सीरिया: सैन्य कार्रवाई का मसौदा सुरक्षा परिषद में पेश

ब्रिटेन ने सीरिया में 'नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम' से संबंधित मसौदा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश कर दिया है.

इस मसौदे में सैन्य कार्रवाई की मांग की गई है. ब्रिटेन का कहना है कि रासायनिक हमले को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता.

इससे पहले, ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए कहा था कि यह मसौदा सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य देशों की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री विलियम हेग ने कहा है कि अगर संयुक्त राष्ट्र में सहमति ना भी बने तब भी सीरियाई सरकार के ख़िलाफ़ कार्रवाई करना अंतरर्राष्ट्रीय समुदाय की ज़िम्मेदारी है.

उन्होने कहा कि पिछले हफ़्ते दमिश्क के नज़दीक हुए रासायनिक हमले की निंदा करते हुए ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों के सामने प्रस्ताव रखा है जिस पर विचार विमर्श चल रहा है.

डेविड कैमरन ने कहा, 'हमने हमेशा इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीरिया संबंधी दायित्व पूरे करे.

उनका कहना था कि यह मसौदा सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार की ओर से रासायनिक हमले की निंदा करता है.

उधर अमरीकी प्रशासन का कहना है कि जिस सैन्य कार्यवाई पर विचार किया जा रहा है वो एक दिन में ख़त्म नहीं होगी.

व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ प्रवक्ता ने कहा है कि किसी भी अभियान के पूर्वानुमानित नतीजों पर ग़ौर किया जा रहा है

लेकिन सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्य रुस का कहना है कि किसी भी प्रस्ताव पर चर्चा से पहले संयुक्त राष्ट्र को रासायनिक हमले की जाँच पूरी करनी चाहिए.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा था रासायनिक हमला अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है, लेकिन उनका यह भी कहना था कि संयुक्त राष्ट्र रासायनिक हमलों की जाँच का काम पूरा करने के लिए चार दिन का समय लगेगा.

सीरिया का इनकार

इस बीच, सीरिया के प्रधानमंत्री ने सरकारी टेलीविज़न पर कहा कि अमरीका से लेकर पश्चिमी देश सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप के लिए मनगढ़ंत कहानियाँ बना रहे हैं.

सीरिया के विदेश मंत्री वालिद मुआलेम ने रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल से जुड़े आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि दुनिया का कोई भी देश अपने ही नागरिकों पर जनसंहार हथियारों का इस्तेमाल नहीं कर सकता.

इधर सीरिया की राजधानी दमिश्क में हमले के ख़तरे के मद्देनज़र लोग बचने की तैयारियों में जुटे हैं. बुनियादी ज़रूरतों का सामान लेकर लोग हमले के संभावित स्थानों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश कर रहे हैं.

बैंकों में पैसे निकालने वाले लोगों की भीड़ जमा हो गई है. सड़कों पर राष्ट्रीय गीत के धुन बजाती हुई गाड़ियां देखी जा सकती हैं औऱ पत्थरों को सीरियाई राष्ट्रीय ध्वज के रंग में रंग दिया गया है.

संयुक्त राष्ट्र संघ

Image caption सीरिया में संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों ने अस्पताल में भर्ती लोगों की जांच की है.

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के दूत लखदर ब्राहिमी ने कहा है कि सीरिया में हुए कथित रासायनिक हमले के ख़िलाफ़ कोई भी सैन्य कार्यवाई केवल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सहमित के बाद ही हो सकती है.

ब्राहिमी ने जिनेवा में कहा कि अगर अमरीका या रूस के पास इस बात के सुबूत हैं कि ये हमला किसने किया तो उन्हें संयुक्त राष्ट्र को देना चाहिए.

इससे पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा था कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का भयानक उल्लंघन होगा लेकिन संयुक्त राष्ट्र जांच दल को अपना काम पूरा करने के लिए वक्त की ज़रूरत है.

दमिश्क में जांच दल का काम फिर से शुरू हो गया है जबकि मंगलवार को इसे सुरक्षा कारणों से रोक दिया गया था

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