चलिए बौने लोगों के 'ओलंपिक खेलों' में

बौनों का खेल
Image caption जर्मनी की वालीबॉल टीम की कोच अपने टीम को खेल की रणनीति समझाते हुए

अमरीका के मिशिगन में बौने लोगों के लिए खेलों का आयोजन हो रहा है. अपनी तरह के इस छठे आयोजन में शामिल होने के लिए सिमोन मिंटी ने लगभग 6,437 किलोमीटर का लंबा सफ़र तय किया. अपने अनुभव उन्होंने बीबीसी के साथ बांटे.

मैं बौने लोगों के लिए होने वाले इन खेलों में पहली बार शामिल हो रहा हूं. इन खेलों में दुनिया के 17 देशों के 400 एथलीट शामिल हो रहे हैं.

यह बौनेपन के शिकार लोगों के खेल इतिहास में सबसे बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा है. मेरी लंबाई चार फीट से भी कम (117 सेंटीमीटर) है.

अगर आप अपनी अधिंकाश ज़िंदगी उन लोगों के बीच बिताएं जो आपसे दो फीट लंबे हैं और एक सप्ताह उन लोगों के बीच जिनकी लंबाई आपके जैसी है तो दोनों अनुभव ख़ुशी से भरपूर और भयानक हो सकते है.

बौने लोगों का मनोरंजक खेल

सभी बौने लोग आकार और शारीरिक क्षमता में एक समान नहीं होते. इसी विशेषता के कारण पैरालिम्पिक्स में एथलीट्स को विभिन्न श्रेणियों में रखा जाता है. इनकी मुख्य रूप से तीन श्रेणियां हैं.

उनमें से मैं मध्यम श्रेणी में आता हूं. यह काफी दुर्लभ और विचित्र तरह की अनुभूति है कि आधिकारिक रुप से मेरी गिनती औसत लंबाई वाले बौनों में होती है.

Image caption अमरीका की वालीबॉल टीम अपने साथी खिलाड़ी को देखते हुए

बौनेपन को बहुत रोचक तरीके से परिभाषित किया गया है. अगर आपकी लंबाई चार फीट दस इंच से कम (147 सेंटीमीटर) और आपकी शारीरिक संरचना उसके अनुरुप है तो आपकी गिनती बौनों में होती है.

बौनेपन के करीब 200 प्रकार हैं. कुछ तो व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर बिल्कुल अनूठे हैं. इसके कारण खेल में मनोरंजक दृश्य देखने को मिलते हैं. कभी-कभी हम देखते हैं कि एक एथलीट अपनी लंबाई से दोगुनी लंबाई वाले एथलीट के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहा होता है.

खेलने से बचने का बहाना नहीं

Image caption अपने समर्थकों की तस्वीरें खींचकर प्रोत्साहन देते समर्थक

यहां होने वाली 20 से ज़्यादा खेलों में आप दर्शक की तरह शामिल हो सकते हैं, प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बन सकते हैं. मुझे शारीरिक रूप से रौबीला बास्केटबॉल का खेल बेहद पसंद है.

यह ख़तरनाक रफ़्तार के साथ खेला जाता है और मानक ऊंचाई वाले बॉस्केटबॉल के नेट तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.

यहां तैराकी, ट्रैक एंड फील्ड के अलावा अनेक खेल हो रहे हैं. मैं सबसे पहले यह साफ करना चाहता हूं कि मैं खेलों में हिस्सा नहीं ले रहा हूं. मैं यहां सहयोग देने के लिए आया हूं.

खेलों में शामिल होने से बचने के लिए आपके पास कोई बहाना नहीं है क्योंकि यहां पर खेलों में शामिल होने के ढेरों विकल्प मौजूद है. मैं 2017 के खेलों में जरुर हिस्सा लूंगा.

बौनेपन से ग्रस्त एथलीट्स के लिए पहले प्रतिस्पर्धी खेलों का आयोजन मिशीगन स्टेट यूनिवर्सिटी कैंपस में 1985 में किया गया था. लेकिन इसमें हम कहीं फिट नहीं होते थे.

नई पीढ़ी करेगी गर्व

'इंटरनेशनल ड्वार्फ एथलीट फेडरेशन' का गठन 1993 में किया गया. बौने एथलीट्स पैरालिंपिक्स का हिस्सा हैं. इसके कारण ब्रिटेन के गोल्ड मेडल विजेता तैराक इली साइमंडस जैसे सितारे बने. ढेर सारे बौने युवाओं और बच्चों को एक साथ देखना काफी मज़ेदार अनुभव है.

इस खेलों के आयोजन समारोह में कहा गया कि “बौने लोगों की नई पीढ़ी इस बात पर गर्व महसूस करेगी कि उनके लिए भी खेलने और विभिन्न प्रतिस्पर्धाओं में शामिल होने के लिए कोई तो जगह है.”

हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है कि हम आंखों में आंखें डाल कर लोगों से बात कर रहे हैं. हमारे लिए यह भी बहुत बड़ी बात है.

आप यहां सहानुभूति के साथ लोगों की पीठ थपथपा सकते हैं. ख़ुशी के पलों में उनसे गले मिल सकते हैं.

यहां आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए अजनबी महसूस करने की जरूरत नहीं है. हमारे लिए यहां होना एक सप्ताह की छुट्टी पर होने जैसा है.

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