इराक़: बम धमाकों में 60 से ज़्यादा की मौत

इराक़ में शनिवार को हुए कार बम धमाकों और गोलीबारी में 60 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और लगभग 300 घायल हुए हैं.

ये हमले रमज़ान का पवित्र महीना ख़त्म होने के बाद ईद के मौके पर हुए हैं.

हमलों का सबसे ज़्यादा असर राजधानी बग़दाद में पड़ा जहां बाज़ारों, कैफ़े और रेस्त्राओं के नज़दीक सिलसिलेवार कार बम धमाके हुए जहां लोग ईद उल-फ़ितर की छुट्टियों के दौरान इकट्ठा हुए थे.

बग़दाद से एक बीबीसी संवाददाता का कहना है कि धमाके शिया और सुन्नी, दोंनो ही इलाकों में हुए.

पुलिस का कहना था कि शनिवार को सबसे घातक कार बम हमला शाम को दक्षिण-पूर्वी जिस्र दियाला इलाके में एक बाज़ार में हुआ जिसमें सात लोगों की मौत हुई और 20 घायल हो गए.

इसके अलावा बग़दाद के उत्तर में तुज़ खुरमातो में एक आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 10 लोग मारे गए.

हिंसा में तेज़ी

माना जा रहा है कि पिछले कई सालों के मुक़ाबले इस साल इराक़ में रमज़ान के दौरान सबसे ज़्यादा हिंसा हुई है और 670 से ज़्यादा लोग मारे गए हैं.

पिछले छह महीने में हुई ज़्यादातर हिंसक वारदातों को सुन्नी इस्लामिक चरमपंथी गुटों ने अंजाम दिया है और इनके निशाने पर शिया मुस्लिम इलाके थे.

इस तरह के हमलों में इस साल अब तक 40,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. इसके अलावा 9,865 लोग घायल हुए और सबसे ज़्यादा असर बग़दाद प्रांत में हुआ है.

पिछले सप्ताह इराक़ के प्रधान मंत्री नूरी अल-मलिकी ने चरमपंथियों के खिलाफ़ कार्रवाई जारी रखने का वादा करते हुए कहा था, "हम अपने बच्चों को इन हत्यारों और इन्हें भीतर और बाहर से समर्थन देने वालों के लिए नहीं छोड़ेंगे."

सुन्नी समुदाय का आरोप है कि नूरी अल-मलिकी की शिया नेतृत्व वाली सरकार उन्हें नज़रअंदाज़ करती है.

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