प्रेम की ज़रुरत और मादा साथी की सुरक्षा जैसे कारण मुख्यरूप से सामने आये.

और जानने के लिए पढ़ें ( न्यू साइंटिस्ट)

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किसके प्रशंसक

डेविड कैमरून को ऑल्ट- जे के संगीत के बारे में उनकी पत्नी सामंथा ने बताया था. डेविड कैमरून यात्रा करते हुए इनके गाने सुनना पसंद करते हैं.

मर्करी पुरस्कार विजेता ऑल्ट -जे अब डेविड कैमरून को भी अपने प्रशंसकों में गिन सकते हैं. ऑल्ट -जे चार भारतीय युवकों का समूह है. इनका गाना जी - 8 अध्यक्षों को जून में उपहार स्वरुप दी गई प्लेलिस्ट में शामिल किया गया था.

और जानने के लिए पढ़ें(द टाइम्स)

साबुन और बच्चों की लंबाई

एक शोध में पता चला है कि साबुन और साफ़ पानी केवल साफ़ - सफ़ाई के लिए ही ज़रूरी नहीं हैं, इनसे बच्चों का विकास भी जुड़ा हुआ है.

वैश्विक आंकड़ों की समीक्षा से पता चलता है कि अच्छी साफ़ - सफाई वाले घरों में रहने वाले पांच साल से कम उम्र के बच्चों की लंबाई 0.5 सेंटीमीटर ज़्यादा बढ़ी.

यह शोध बांग्लादेश, इथोपिया, नाइजीरिया, चिली, ग्वाटेमाला, पाकिस्तान, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका, कीनिया और कंबोडिया में किया गया.

विश्व में 26 करोड़ 50 लाख बच्चों का विकास सही से नहीं हो पाता। इसका उनके स्वास्थ्य पर दीर्घकालीन असर पड़ता है.

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समझदार मछली के लिए रखें रोचक पर्यावरण

आपकी प्यारी सुनहरी मछली के बौद्धिक विकास के लिए लिए एक्वेरियम के अन्दर रखा हुआ प्लास्टिक का किला या डूबा हुआ जहाज़ फायदेमंद साबित हो सकता है.

पेनसिलवेनिया की पेन स्टेट यूनीवर्सिटी के शोधकर्ताओं के ने पता लगाया है कि "अच्छे पर्यावरण" में राखी गई मछलीयां ज्यादा समझदार और व्यवहारिक होती हैं.

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चॉकलेट की खुशबू और प्रेम उपन्यास

अगर किसी किताब की दुकान पर चॉकलेट की खुशबू आ रही है तो किताब खरीदने वाले प्रेम पर पुस्तकें खरीदना चाहेंगे. लेकिन अपराध, पर्यटन, व्यापार जैसे विषय वाली पुस्तकों की बिक्री पर इसका कोई क हास असर नहीं पड़ता.

बेल्जियम में हेसेल्ट और एन्टवर्प विश्वविद्यालयों के शोधकर्ताओं ने 10 दिनों के अंतराल में 201 पुस्तक खरीदने वालों के व्यवहार पर शोध करके यह पता लगाया.

और जानने के लिए पढ़ें (द गार्डियन)

हमिंग बर्ड की ख़ासियत

गुनगुनाने जैसी आवाज़ वाली दुनिया की सबसे छोटी चिड़ियाओं में से एक "हमिंग बर्ड" उड़ते हुए सबसे तेज़ गति से अपने पंख ऊपर - नीचे कर सकती है. लंबी चोंच वाली यह चिड़िया पश्चिमी हैम्पशायर में ज़्यादातर देखी जा सकती है. इसके दिमाग का भार इसके इसके शरीर के कुल भार का 4.2 प्रतिशत होता है.

और जानने के लिए पढ़ें ( पीबीएस )

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