रेप मामले में अमरीकी जज के बयान पर बवाल

Image caption इस बयान के बाद टोड बौ पर इस्तीफ़ा देने का दवाब बढ़ गया है

भारत में रेप के मामलों में राजनेताओं और जाने-माने लोगों के विवादास्पद बयानों का आना कोई नयी बात नहीं है, लेकिन अब अमरीका में भी रेप के मामले में एक जज के विवादास्पद बयान ने तूल पकड़ लिया है.

अमरीका के मोंटाना में एक चौदह वर्षीय रेप पीड़ित लड़की के मामले की सुनवाई करते हुए एक न्यायाधीश ने बयान दिया था कि '' स्थितियाँ उस लड़की के नियंत्रण में थीं और वह अपनी वास्तविक उम्र से ज़्यादा थी."

इस बयान के बाद से उन पर इस्तीफ़ा देने का दवाब बढ़ गया है.

पीड़िता की माँ का कहना था कि उसकी उम्र तो ड्राइविंग लाइसेंस हासिल करने की भी नहीं थी.

तीन साल पहले आत्महत्या कर लेने वाली पीड़ित लड़की की माँ भी इस बयान के बाद से गुस्से में है.

71 वर्षीय जज टोड बौ ने बाद में अपने इस बयान को बेवकूफी भरा और ग़लत बताया था. उन्होंने कहा कि वो कहना कुछ और चाहते थे.

गुरुवार को यलोस्टोन काउंटी कोर्ट के सामने सैकड़ों लोगों ने उनके इस्तीफ़े की माँग करते हुए प्रदर्शन किया. उनके इस्तीफ़े की माँग के लिए एक याचिका भी दाखिल की गयी है.

यह मामला 2008 में उस समय सामने आया था जब 54 वर्षीय स्टेसी रम्बोल्ड पर पीड़ित लड़की के बलात्कार के आरोप लगे थे.

पीड़िता चेरिस मोर्ले मोंटाना के बिलिंग्स में हाईस्कूल की छात्रा थी.

उसकी माँ का आरोप है कि 2010 में बलात्कार और उसके बाद होने वाली अवसाद से ग्रस्त होकर उनकी बेटी ने आत्महत्या कर ली थी.

सोमवार को अदालत ने स्टेसी रम्बोल्ड को 15 साल की सज़ा सुनाई.

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