रूस ने कहा रासायनिक हमला विद्रोहियों ने किया

  • 23 अगस्त 2013
सीरिया रासायनिक हमला
Image caption बुधवार को हुए हमले में सैकड़ों लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है.

रूस ने कहा है कि ऐसे सबूत सामने आ रहे हैं कि दमिश्क के गूटा में जो रासायनिक हमला हुआ था वो विद्रोहियों ने किया.

सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के क़रीबी समझे जाने वाले मुल्क रूस ने आग्रह किया है कि वो हमले की जांच में संयुक्त राष्ट्र टीम की मदद करें.

उधर अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि बुधवार को हुए हमले में रासायनिक हथियारों का कथित रूप से इस्तेमाल बड़ी चिंता का विषय है.

हालांकि उन्होंने कहा कि अमरीका अब भी इसकी पुष्टि करने की कोशिश कर रहा है कि क्या वाक़ई इन हथियारों का इस्तेमाल हुआ या नहीं लेकिन अगर ये बात सही पाई गई तो उन हालात में अमरीका को ध्यान देना होगा.

जांच दल

पहले के तीन हमलों की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र का एक दल रविवार को सीरिया पहुंचा.

इस दल को एक समझौते के तहत सीरिया की सरकार से उत्तरी शहर खान अल-असल जाने की इजाज़त मिली है जहां मार्च में 26 लोगों की मौत हो गई थी.

बुधवार को सीरिया की राजधानी दमिश्क के पास के इलाक़े गूटा में कथित तौर पर रासायनिक हथियारों से हमला हुआ.

बशर अल-असद की हुकूमत के खिलाफ़ पिछले 28-माह से विद्रोह में शामिल हुए गुटों का कहना है कि ये हमला फौज ने किया है.

Image caption लड़ाई की वजह से 10 लाख बच्चे बेधर हो गए हैं.

जबकि सीरिया सरकार के सलाहकार बसाम अबु अब्दुल्लाह ने बीबीसी से कहा है कि हमला उन आतंकवादी गुटों का कारनामा है.

बल प्रयोग

उन्होंने कहा कि ये फौज की कार्रवाई को रोकने के लिए किया गया है.

अबु अब्दुल्लाह का कहना था कि संयुक्त राष्ट्र की टीम को गूटा जाने की इज़ाज़त प्रशासन से हासिल करनी होगी.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सीरिया में जारी हिंसा को लेकर जो चिंता पहले से बनी हुई थी वो कथित रासायनिक हमले के बाद और तेज़ हो गई है.

फ्रांस ने तो सीरिया के खिलाफ़ ताक़त के इस्तेमाल की बात तक कह दी.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि ब्रिटेन की सरकार ये मानती है कि राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार इस हमले के लिए ज़िम्मेदार है.

दूत

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने सीरिया की सरकार को जांच के लिए राजी करने को अपने एक विशेष अधिकारी को वहां भेजा है.

अपुष्ट वीडियो फुटेज में बुधवार के कथित हमले में कई लोगों को मृत दिखाया गया है, जिनमें कई बच्चे हैं. साथ ही उन लोगों को भी दिखाया गया है, जो इस कथित हमले के दुष्प्रभाव झेल रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी और यूनिसेफ ने कहा है कि सीरिया से पलायन करने वाले बच्चों की संख्या 10 लाख तक पहुँच गई है.

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों ने इस स्थिति को काफ़ी शर्मनाक बताया है.

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