सीरिया पर ओबामा और कैमरन के बीच बातचीत

Image caption पश्चिमी देश सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप पर विचार कर रहे हैं

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन इस बात पर सहमत हैं कि पिछले हफ्ते सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया.

दोनों नेताओं में इस बात पर भी सहमति है कि इसके लिए सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार जिम्मेदार थी.

डेविड कैमरन के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया पर विचार करने के लिए मंगलवार की रात फोन पर बात की, हालांकि क्या कार्रवाई करनी है, इस बारे में कोई निर्णय नहीं किया गया है.

अमरीका ने अभी तक हमलों पर अपनी खुफिया रिपोर्ट जारी नहीं की है लेकिन अमरीकी मीडिया में प्रकाशित खबरों के मुताबिक सीरियाई रक्षा अधिकारियों में फोन पर हुई बातचीत से मिली जानकारी के आधार पर उनकी जिम्मेदारी तय की गई है.

अमरीका के उप-राष्ट्रपति जो बिडेन ने कहा है कि इसमें कोई "संदेह नहीं" है कि सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया और निश्चित रूप से उसे इसके लिए जिम्मेदार ठहराना चाहिए.

सीरिया का इनकार

सीरियाई सरकार ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के दावों को सिरे से नकार दिया है.

संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षक पिछले हफ्ते दमिश्क के पास हुए संदिग्ध हमले के बाद एक बार फिर मौके पर वापस लौटने के लिए तैयार हैं.

इस बीच अमरीका ने कहा है कि इस घटना पर वह अपनी खुफिया रिपोर्ट जारी करेगा.

बताया जा रहा है कि रासायनिक हथियारों के कथित हमलों में 300 से अधिक लोगों की मौत हुई है.

सेना तैयार

Image caption सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों ने अस्पताल में भर्ती लोगों की जांच की है.

इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा था कि अगर राष्ट्रपति बराक ओबामा हमले का आदेश देते हैं तो अमरीकी सेनाएं सीरिया पर हमले के लिए तैयार हैं.

उन्होंने बीबीसी को बताया, “हमने साजो-सामान उचित जगह पर पहुंचा दिया है ताकि जो भी फैसला राष्ट्रपति लें, उस पर अमल किया जा सके.”

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी कह चुके हैं कि इस बात के 'अकाट्य' सबूत हैं कि सीरिया ने रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल किया.

उधर, सीरिया के विदेश मंत्री वालिद मुआलेम ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि दुनिया का कोई भी देश अपने ही नागरिकों पर जनसंहार हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता.

विनाशकारी नतीजे

इस बीच सीरिया के संकट पर चर्चा करने के लिए ब्रितानी संसद का सत्र बुलाया जा रहा है.

ब्रिटेन रासायनिक हमले के बाद वहां सैन्य कार्रवाई पर विचार कर रहा है.

इससे पहले रूस ने कहा कि सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप का नतीजा क्षेत्र के लिए 'विनाशकारी' हो सकता है.

पिछले सप्ताह सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमले के बाद अमरीका सैन्य विकल्प पर विचार कर रहा है.

बंटी हुई सुरक्षा परिषद

Image caption सीरिया में कथित रासायनिक हमलों में 300 से अधिक लोगों के मारे जाने की खबर है.

उधर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के मुद्दे पर स्पष्ट मतभेद बरकरार हैं. रूस और चीन, दोनों ही सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप का विरोध कर रहे हैं जबकि ब्रिटेन और फ्रांस चेतावनी दे रहे हैं कि अगर 'मानवीय जरूरत आन पड़ी' तो संयुक्त राष्ट्र की अनदेखी की जा सकती है.

लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि ऐसे कोई संकेत नहीं है कि ऐसा कोई हमला हुआ या फिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि सीरिया में मार्च 2011 में राष्ट्रपति बशर अल असद के खिलाफ शुरू हुए विद्रोह में अब तक एक लाख से ज्यादा लोग मारे गए हैं.

लेकिन पिछले हफ्ते कथित रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल के बाद अंतरराष्ट्रीय बिरादरी सीरिया के मुद्दे पर खास तौर से सक्रिय हो गई है. सीरियाई विपक्ष का कहना है कि इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए.

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