'ज़्यादा ख़राब' हैं फ़ुकुशिमा में हालात

फुकुशिमा परमाणु संयंत्र

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र में रेडियोधर्मी पानी के रिसाव की घटनाएँ हालात की भयावह तस्वीर पेश कर रही हैं.

परमाणु ऊर्जा मामलों के एक जानकार ने बीबीसी से कहा है कि फ़ुकुशिमा रिएक्टर से हुई लीक के बारे में अधिकारी जो कुछ कह रहे हैं, हालात उससे कहीं ज्यादा गंभीर हो सकते हैं.

माइकल श्नाइडर पेशे से एक स्वतंत्र सलाहकार हैं और इससे पहले वे फ़्रांस और जर्मनी की सरकारों को परमाणु मामलों पर सलाह दे चुके हैं.

उन्होंने कहा है कि संयंत्र के पास सभी जगहों पर पानी का रिसाव हो रहा है और विकिरण को लेकर कोई स्पष्ट आँकड़े उपलब्ध नहीं हैं.

फ़ुकुशिमा मानव निर्मित त्रासदी

इस बीच जापान की परमाणु नियामक संस्था के चेयरमैन ने रिसाव की और घटनाओं को लेकर आशंका जाहिर की है.

फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र को लेकर जारी संकट पिछले दिन और अधिक बढ़ गया है.

ख़ासकर तब जब कि टोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (टेप्को) के यह स्वीकार किया कि संयंत्र के पास रेडियोधर्मी पानी की तकरीबन 300 टन की मात्रा एक टैंक से रिस गई थी.

संकट के क्षण

जापान में परमाणु ऊर्जा की नियामक संस्था ने दुर्घटनाओं की गंभीरता का अनुमान लगाने वाले पैमाने के स्तर को एक से बढ़ाकर तीन कर दिया है.

यह एक तरह से इस बात को स्वीकार करने जैसा था कि 2011 में हुए हादसे के बाद फ़ुकुशिमा परमाणु संयंत्र अपने भीषण संकट से गुज़र रहा है.

क्या हुआ था फ़ुकुशिमा में?

लेकिन परमाणु मामलों के कुछ जानकार पानी की उस विशाल मात्रा को लेकर आशंकित हैं जिनका इस्तेमाल परमाणु भठ्ठियों को ठंडा करने के काम में होता था.

इस रेडियोधर्मी पानी को ठंडा करने के लिए तकरीबन एक हज़ार टैंक बनाए गए थे लेकिन माना जाता है कि यह उनकी क्षमता का 85 फीसदी ही है और वहाँ हर रोज़ 400 टन अतिरिक्त पानी जमा हो रहा है.

इस मुद्दे पर कई देशों और संगठनों को सलाह दे चुके माइकल श्नाइडर कहते हैं, "पानी की जिस मात्रा से उन्हें निपटना है वह यकीनन विशाल है."

परमाणु उद्दोग

उन्होंने कहा, "सबसे ख़राब बात तो यह है कि पानी का रिसाव न केवल टैंकों से बल्कि हर जगह से हो रहा है. यह बेसमेंट से रिस रहा है. तमाम जगहों पर मौजूद दरारों से यह रिसाव जारी है. कोई इसे माप नहीं सकता है."

माइकल श्नाइडर दुनिया भर के परमाणु उद्योग पर एक रिपोर्ट तैयार कर चुके हैं.

जापान फिर खोलेगा परमाणु रिएक्टर

वह कहते हैं, "हालात कहीं ज्यादा ख़राब हैं जितना कि हम सोच रहे थे. "

एक संवाददाता सम्मेलन में जापान की परमाणु नियामक संस्था के मुखिया शुनिची तनाका ने जो कहा उससे शिनेडर की चिंताओं को बल मिलता है.

इस संवाददाता सम्मेलन में शुनिची तनाका ने कहा, "हमें यह मान लेना चाहिए कि जो कुछ हुआ है वह दोबारा भी हो सकता है. हमें ऐसी घटनाओं के दोहराव के लिए तैयार रहना है. हम ऐसे हालात का सामना कर रहे हैं जहाँ हमारे पास बर्बाद करने के लिए बिलकुल ही समय नहीं है."

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