फिर हैक हुई न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट

दी न्यूयार्क टाइम्स का दफ़्तर
Image caption इस साल जनवरी में भी इस अख़बार पर हैकरों ने हमला किया था

इस महीने में दूसरी बार हैक किए जाने के बाद अमरीकी अख़बार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की वेबसाइट को ऑफलाइन कर दिया गया है.

कंपनी ने इसे दुर्भावनापूर्ण तरीके से किया गया ख़तरनाक हमला बताया है.

अपने फ़ेसबुक पन्ने पर अख़बार ने कहा है कि इस समस्या के समाधान पर काम चल रहा है. अख़बार के मुताबिक़ समस्या की शुरुआत मंगलवार को स्थानीय समयानुसार तीन बजे दिन में हुई.

एक तकनीकी ख़राबी की वजह से न्यूयॉर्क टाइम्स की वेबसाइट 14 अगस्त को भी ऑफलाइन कर दी गई थी.

असद पर शक

विश्लेषकों का कहना है कि सबूतों से पता चलता है कि इस साइबर हमले के पीछे सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के समर्थकों का हाथ है.

हमले के क़रीब तीन घंटे बाद वेबसाइट को आंशिक रूप से ऑनलाइन कर दिया गया, हालांकि इसके बाद भी कुछ पाठकों ने समस्याएं आने की बात कही.

इस दौरान न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपने फेसबुक पेज और एक मिरर साइट पर अपनी ख़बरें और लेख प्रकाशित किए.

कंपनी के मुख्य सूचना अधिकारी मार्क फ्रांस ने कंपनी के कर्मचारियों को सचेत करते हुए बताया है कि हमला सीरियन इलेक्ट्रानिक आर्मी ने किया है. यह संगठन सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद का समर्थक है.

इस समस्या का समाधान होने तक उन्होंने कर्मचारियों को ईमेल भेजने के दौरान सावधान रहने को कहा है.

रूसी आईपी ऐड्रेस

सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि इस बात के पर्याप्त साक्ष्य हैं कि इस समस्या के पीछे हैकिंग करने वाले संगठनों का हाथ है.

ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी ट्रिपवायर के शोधकर्ता केन वेस्टिन ने बीबीसी से कहा,'' दि एनवाईटाइम्स डॉट कॉम खोलने पर सीरियन इलेक्ट्रानिक आर्मी डॉट कॉम खुल रहा है, इसका आईपी ऐड्रेस रूस का संकेत कर रहा है, इसलिए यह साफ़तौर पर दुर्भावनापूर्ण हमला है.''

मंगलवार को पोस्ट किए गए एक दूसरे संदेश में इस समूह ने माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर के एक हिस्से को भी हैक करने का दावा किया.

इस समूह ने अभी हाल में वॉशिंगटन पोस्ट, सीएनएन और टाइम्स मैगज़ीन की वेबसाइट पर किए गए हमले के लिए अपने सदस्यों को जिम्मेदार ठहराया.

'न्यूयॉर्क टाइम्स' पर पहली बार हुए हमले के बाद उसके प्रतिद्वंदी 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने अपनी साइट पर भुगतान के बाद उपलब्ध कराई जाने वाली सामग्री को सभी पाठकों को मुफ्त में देना शुरू कर दिया था.

इस साल जनवरी में भी न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा था कि चीन के तत्कालीन प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के परिवार की संपत्ति के बारे में खबर प्रकाशित किए जाने के बाद हैकर्स ने 53 कर्मचारियों के पासवर्ड चुरा लिए थे.

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