हीरे की चमक से जागता अफ़्रीक़ा का एक शहर

  • 24 अगस्त 2013
हीरे

अफ़्रीक़ा का एक अंजान सा शहर अचानक बहुत तेज़ी से एक बड़े व्यापारिक केंद्र में बदल रहा है.

दरअसल बरसों तक कच्चे हीरे की खुदाई करने के बाद बोत्सवाना की राजधानी ग़ेबोरोनी में अब हीरों की कटाई, पॉलिश और बिक्री भी की जाने लगी है.

दुनिया भर से हीरों के व्यापारी अब नियमित रूप से ग़ेबोरोनी आते हैं और इससे यहां की अर्थव्यवस्था बदल रही है.

धूल भरे इस शहर में अब गगनचुंबी इमारतों में फ़्लैट, होटल बन रहे हैं.

हीरों से संबंधित कंपनियां यहां कारख़ाने लगा रही हैं और खनन क्षेत्र की बड़ी कंपनी दि बीयर्स अपना बिक्री केंद्र यहां के बजाए लंदन में स्थापित कर रही है.

पैसा और मुश्किल

जल्द ही 3.85 खरब रुपए के ज़्यादा के हीरों के सौदे यहां होंगे, जिसके लिए दुनिया भर से ख़रीदार आएंगे.

एक स्थानीय कंपनी ने हाल ही में एक नीलामी का आयोजन किया था. तेज़ी से बढ़ रहे व्यापार के लिए एक नया हीरा पार्क बनाया जा रहा है.

एक भारतीय कंपनी श्रेनुज ने भी कुछ समय पहले ही यहां एक शाखा खोली है और वह गहने बनाने में बोत्सवाना के हीरों का भी इस्तेमाल कर रही है.

बहुत सी छोटी मेज़ों के ऊपर दर्जनों लोग, ज़्यादातर युवा लड़कियां, लेंस लगाकर झुके रहते हैं और कई तरह की धातुओं में क़ीमती पत्थर जड़कर गहने बनाते हैं.

शाखा प्रबंधक किम लेनी कहते हैं, "बोत्सवाना में हमें अनगढ़ हीरे मिल जाते हैं. यहां गहनों का कारख़ाना लगाना समझदारी का काम है. हम यहां से स्थानीय बाज़ार के साथ ही अमरीका को भी गहने भेज रहे हैं."

Image caption गेबोरोन में तेजी से गगनचुंबी इमारतें बन रही हैं

वह कहते हैं कि बिक्री ठीक-ठाक हो रही है.

ऐसी कंपनियां जिनका हीरा व्यापार से कोई लेना देना नहीं है उनके व्यापार में भी वृद्धि हो रही है.

गैबोरोन के मुख्य बस स्टेशन में यात्रियों की भीड़ है जिन्हें हॉकर्स स्नैक्स और ड्रिंक्स बेच रहे हैं.

एबेल मोनाकगोटला एक स्थानीय ट्रांसपोर्ट कंपनी, एटीएंडटी, चलाते हैं. उनकी 50 बसें पड़ोसी देश नामीबिया और दक्षिण अफ़्रीक़ा तक जाती हैं.

अब उन्होंने नई, चमकदार मिनीबस ख़रीदी हैं और वह कहते हैं कि हीरा व्यापारियों को आस-पास पहुंचा कर पैसा बना रहे हैं.

वह कहते हैं, "हम विस्तार कर रहे हैं और किराए पर कार और एयरपोर्ट के लिए यात्री सेवाएं चला रहे हैं."

एबेल के अनुसार, "पहले सारा मुनाफ़ा बड़े स्तर पर था- आधारभूत ढांचा निर्माण, सड़क में. इसमें हम जैसे उद्यमियों को सीधा फ़ायदा नहीं था. लेकिन अब हमें सीधा लाभ मिल रहा है."

हालांकि सबके लिए यह आसान नहीं है.

बस स्टेशन से काफ़ी दूर गैबोरोन के छोर पर एक शांत, हरा-भरा फ़ाकालेन गोल्फ़ रिज़ार्ट है.

शायद यह ऐसी जगह है जहां कोई हीरा व्यापारी कुछ समय बिताना पसंद करे.

Image caption यहां जल्द ही खरबों रुपये का व्यापार होगा

लेकिन इसके प्रबंध निदेशक लेसांग महांग को कुछ दिक्क़तें आ रही हैं.

वह कहते हैं, "लोग यहां विश्व स्तरीय सुविधाओं की मांग करते हैं. लंदन जैसे स्तर की, जहां पहले हीरा व्यापार का केंद्र था. लेकिन बोत्सवाना में उन्हें ऐसा शेफ़ नहीं मिल पा रहा है, जो हीरा केंद्र तेल अवीव जैसा खाना बना सके.''

क्या बोत्सवाना तैयार है?

इसके अलावा कुछ बड़े मुद्दे भी हैं.

गैबोरान के लिए यूरोप, अमरीका से कोई सीधी उड़ान नहीं है. इसका मतलब यह है कि यहां पहुंचने के लिए किसी दूसरे अफ़्रक़ी शहर होकर आना होता है- सामान्यतः जोहानिसबर्ग.

लगातार होने वाली बिजली कटौती का मतलब होता है कि होटल में रुके मेहमानों को अंधेरे में नहाना पड़ सकता है और कैफ़े पानी भी न उबाल पाएं.

शाम को मनोरंजन के साधन भी सीमित हैं. रेस्तरां 10 बजे बंद हो जाते हैं, बार भी ज़्यादा नहीं हैं और इधर-उधर घूमने के लिए टैक्सी भी नहीं हैं.

चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के एलेक्स मोनचुसी कहते हैं कि नए व्यापार का फ़ायदा उठाने के लिए बहुत लोग अभी तैयार नहीं हो सके हैं.

वह कहते हैं, "जब पहली बार इसकी घोषणा हुई थी तो मैंने सरकार को कहा था कि हम बेहद उत्साहित हैं... (लेकिन) हमें महसूस होता है कि बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है और समय बहुत कम है."

"यह ठीक ऐसा ही है कि आपको ओलंपिक का आयोजन करने का मौक़ा मिले. आपको एक बड़ा मौक़ा मिला है लेकिन आपके पास न तो विश्व स्तरीय आयोजन के लिए संसाधन हैं और न ही समय है."

हालांकि सरकार को उम्मीद है कि सभी दिक्क़तें दूर कर ली जाएंगी.

केंद्रीय सचिव एरिक मोलाले कहते हैं कि हीरा व्यापार बोत्सवाना के लिए "जीवन में एक बार मिलने वाले मौक़े" की तरह है.

"सरकार की कोशिश हीरा व्यापार का एक तंत्र विकसित करना है जो देश के विकास में भी योगदान करे- सिर्फ़ हीरों की खुदाई करके बेचने के बजाय."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार