छह लाख से अधिक फेसबुक यूजर्स को मिलेगा मुआवज़ा

  • 29 अगस्त 2013
Image caption फेसबुक ने स्पॉन्सर्ड स्टोरीज में 15 करोड़ यूजर्स की जानकारियां इस्तेमाल की थी.

सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर दिखाए गए विज्ञापनों में जिन 6,14,000 यूजर्स की निजी जानकारियों का इस्तेमाल किया गया था, उन सभी यूजर्स को कंपनी 15-15 डॉलर यानि करीब 900-900 रुपए का मुआवज़ा देगी.

स्पॉन्सर्ड स्टोरीज में करीब 15 करोड़ यूजर्स के नामों और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था, लेकिन इस साल के शुरू में इनमें से जिन लोगों ने इस वेबसाइट की तरफ से मिले एक ई-मेल का जवाब दिया, केवल उन्हें ही मुआवज़ा मिलेगा.

समझौता कराने के लिए गोपनीय संगठनों को दो करोड़ डॉलर दिया जाएगा.

फेसबुक का प्रतिक्रिया देने से इंकार

इस मामले में फेसबुक ने बीबीसी को प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया.

साल 2011 में पांच यूजर्स की ओर से फेसबुक के खिलाफ़ दाखिल एक याचिका को लेकर हुए समझौते को सोमवार को एक अमरीकी अदालत ने मंजूरी दे दी.

याचिका दाखिल करने वाले समूह ने कहा था कि फेसबुक के स्पॉन्सर स्टोरी प्रोग्राम के तहत उत्पादों और सेवाओं को प्रोमोट करने के लिए उनकी निजी जानकारियों को इस्तेमाल किया जा रहा था.

इसके लिए उनको न तो कोई भुगतान किया गया और न ही अस्वीकार करने का ही विकल्प दिया गया.

एक टेलर के विज्ञापन वाली प्रायोजित कहानी यूजर्स के फेसबुक पेज पर दिखती था. विज्ञापन में कहा गया था कि यूजर्स के दोस्त ने प्रोडक्ट को इंडोर्स्ड या लाइक्ड किया है.

कोई नुकसान नहीं हुआ

Image caption याचिका दाखिल करने वाले ये साबित नहीं कर पाए कि इन विज्ञापनों से उनको कोई नुकसान हुआ है.

अमरीकी जिला अदालत के जज रिचर्ड सीबोर्ग ने यह स्वीकार किया कि 15 डॉलर का मुआवज़ा वैसे तो बहुत कम है लेकिन इस मामले में यह साबित नहीं हो रहा कि फेसबुक ने निर्विवाद रूप से नियमों की अनदेखी की है.

उन्होंने कहा कि याचिका दाखिल करने वाले यह साबित नहीं कर पाए हैं कि उनको किसी तरह का नुकसान हुआ.

अदालत ने अनुमान लगाया कि फेसबुक ने स्पॉन्सर्ड स्टोरीज में 15 करोड़ यूजर्स की जानकारियों को शामिल कर 7.3 करोड़ डॉलर की कमाई की.

इस समझौते के अनुसार फेसबुक को ''स्टेटमेंट ऑफ राइट्स'' में बदलाव करने के अलावा यूजर्स को ज्यादा जानकारी और उनकी निजी जानकारियों के इस्तेमाल को लेकर उनको ज्यादा नियंत्रण देना होगा.

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