सीरिया: अंधेरे में 10 लाख बच्चों का भविष्य

  • 23 अगस्त 2013
सीरिया के शरणार्थी बच्चे
Image caption तुर्की के एक कैंप में सीरिया के शरणार्थी बच्चे

संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों का कहना है कि सीरिया में संघर्ष के कारण पलायन करने वाले बच्चों की संख्या 10 लाख तक पहुँच गई है. एजेंसियों ने इन आँकड़ों को काफ़ी शर्मनाक बताया है.

संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी और यूनिसेफ़ का कहना है कि दो लाख अन्य बच्चे अपने देश में ही बेघर हैं.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून के मुताबिक़ सीरिया के संघर्ष में अभी तक एक लाख लोगों की जान जा चुकी है. उन्होंने हाल ही में दमिश्क में कथित रूप से हुए रासायनिक हमले की तुरंत जाँच कराने की मांग भी की है.

सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमले में मारे गए आम नागरिकों में बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं.

बुधवार को हुए सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए. सीरिया पर पहले से भी रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं.

अंधेरे में बच्चों का भविष्य

संयुक्त राष्ट्र का कहना है, "सीरिया से पलायन करने वाले लोगों में से आधे बच्चे हैं. इनमें से तीन चौथाई बच्चों की उम्र 11 साल से भी कम है."

संयुक्त राष्ट्र के शरणार्थी मामलों के उच्चायुक्त एंटोनियो गुटेर्स ने कहा, " सीरिया के युवा अपना घर, परिवार और भविष्य खो रहे हैं. सीरिया की सीमा से बाहर आने के बाद भी बच्चे बहुत परेशान और चिंतित है और उन्हें उम्मीद की ज़रूरत है."

अधिकांश शरणार्थी बच्चे लेबनान, जार्डन, तुर्की, इराक़ और मिस्र पहुंच गए हैं. सीरिया से बड़ी संख्या में लोग देश छोड़कर उत्तरी अफ्रीका और यूरोप की ओर जा रहे हैं.

संयुक्त राष्ट्र की दो संस्थाओं का कहना है, "वे शरणार्थियों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. उनको अपनी ज़रूरत की केवल 40 प्रतिशत की आर्थिक सहायता मिल रही है. सीरिया में केवल एक लाख 18 हज़ार बच्चे किसी तरह से अपनी शिक्षा जारी रख पा रहे हैं. उनमें से केवल पाँच फ़ीसदी बच्चों को मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा मिल सकी है."

डरे हुए और चिंतित बच्चे

जिनेवा में मौजूद बीबीसी संवाददाता इमोजेन फोक्स कहते हैं कि वहां काम करने वाली संस्थाएं चेतावनी दे रही हैं कि बच्चों की यह पीढ़ी भविष्य में अपने देश में शांति और स्थिरता लाने में विफल रहेगी.

Image caption ज़ात्री शरणार्थी कैंप में सीरिया के बच्चे

यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक एंथोनी लेक कहते हैं,"यह हम सभी के लिए शर्मनाक है क्योंकि हम सीरिया में संघर्ष से प्रभावित लोगों की परेशानियों को कम करने के लिए काम कर रहे हैं, बच्चों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने में वैश्विक समुदाय विफल रहा है." वे आगे कहते हैं, "हमें रुककर ख़ुद से पूछना चाहिए कि आख़िर कब तक हम सीरिया के बच्चों की मदद में विफल रहेंगे."

सेव द चिल्ड्रेन के क्षेत्रीय निदेशक, रोजर हियर्न कहते हैं, "यह बहुत डरावना है कि सारी दुनिया देख रही है और 10 लाख बच्चों को उनके अपने देश से बाहर जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, वे डरे हुए और चिंतित हैं. एक तरीके से अनाथ."

सबसे बड़ी शरणार्थी समस्या

संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक़, "सीरिया के संघर्ष के बाद पिछले बीस सालों में, 1994 में रवांडा के नरसंहार के बाद सबसे बड़ी शरणार्थी समस्या उत्पन्न हो गई है."

उसके अनुसार, 2011 में राष्ट्रपति असद के सत्ता संभालने के बाद से अब तक 17 लाख लोगों ने शरणार्थी के रूप में अपना नाम दर्ज कराया है.

एक सप्ताह से सीरिया में जारी संघर्ष के दौरान चालीस हज़ार से ज़्यादा लोग इराक की कुर्दिस्तान सीमा की ओर पहुंच गए हैं.

सीरया में कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल पर बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा, "किसी भी परिस्थिति में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय क़ानून का उल्लंघन है. मानवता के ख़िलाफ़ इस तरह का अपराध करने वाले को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे."

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