स्नोडन देशभक्त नहीं है: बराक ओबामा

  • 10 अगस्त 2013

राष्ट्रपति बराक ओबामा ने विवादास्पद अमरीकी ख़ुफ़िया निगरानी कार्यक्रम को और पारदर्शी बनाने का एलान किया है लेकिन ये भी स्पष्ट कर दिया है कि इसे बंद नहीं किया जाएगा.

वाशिंगटन में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा है कि उन्हें पूरा यकीन है कि इस निगरानी का कहीं ग़लत इस्तेमाल नहीं हुआ है और इसकी वजह से कई जानें बचाई जा सकी हैं.

राष्ट्रपति ओबामा का कहना था, "ये काफ़ी नहीं है कि इस कार्यक्रम पर मुझे यकीन हो. ज़रूरी है कि लोगों का भी इसपर भरोसा हो."

''देशभक्त नहीं स्नोडेन''

इस निगरानी कार्यक्रम को लीक करनेवाले एडवर्ड स्नोडेन के बारे में उन्होंने कहा कि वो "देशभक्त नहीं हैं" और अगर उन्हें लगता है कि उन्होंने जो किया वो ग़लत नहीं था तो वो अमरीका लौटें और क़ानून के सामने ख़ुद को निर्दोष साबित करें.

स्नोडेन की लीक ने देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निजी अधिकारों और सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है.

अमरीका और उसके मित्र यूरोपीय देशों के रिश्तों पर भी इसके छींटे पड़े. इस कार्यक्रम के तहत अमरीका अपने ही नागरिकों के फ़ोन कॉल और ईमेल पर बिना वारंट लिए निगरानी रखता है.

ओबामा का कहना है कि वो जितना संभव हो सकेगा इस कार्यक्रम के बारे में लोगों को जानकारी उपलब्ध करवाएंगे और जनता को इसके बारे में सवाल पूछने का पूरा हक़ है.

रूस के साथ रिश्ते

स्नोडेन को रूस ने पनाह दी है और उस फ़ैसले ने अमरीका और रूस के बीच के तनाव को और बढ़ा दिया है.

इसी हफ़्ते राष्ट्रपति ओबामा ने जी-20 बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ होनेवाली द्विपक्षीय वार्ता को रद्द करने का भी एलान कर दिया.

उन्होंने कहा इस वार्ता को रद्द करने के पीछे स्नोडेन ही एकमात्र कारण नहीं थे. ओबामा का कहना था कि कई ऐसे मामले हैं जहां दोनों देशों के बीच एकमत नहीं है और स्नोडेन का मामला उन्हीं मे से एक है.

राष्ट्रपति पुतिन को उन्होंने "पीछे देखने की बजाए आगे देखने" की सलाह दी. उनका कहना था कि पुतिन के साथ उनके व्यक्तिगत रिश्तों में कोई परेशानी नहीं है.

अल-क़ायदा

पिछले हफ़्ते कई अमरीकी दूतावासों को बंद किए जाने के एलान पर बात करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति ने कहा कि अल क़ायदा कमज़ोर हुआ है लेकिन उसके क्षेत्रीय गुटों की ताक़त बरक़रार है.

उनका कहना था कि ये गुट दूतावासों और अन्य अमरीकी ठिकानों पर हमला करने में सक्षम हैं.

ओबामा का कहना था, "जिस अल क़ायदा ने 9/11 का हमला किया उसे तोड़ा जा चुका है लेकिन ऐसे क्षेत्रीय गुट मौजूद हैं जो किसी दूतावास की दीवार पर विस्फोटक से भरा ट्रक ले जाकर कुछ लोगों की जान ले सकते हैं."

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