बेनज़ीर हत्याकांड में मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ आरोप तय

परवेज़ मुशर्रफ़
Image caption मुशर्रफ़ घर में नज़रबंद चल रहे हैं.

पाकिस्तान की एक अदालत में पूर्व सैन्य शासक परवेज़ मुशर्रफ़ पर पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले में आरोप तय किए गए हैं.

अदालत में मुशर्रफ़ पर हत्या, आपराधिक षड़यंत्र रचने और हत्या में मदद का आरोप लगाया गया है.

मुशर्रफ़ ने इस पर फ़िलहाल कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है लेकिन उन्होंने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है. मामले की अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी.

बेनज़ीर की दिसंबर 2007 में रावलपिंडी में एक चुनावी सभा के दौरान हत्या कर दी गई थी.

मुशर्रफ़ स्वनिर्वासन के बाद इस वर्ष की शुरुआत में पाकिस्तान लौटे थे और फिलहाल घर में नज़रबंद चल रहे हैं.

कड़ी सुरक्षा

उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच रावलपिंडी की अदालत में पेश किया गया. मुशर्रफ़ के साथ छह अन्य लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है जिनमें चार संदिग्ध चरमपंथी और दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हैं.

मुशर्रफ़ की तत्कालीन सरकार ने बेनज़ीर की हत्या के लिए तालिबान को जिम्मेदार ठहराया था.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र की 2010 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक़ बेनज़ीर की हत्या को टाला जा सकता था.

रिपोर्ट में कहा गया कि मुशर्रफ़ की सरकार पूर्व प्रधानमंत्री को पर्याप्त सुरक्षा देने में नाकाम रही थी. तब मुशर्रफ़ के सिपहसालारों ने इस रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताया था.

तख्तापलट

मुशर्रफ़ 1999 में नवाज़ शरीफ का तख्ता पलटकर सत्ता में आए थे. वो नौ सालों तक देश की सत्ता पर काबिज़ रहे और सत्ता से बाहर होने के बाद दुबई और लंदन में रहे.

चुनावों के लिए वो स्वदेश लौटे लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य क़रार दे दिया गया और सत्ता के दुरुपयोग के कई आरोपों के चलते नज़रबंद कर दिया गया.

इन आरोपों में बलूच कबायली नेता नवाब अकबर बुगती की 2006 में हुई हत्या और नवंबर 2007 में सर्वोच्च न्यायपालिका को बर्खास्त करने की कोशिश शामिल है.

शरीफ़ फिर से सत्ता में लौट चुके हैं. उनकी सरकार की भी मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ के देशद्रोह का मामला चलाने की योजना है.

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