'ईरान ने बढ़ाई है परमाणु ताक़त'

Image caption कथित तौर पर ईरान अराक रिएक्टर के लिए परमाणु ईंधन बना रहा है.

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ ईरान ने अपनी यूरेनियम संवर्धन क्षमता में काफ़ी इज़ाफ़ा कर लिया है.

एजेंसी का कहना है कि ईरान ने अपने नातांज़ यूरेनियम संवर्धन प्लांट में 1000 से ज़्यादा आधुनिक सेंट्रीफ्यूज लगा लिए हैं.

ये रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब ईरान के साथ 27 सितंबर को वार्ता होने वाली है. राष्ट्रपति हसन रूहानी के सत्ता संभालने के बाद यह पहला मौक़ा है जब ईरान से इस मसले पर बातचीत होनी है.

पश्चिमी देशों कहना है कि ईरान इस संवर्धन कार्यक्रम की आड़ में परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है हालांकि वह इससे इंकार करता रहा है.

आईएईए की तिमाही रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज़्यादा संवेदनशील परमाणु सामग्री यानी 20 प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम के उत्पादन में ज़्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है.

चिंताएं

Image caption आईएईए की नई रिपोर्ट में एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंताएं ज़ाहिर की हैं.

हालांकि रिपोर्ट कहती है कि मई में जहां नातांज़ प्लांट में लगे सेंट्रीफ्यूज की संख्या 700 थी वह अब बढ़कर 1008 तक पहुंच चुकी है.

इसमें यह भी कहा गया है कि इस इस्लामिक देश ने अराक हैवी वॉटर रिसर्च रिएक्टर के लिए परमाणु ईंधन बनाने का काम भी शुरू कर दिया है हालांकि इस रिएक्टर को लगाने का काम अगले साल की पहली तिमाही से आगे बढ़ा दिया गया है.

रिपोर्ट ने एक बार फिर पार्चिन के बारे में चिंताएं ज़ाहिर की है जिसका पूरी तरह मुआयना नहीं किया जा सका था.ऐसा शक़ है कि ईरान यहां पर परमाणु हथियार बनाने की सुविधाएं विकसित कर रहा है.

ये भी कहा गया है कि एजेंसी को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अनसुलझे सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं.

हालांकि राष्ट्रपति हसन रूहानी ने पश्चिमी देशों के साथ गंभीरता से वार्ता करने का वचन किया है ताकि चिंताएं और विवादास्पद परमाण कार्यक्रम के चलते ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जाए.

कोई प्रगति नहीं

विश्लेषकों का कहना है कि ज़्यादातर अत्याधुनिक तकनीकी विकास रूहानी के सत्ता संभालने से पहले हो चुका होगा.

संयुक्त राष्ट्र ईरान पर कई प्रतिबंध लगा चुका है औऱ सुरक्षा परिषद ने कई बार प्रस्ताव पारित कर ईरान से अपना संवर्धन कार्यक्रम बंद करने को कहा है.

ईरान ने इस दबाव के आगे झुकने की बजाय हर बार यही कहा है कि उसका कार्यक्रम बिजली घरों और अन्य शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है.

ईरान में यूरेनियम संवर्धन के लिए 18 हज़ार सेंट्रीफ्यूज पहले से ही चल रहे हैं हालांकि ये पुरानी तकनीक वाले हैं.

जून में हुए राष्ट्रपति चुनावों के चलते ईरान औऱ आईएईए के बीच बातचीत रूक गई थी.

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