सीरिया मामले में अमरीका के साथ फ्रांस

फ्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसुआ ओलांद
Image caption फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि फ्रांस का मज़बूत कदम उठाने का निश्चय नहीं बदला है.

फ्रांस के राष्ट्रपति ने कहा है कि ब्रितानी सांसदों के सीरिया पर सैन्य हमले के खिलाफ़ वोट देने के बावजूद फ्रांस का मज़बूत कदम उठाने का निश्चय नहीं बदला है.

उधर ब्रितानी संसद की वोट के नतीजे पर प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि उन्हें इस मुद्दे पर अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा से माफ़ी नहीं मांगनी पड़ेगी. कैमरन ने कहा कि संसद जाना, वहाँ मज़बूती से अपनी बात रखना लेकिन संसद की बात सुनना राजनीति का हिस्सा है और उन्हें उम्मीद है कि अमरीकी लोग और राष्ट्रपति ओबामा इस बात को समझेंगे.

इस बीच फ्रांस के राष्ट्रपति फ़्रांसुआ ओलांद ने कहा कि सभी विकल्पों पर विचार हो रहा है और कुछ ही दिनों में हमले की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.

इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्री चक हेगल ने कहा था कि अमरीका संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए सहयोग जुटाने की कोशिश जारी रखेगा.

अमरीका ने सीरिया पर रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया है लेकिन सीरिया इससे इंकार करता है.

दूसरी तरफ जर्मनी ने कहा है कि वो सैन्य हस्तक्षेप में हिस्सा नहीं लेगा.

जर्मनी के विदेश मंत्री गुइडो वेस्टरवेले ने एक जर्मन अख़बार न्यू ओस्नाब्रूकर ज़ाइटुंग को बताया, "हमसे न तो ऐसा सहयोग मांगा गया है और न ही इस पर विचार हो रहा है."

उधर सीरिया के सहयोगी देश रूस ने ब्रिटेन में सैन्य हमले का प्रस्ताव रद्द होने का स्वागत किया है.

हमले से इनकार नहीं

फ्रांसीसी अख़बार ले मॉन्द को दिए एक साक्षात्कार में ओलांद ने कहा कि सीरियाई सरकार के खिलाफ़ कार्रवाई के लिए उनके समर्थन पर ब्रितानी वोट से कोई फ़र्क नहीं पड़ा है.

उन्होंने कहा, "हर देश संप्रभु है कि कार्रवाई में हिस्सा ले या न ले. ये बात ब्रिटेन के लिए भी उतनी सही है जितनी फ्रांस के लिए."

फ्रांसुआ ओलांद ने कहा कि अगर संयुक्त राष्ट्र इसलिए कदम नहीं उठा सकता क्योंकि उसके दो स्थायी सदस्यों-रूस और चीन-इसके खिलाफ़ हैं तो एक गठबंधन बनाया जाएगा जिसमें अरब लीग और यूरोपीय देश शामिल होंगे.

राष्ट्रपति ने कहा, "लेकिन कुछ देशों में इतनी क्षमता है कि वो सही कदम उठा कर प्रतिबंध लागू करा सकें. फ्रांस उन देशों में शामिल होगा. फ्रांस इसके लिए तैयार है."

उन्होंने ये भी कहा कि जहां सभी विकल्पों पर विचार किया जाएगा, वहीं कोई भी फैसला तब तक नहीं लिया जाएगा जब तक इसके लिए न्यायोचित कारण न हों.

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने सीरिया में संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं की मौजूदगी तक वहां हमले की संभावना से इनकार किया. लेकिन उन्होंने इस संभावना से इनकार नहीं किया कि अगले बुधवार से पहले हमला हो सकता है. फ्रांसीसी संसद अगले बुधवार को इस मुद्दे पर बहस करेगी.

'ओबामा से माफ़ी नहीं मांगेगे कैमरन

Image caption डेविड कैमरन ने कहा कि वो राष्ट्रपति ओबामा से माफ़ी नहीं मांगेंगे.

इस बीच ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने कहा है कि सीरिया में रासायनिक हथियारों के कथित इस्तेमाल की वजह से ''मज़बूत प्रतिक्रिया'' की ज़रूरत है.

डेविड कैमरन ने ये बात ऐसे समय में कही है जब ब्रितानी सांसदों ने सीरियाई नागरिकों की सुरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई के सिद्धांत के प्रस्ताव को गुरुवार को खारिज कर दिया था.

ब्रितानी संसद की वोट के नतीजे के बावजूद अमरीका ने कहा है वो सीरिया में सैन्य हस्तक्षेप के लिए गठबंधन जुटाने की कोशिश जारी रखेगा.

गुरुवार को ब्रितानी सासंदों ने सीरिया के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई के सिद्धांत को 272 के मुकाबले 285 मतों से खारिज कर दिया था.

संवाददाताओं के मुताबिक इस प्रस्ताव के गिरने को डेविड कैमरन के लिए संभावित झटके के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि विपक्ष की आपत्तियों के चलते वे पहले ही अपने प्रस्ताव में बदलाव कर चुके थे.

रक्षा मंत्री फिलीप हैमंड और कुछ अन्य मंत्रियों ने ऐसे संकेत दिए हैं कि ब्रिटेन के सैन्य हस्तक्षेप से इंकार करने की वजह से अमरीका के साथ उसके रिश्ते ख़राब होंगे.

लेकिन डेविड कैमरन ने कहा कि वो राष्ट्रपति ओबामा से माफ़ी नहीं मांगेंगे.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार