चरमपंथी ख़तरा: कई देशों के दूतावास बंद

british embassy sanaa
Image caption (सना में ब्रितानी दूतावास को सुरक्षा कारणों के चलते रविवार और सोमवार को बंद रखा गया)

मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के बीस से ज्यादा अमरीकी दूतावास सुरक्षा कारणों से रविवार को बंद रखे गए. ब्रिटेन और जर्मनी ने भी यमन की राजधानी सना में अपने दूतावास अस्थाई रूप से बंद रखा.

यमन में चरमपंथी हमलों की धमकी के मद्देनज़र ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने ब्रितानी नागरिकों को यमन छोड़ने की सलाह दी है. मंत्रालय ने 'बढ़े हुए ख़तरे' के मद्देनज़र यमन जाने से बचने की भी सलाह दी.

यमन की राजधानी सना के दूतावास को बंद रखने को ब्रिटेन ने एक 'एतिहासिक कदम' बताया है.

यमन में सैकड़ों ब्रितानी रहते हैं जिनमें से ज़्यादातर दूतावास, धर्मार्थ संगठनों, संयुक्त राष्ट्र से जुड़े संगठनों और तेल कंपनियों में काम करते हैं.

सुरक्षा अलर्ट

विदेश मंत्रालय की वेबसाइट में कहा गया है कि, "पूरे यमन में चरमपंथ का खतरा बढ़ा है" और ''हथियारबंद कबीलों, अपराधियों और चरमपंथियों द्वारा अपहरण की भी आशंका बढ़ी है.”

विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, “हमारी यात्रा संबंधी चेतावनियां ख़ास तौर पर रमज़ान के दौरान, जब तनाव बहुत ज़्यादा हो सकता है, सतर्क करने को कहती है. हम ख़ास तौर पर रमज़ान के आखिरी दिनों और ईद पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं.”

Image caption यमन में पिछले महीने भी अमरीकी दूतावास पर प्रदर्शन किया गया था

सुरक्षा विश्लेषक पीटर बर्गेन कहते हैं कि पहले चरमपंथी संगठन अल क़ायदा ने रमज़ान के 27वें दिन यानि कि रविवार को 'हमले करने की काफ़ी तैयारी की थी.

मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में अमरीकी दूतावासों के विपरीत ब्रिटेन ने सऊदी अरब, ओमान, कतर, बहरीन, कुवैत, यूएई और ईराक में अपने दूतावास खोले हैं लेकिन अपने कर्मचारियों को “अतिरिक्त सावधानी बरतने” की सलाह दी है.

चरमपंथी हमले की आशंका

लेकिन अमरीकी दूतावासों की तरह फ्रांसीसी और जर्मन दूतावास भी मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में बंद रखे गए हैं.

शनिवार को अमरीकी अधिकारियों ने वॉशिंगटन में एक आतंकी हमले के ख़तरे पर चर्चा की. इसी खतरे की वजह से रविवार को इक्कीस दूतावास बंद रखे गए और अमरीकियों को दुनिया भर में यात्रा करने पर चेतावनी जारी की गई.

यह मामला तब सामने आया जब अमरीकी सुरक्षा एजेंसियों ने अल-क़ायदा के कुछ कथित संदेशों को सुना. यह दावा किया जा रहा है कि इनमें अल-क़ायदा के वरिष्ठ सदस्य एक दूतावास पर हमले की चर्चा कर रहे हैं.

उधर इंटरपोल ने हाल ही में जेल तोड़कर कैदियों को भगाने की घटनाओं में अल-कायदा के शामिल होने की रिपोर्ट के बाद वैश्विक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है.

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