माफ़िया के बच्चों का भविष्य संवारने की कोशिश

दक्षिणी इटली में रहने वाले एक जज अनोखी पहल में जुटे हैं. वह माफ़िया सरदारों के बच्चों को अपराध की दुनिया से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

वह उन बच्चों को आपराधिक प्रवृति वाले उनके अभिभावक से दूर कर रहे हैं ताकि उन्हें जुर्म की दुनिया की संगीन परछाई से बचाया जा सके.

दक्षिणी इटली के रेजो कलाब्रिया के किशोर अपराध न्यायालय के अध्यक्ष रॉबर्ट डी बेला का कहना है, “हमें इस कुचक्र को तोड़ने के लिए एक रास्ता तलाशने की ज़रुरत थी जिससे बच्चों को उनके पिता से अनचाहे तौर पर विरासत में आपराधिक संस्कार मिलता है.”

यह इलाक़ा देश के सबसे ख़तरनाक माफ़िया का प्रमुख केंद्र है और यह माफ़िया गिरोह ‘ड्रैंगेटा’के नाम से मशहूर है. ड्रैंगेटा यूरोप में कोकीन के सबसे बड़े तस्करों में शुमार हैं.

माफ़िया गिरोह के लिए ख़ून का रिश्ता बेहद अहम होता है ख़ासतौर पर ड्रैंगेटा परिवार में ख़ानदानी वर्चस्व इतना ज़्यादा है कि सुरक्षा बलों के लिए उनके गुट में सेंध लगाना नामुमकिन सा हो जाता है.

ड्रैंगेटा परिवार पर लिखने वाले एंतोनियो निकासो का कहना है, “जब आप एक निश्चित उम्र वर्ग में पहुंचते हैं तो धार्मिक दीक्षा और माफ़िया संस्कृति से जुड़ी दीक्षा देने का प्रावधान है. इसका अर्थ यह है कि अक्सर माफ़िया बॉस के बच्चों ख़ासतौर पर पहले बच्चे को अपने पिता के नक़्शेक़दम पर चलना पड़ता है.”

रिश्ते से गुट को मज़बूती

Image caption 2007 में कलाब्रिया में ड्रैंगेटा गुट के दो लोगों की मौत की शवयात्रा निकाली गई.

वह कहते हैं कि इस गिरोह से ताल्लुक़ रखने वाली बेटियों को दूसरे माफ़िया सरदारों के बेटों से मजबूरन शादी करनी पड़ती है, इस तरह अलग ख़ानदान के लोगों को रक्त संबंध के ज़रिए रिश्तेदार बनाकर माफ़िया गुट को मज़बूत किया जाता है.

निकासो का कहना है, “कई महिलाएं अपने पत्र में लिखती हैं कि कैसे उनकी बेटियों को परिवार की ताक़त और दबदबे को बढ़ाने के लिए उन लोगों से मजबूरन शादी करनी पड़ती है जिनसे वे प्रेम नहीं करती हैं.”

पूरे मेसीना जलडमरुमध्य में सिचिलियन माफ़िया की ताक़त को ‘पेंटिटी’ ने कमज़ोर कर दिया. पेंटिटी गुट में वे लोग हैं जिन्होंने अपने जुर्म का प्रायश्चित करने के लिए पुलिस के साथ गठजोड़ कर लिया.

हालांकि ड्रैंगेटा ख़ानदान में बेहद कम लोगों ने ही विश्वासघात किया है और इस माफ़िया गिरोह की विशेष आचार संहिता एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाती है.

हाल के वर्षों में न्यायाधीश डी बेला की अदालत माफ़िया के बेटों के मामले की सुनवाई कर रही हैं जिन्हें 1990 के दशक में किशोर अपराध की सज़ा सुनाई गई थी. पिछले साल उन्होंने यह फ़ैसला किया कि इस बाबत कुछ किया जाना चाहिए.

वह कहते हैं, “अदालत के मुखिया के तौर पर मैंने कुछ फ़ैसले लिए.”

माफ़िया मानसिकता

डी बेला कहते हैं, “अदालत ने कुख्यात माफ़िया परिवारों के बच्चों पर ध्यान देना शुरू किया है जिनकी उम्र 14 से 15 साल है और उनमें माफ़िया मानसिकता का असर पड़ना शुरू हो चुका है.”

अब तक क़रीब 15 किशोरों को उनके रिश्तेदारों से दूर किया गया है और उन्हे केयर होम में रखा गया है. लेकिन वे जेल में नहीं हैं और वे कुछ हफ़्ते के अंतराल में अपने घर के लोगों से मिलने के लिए जा सकते हैं.

Image caption माफ़िया का विरोध करने वाले मजिस्ट्रेट की मौत के ख़िलाफ़ इटली में विरोध प्रदर्शन करते लोग

डी बेला कहते हैं, “इन सबकी शुरुआत हमेशा अदालती मामले से होती है. जब इन बच्चों पर पुलिस की कार या किसी और की गाड़ी को नुक़सान पहुंचाने, डराने धमकाने का आरोप लगता है और इनके परिवार के लोग कुछ नहीं कहते हैं तब हम हस्तक्षेप करते हैं.”

“किसी परिवार से नाबालिग़ बच्चों को दूर करना मुश्किल फ़ैसला होता है. मुझे इसके लिए काफ़ी सोच-समझकर निर्णय लेना होता है.” उनका कहना है कि कभी-कभी अदालत भी इस निष्कर्ष पर पहुंचती है कि कोई विकल्प नहीं है.

उनका कहना है, “हमारा मक़सद इन युवाओं को उनकी परवरिश वाली दुनिया से इतर बाहर की एक अलग दुनिया दिखाना है. जिन बच्चों के पिता, चाचा या दादा माफ़िया हैं तो उनके लिए कोई नियम तय नहीं कर सकता है, हम उनके लिए एक गुंजाइश तैयार करते हैं.”

यह कोशिश इस उम्मीद में की जा रही है कि जब ये युवा 18 साल की उम्र में पूरी तरह स्वतंत्र होकर अपने घर जाएंगे तो वे अपराध की दुनिया से अलग रहने का फ़ैसला करेंगे.

नई शुरुआत की प्रेरणा

ऐसा नहीं है कि पहली दफ़ा ऐसे परिवार के बच्चों को होम केयर में रखा गया है. लेकिन डी बेला की यह पहल नई है और इससे सामाजिक कार्यकर्ता, मनोवैज्ञानिक और अन्य लोग भी जुड़े हैं जो ऐसे बच्चों को एक नई शुरुआत के लिए प्रेरित करते हैं.

Image caption ड्रैंगेटा यूरोप में कोकीन के सबसे बड़े तस्करों में शुमार हैं

इस कोशिश को एक प्रयोग बताया जा रहा है. डी बेला का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में ज़्यादा से ज़्यादा बच्चों को कालाब्रिया माफ़िया परिवार से अलग किया जाएगा.

ड्रैंगेटा परिवार के बच्चों के साथ काम करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता मारियो नासोने का कहना है कि पहली बार किशोर अपराध न्यायालय इस मसले पर गंभीरता से विचार कर रहा है लेकिन इस पहल में सरकार से और मदद की ज़रुरत पड़ेगी.

उनका कहना है, “हमें एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना होगा जिससे हम यह गारंटी दे सकें कि जो बच्चे अपने घर वापस जाएं वे अपराध की दुनिया के संस्कार से ख़ुद को बिल्कुल अलग रखें.”

हालांकि कई दफ़ा बड़ी अजीब स्थिति पैदा हो जाती है. वह एक 16 साल के बच्चे की दास्तां बताते हैं जिनके साथ उन्होंने एक कारावास केंद्र में काम किया था. जब उनके जाने का वक़्त आया तो उस बच्चे की मां ने कहा कि उनके बच्चे को अपने माफ़िया पिता की जगह लेनी होगी जिनकी हत्या हो गई है.

उस बच्चे की मां ने कहा, “आप हमारे साथ हैं या उनके साथ है?” उनका मतलब ड्रैंगेटा से बाहर की दुनिया से था. नासोने कहते हैं, “वह मिलान चले गए. हमने उन्हें नौकरी दिलाई. लेकिन उन्हें अपने परिवार से ताल्लुक़ ख़त्म करना पड़ा. यह बेहद आसान विकल्प नहीं था.”

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