बो शिलाई ने अपने सहयोगी को झूठा और धोख़ेबाज़ कहा

बो शिलाई

रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और सत्ता के दुरुपयोग के आरोपों का सामना कर रहे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व ताकतवर नेता बो शिलाई ने अब अपने पूर्व सहयोगी पर निशाना साधा है.

मामले की सुनवाई को चौथे दिन बो शिलाई ने चोंगकिंग शहर के पूर्व पुलिस चीफ़ वांग लिजुन को झूठा और धोख़ेबाज़ बताया. वांग लिजुन ने बो शिलाई के ख़िलाफ़ गवाही दी है.

इससे पहले मुक़दमे की सुनवाई के तीसरे दिन उन्होंने स्वीकार किया था कि उन्होंने सार्वजनिक धन के इस्तेमाल में लापरवाही बरती थी.

हालांकि बो खुद पर लगे घोटाले के तमाम आरोपों को नकारते रहे हैं.

उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी पत्नी गू काईलाई ने पैसे लिए थे और इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी. हालाँकि उन्होंने ऐसा होने से न रोक पाने की जिम्मेदारी ली और अदालत से कहा कि, 'मैं इसके लिए शर्मिंदा हूँ.'

सुनवाई को दौरान बो ने स्वयं पर घोटाले के आरोप लगाने वाले एक अन्य पूर्व सहयोगी का मज़ाक भी बनाया.

कम्युनिस्ट पार्टी के मशहूर मुक़दमे

बेबुनियाद गवाही

उन्होंने कहा कि वांग झेंगगेंग की गवाही बेबुनियाद है क्योंकि कोई बेवकूफ़ ही होगा जो किसी गवाह के सामने रिश्वत के बारे में चर्चा करेगा.

चीन के सबसे ताकतवर राजनेताओं में से एक बो के ख़िलाफ़ मुक़दमे की सुनवाई अब सोमवार तक के लिए टाल दी गई है.

Image caption इस मामले पर पत्रकार भी नज़र बनाए हुए हैं.

इस मुक़दमे पर पूरे चीन की नजर है और लोग इससे जुड़ी ख़बरों में गहरी दिलचस्पी ले रहे हैं.

भ्रष्टाचार के अलावा उन पर एक ब्रितानी व्यापारी की हत्या की दोषी पाई गई अपनी पत्नी को बचाने के लिए पद के दुरुपयोग का भी आरोप लगा है.

चीन मामलों के ज्यादातर विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मुकदमे का नतीजा पहले से तय है और बो शिलाई को दोषी करार दिया जाएगा.

अदालत में विदेशी मीडिया के प्रवेश पर पाबंदी है लेकिन चीन के पूर्वी शहर जिनान स्थित अदालत से चीन की माइक्रो ब्लॉगिंग वेबसाइट वाइबो पर मामले की सुनवाई के दौरान लगातार अपडेट पोस्ट किए जा रहे हैं.

चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ अखबारों की मुहिम

कड़ी सुरक्षा

पिछले 18 महीनों से सार्वजनिक जीवन से अनुपस्थित बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी में तेज़ी से उभरते शक्तिशाली नेता के तौर पर देखा जाता था. 64 वर्षीय बो पार्टी की चोंगकिंग इकाई के प्रमुख थे.

उन्हें चीन की पोलित ब्यूरो स्टैंडिंग कमेटी में शामिल किए जा सकने वाले संभावित उम्मीदवारों में गिना जाता था. सात सदस्यों वाली यह कमेटी चीन की सबसे ताकवर राजनीतिक संस्था है.

बो के ख़िलाफ़ चल रहे मामले के राजनीतिक परिणाम भी हो सकते हैं और चीनी प्रशासन किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए कमर कस रहा है.

कोर्ट के आसपास के इलाके में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शनों से निपटा जा सके.

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार