स्नोडेन से जुड़े 'व्यक्ति' की हिरासत पर बवाल

स्नोडेन
Image caption ग्लेन ग्रीनवाल्ड (दाएं)

अमरीका के कई ख़ुफ़िया दस्तावेज़ कथित रूप से लीक करने के अभियुक्त एडवर्ड स्नोडेन को लेकर एक नया विवाद उठ खड़ा हुआ है. लेकिन इस बात इस विवाद का सीधे तौर से उनसे लेना-देना नहीं है.

स्नोडेन की ओर से कथित तौर पर लीक किए गए दस्तावेज़ों को छापने वाले पत्रकार के पार्टनर डेविड मिरांडा को लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर रोकने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है.

ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की सेलेक्ट कमेटी के अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस को आतंक कानून के तहत पत्रकार के पार्टनर की हिरासत का जवाब देना होगा.

कीथ वाज़ ने कहा कि डेविड मिरांडा को नौ घंटे तक रोक कर रखे जाने के पीछे क्या सच्चाई है, वह सबके सामने आनी चाहिए.

मिरांडा गार्डियन के संवाददाता ग्लेन ग्रीनवाल्ड के पार्टनर हैं, जिन्होंने एडवर्ड स्नोडेन के लीक किए गए दस्तावेज़ों को छापा है.

ब्राजील ने शिकायत की है कि उसके नागरिक मिरांडा को बिना किसी कारण हिरासत में लिया गया.

28 वर्षीय मिरांडा जब बर्लिन से रियो डी जेनेरो जा रहे थे तो उन्हें हीथ्रो हवाईअड्डे पर हिरासत में ले लिया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके पूरे जीवन के बारे में सवाल पूछे और उनका मोबाइल, लैपटॉप, डीवीडी और दूसरी सभी चीजें ज़ब्त कर ली .

स्पष्टीकरण की मांग

' द गार्डियन' ने कहा हैः “ हमें दुख है कि सुरक्षा सेवाओं के बारे में लिखने वाले गार्डियन के पत्रकार के एक पार्टनर को नौ घंटों तक हीथ्रो हवाईअड्डे पर रोके रखा गया.”

अखबार का कहना है कि वो ब्रिटिश सरकार से स्पष्टीकरण मांगेगा कि ऐसा क्यों हुआ.

आतंक कानून 2000 की अनुसूची 7 में यह प्रावधान है कि ब्रितानी पुलिस हवाईअड्डे पर आतंकवाद की गतिविधियों में संभावित सलंग्नता के बारे में पूछताछ के लिए किसी को भी नौ घंटों तक रोके रख सकती है.

गृह मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की 97 फीसदी से अधिक पूछताछ आधे घंटे से ज्यादा नहीं चलती.

Image caption राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी का कार्यालय वाशिंगटन डीसी के बाहर मैरीलैंड के मीड फोर्ट में स्थित है.

मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि रविवार 18 अगस्त, 2013 को करीब आठ बजे 28 साल के एक व्यक्ति को आतंकवाद अधिनियम की अनुसूची 7 के तहत पूछताछ के लिए हीथ्रो हवाईअड्डे पर रोका गया. उन्हें गिरफ़्तार नहीं किया गया था.

ग्लेन ग्रीनवाल्ड का कहना है कि मिरांडा को रोके जाने का ब्रितानी अधिकारियों का यह कदम गलत है और यह डराने के उद्देश्य से उठाया गया है. इसका संबंध अमरीकी नागरिक सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) से संबंधित एडवर्ड स्नोडेन की ओर से सार्वजनिक की गई कथित जानकारी से है.

उन्होंने बीबीसी वर्ल्ड के न्यूज़डे कार्यक्रम को बताया, “उन लोगों ने मिरांडा से आतंकवाद या आतंकवादी संस्था से जुड़ा एक भी सवाल नहीं किया.”

ग्रीनवाल्ड ने आगे बताया, “पूरे दिन वे यही पूछते रहे कि मैंने और गार्डियन के दूसरे पत्रकारों ने एनएसए के बारे में क्या क्या लिखा.”

उन्होंने कहा, “मिरांडा को नौ घंटों तक केवल इसीलिए रोके रखा गया ताकि इससे धमकी भरा संदेश जाए.”

उन्होंने बीबीसी को बताया, “मुझे समझ नहीं आता कि उनकी बुद्धि में ये क्यों नहीं आता कि इसका असर उल्टा ही होगा. मैं इसके बाद इस बारे में ज़्यादा आक्रामक तरीके से लिखने वाला हूं. ”

पुलिस से सवाल

कीथ वाज़ ने बीबीसी रेडियो 4 के कार्यक्रम में बताया कि पहले से ही जटिल कहानी में अब असाधारण मोड़ आने वाले हैं.

उन्होंने आगे कहा, कि पुलिस को अगर इस बात की चिंता है कि लोग ब्रिटेन में क्या कर रहे हैं तो उन्हें लोगों से ज़रूर सवाल पूछने चाहिए.

वे कहते हैं, “ख़ास बात यह है कि वे जानते हैं कि मिरांडा ग्रीनवाल्ड के पार्टनर हैं और इसलिए यह स्पष्ट है कि न केवल उनकी जांच पड़ताल की जा रही है जो सीधे तौर पर शामिल थे बल्कि उनके सहयोगियों से भी पूछताछ की जा रही है."

उन्होंने बताया, “इस लिहाज़ से किसी को रोकने के लिए आतंकवाद अधिनियम को नए तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है. इसलिए मैं पुलिस से लिखकर पूछने वाला हूं कि इस मामले में आतंकवाद कानून के इस्तेमाल का क्या औचित्य है?”

Image caption ग्रीनवाल्डः मिरांडा को नौ घंटों तक केवल इसीलिए रोके रखा गया ताकि इससे धमकी भरा संदेश जाए.

ब्राज़ील सरकार ने मिरांडा की रिहाई के तुंरत बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया.

विदेश मंत्रालय के दस्तावेज़ के अनुसार किसी “व्यक्ति विशेष” को जब तक रोकने का कोई औचित्य नहीं है जिसके खिलाफ कोई आरोप न हो. इसे आतंकविरोधी कानून का दुरूपयोग माना जाना चाहिए.

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