ऑस्ट्रेलिया: रड और एबट भिड़े पहली टीवी डिबेट में

ऑस्ट्रेलिया के लेबर पार्टी के प्रधानमंत्री केविन रड और विपक्षी उदारवादी राष्ट्रीय गठबंधन नेता टोनी एबट ने रविवार को चुनाव प्रचार से जुड़े अपने पहले टेलिविज़न डिबेट में अर्थव्यवस्था और आप्रवासन के मुद्दे पर एक-दूसरे पर निशाना साधा.

देश की राजधानी कैनबरा में दोनों उम्मीदवारों को क़रीब एक घंटे तक पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ा.

सात सितंबर को होनेवाले चुनाव से पहले हुए जनमत संग्रह में एबट के नेतृत्व वाले उदारवादी-राष्ट्रीय गठबंधन को आगे बताया जा रहा है.

लेकिन जून में मौजूदा प्रधानमंत्री केविन रड के पद संभालने के बाद से सत्ताधारी लेबर पार्टी ने अपने प्रदर्शन में सुधार किया है.

चुनावी दौड़ में लेबर पार्टी भले ही पीछे चल रही हो लेकिन ओपिनियन पोल के मुताबिक प्रधानमंत्री पद की दौड़ में केविन रड ऑस्ट्रेलियाई जनता की पहली पसंद हैं.

रविवार को टीवी पर हुई डिबेट चुनाव से पहले होने वाली संभावित तीन डिबेटों में पहली थी.

मुद्दों पर बहस

चुनाव विश्लेषक रविवार की डिबेट में गर्मागर्म बहस की संभावना जता रहे थे लेकिन देश की मीडिया के मुताबिक डिबेट अनुमान से ज़्यादा सौहार्दपूर्ण रही.

अपने शुरुआती वक्तव्यों में प्रधानमंत्री रड ने कहा कि इस चुनाव में मुख्य मुद्दे हैं अर्थव्यवस्था, नौकरियां, संकट का सामना कर रहे परिवार, शिक्षा और स्वास्थ्य.

उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक हालत ठीक नहीं है लेकिन वो उसे आगे ले जाना चाहते हैं.

Image caption डिबेट के बाद अपने परिवार के सदस्यों से मिलते हुए टोनी एबट

वहीं विपक्षी नेता टोनी एबट ने कहा कि ये चुनाव शख्सियतों के बारे में नहीं है बल्कि फैसला इस बात का होना है कि कौन आपके भविष्य को ज़्यादा सुरक्षित बना सकता है.

उन्होंन कहा, "रड नए रास्ते तलाशने की बात कर रहे हैं. ठीक है, अगर आप नया रास्ता चाहते हैं तो सबसे पहले एक नई सरकार का चुनाव कीजिए."

आप्रवासन

विपक्षी नेता ने आप्रवासन पर नियंत्रण का ज़िक्र करते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि उनका गठबंधन अगर सत्ता में आएगा तो नाव पर सवार होकर बड़ी संख्या में ऑस्ट्रेलिया आ रहे लोगों को रोका जाएगा.

उन्होंने कहा, "कोई भी स्वाभिमानी राष्ट्र अपने आप्रवासन नियंत्रण कार्यक्रम को आंशिक रूप से वैसे लोगों पर नहीं छोड़ सकता जो लोगों की तस्करी में शामिल हों."

दोनों नेताओं की टीवी डिबेट में समलैंगिकों की शादी के मुद्दे पर भी संक्षिप्त चर्चा हुई. टोनी एबट ने कहा कि एक साल पहले संसद में इस मुद्दे के खिलाफ़ निर्णायक मतदान हुआ था और ये उनकी सरकार की प्राथमिकता वाला विषय नहीं होगा.

वहीं केविन रड ने कहा कि अगर वो दोबारा चुने जाते हैं तो सौ दिन के भीतर एक वैवाहिक समानता लानेवाला विधेयक लाएंगे.

पांच अगस्त को चुनाव प्रचार की शुरुआत से ही दोनों नेता देशभर में घूम कर समर्थन जुटा रहे हैं.

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