पुरूषों की लंबाई में 11 सेमी का इजाफा: शोध

Image caption विक्टोरिया काल में पुरुषों की औसत लंबाई कम थी

एक ताज़ा अध्ययन के मुताबिक यूरोप के 15 देशों में पिछले 140 सालों में पुरुषों की औसत लंबाई में 11 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है.

ब्रिटेन में 1871 में 21 साल की उम्र के युवकों की औसत लंबाई 167.05 सेंटीमीटर (5 फुट 5 इंच ) थी, जो 1971 में बढ़कर 177.37 सेंटीमीटर (5 फीट 10 इंच) हो गई.

सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक उपयोगी मानक है, लेकिन बेहतर होते समूचे स्वास्थ्य पर नज़र डालना जरूरी है.

ऑक्सफ़र्ड इकोनॉमिक पेपर्स में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए यूरोप के 15 देशों के 1870 से 1980 तक के सैन्य रिकॉर्ड्स और आधुनिक जनसंख्या सर्वेक्षणों का इस्तेमाल किया गया.

अध्ययन में केवल पुरुषों की लंबाई की पड़ताल की गई क्योंकि महिलाओं के बारे में बहुत कम आंकड़े उपलब्ध थे.

अध्यय रिपोर्ट के मुख्य लेखक का कहना है कि लंबाई तय करने में जीन को मुख्य कारक माना जाता है, हालांकि इससे लोगों लोगों की लंबाई में अंतर का पता चलता है, लेकिन उसने इस पेपर में दिखे रुझान के कारणों का पता नहीं चलता है.

बेहतर खाना, ज़्यादा लंबाई

एसेक्स विश्वविद्यालय के प्रोफ़ेसर टीम हैटन का कहना है कि चार-पांच पीढ़ियों के दौरान लंबाई में हुई वृद्धि के लिए पूरी तरह से जीन को ज़िम्मेदार नहीं माना जा सकता.

शोधकर्ताओं का कहना है कि जीवन के पहले दो साल में जो कुछ होता है, उसका लंबाई पर गहरा असर पड़ता है.

बचपन में सांस संबंधी बीमारियों और डायरिया से अधिक पीड़ित रहने का असर लोगों की लंबाई और समग्र विकास पर होता है.

अध्ययन में जिस अवधि पर शोध किया गया है उसमें शिशु मृत्यु दर में भी अहम गिरावट आई है.

इस काल में छोटे परिवारों का चलन बढ़ा जिससे लोगों की जीवन स्तर और खान पान बेहतर होता गया.

Image caption बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार के कारण औसत लंबाई बढ़ी है.

इसके अलावा अधिक आय, ज्यादा सफ़ाई, स्वास्थ्य और पोषण के बारे में बेहतर शिक्षा भी पुरुषों की औसत लंबाई बढ़ाने में सहायक साबित हुई.

विश्व युद्ध और महामंदी

इस अध्ययन में विभिन्न देशों के लोगों की लंबाई के पैटर्न में अंतर भी देखा गया.

ब्रिटेन सहित उत्तरी यूरोप में अनुमान के विपरीत दो विश्व युद्धों और महामंदी के दौर में औसत लंबाई में ख़ासी वृद्धि देखी गई.

प्रोफ़ेसर हैटन का कहना है कि युद्ध के दिनों में पहले मुकाबले अधिक महिलाएं कमाती थीं, जिससे परिवार के सदस्यों को बेहतर भोजन मिलता था.

हालांकि दक्षिणी यूरोप में दूसरे विश्व युद्ध के बाद औसत लंबाई में तेज़ी से वृद्धि दर्ज की गई.

प्रोफ़ेसर हैटन का कहना है कि इन देशों की आय में अच्छी वृद्धि और कुछ सामाजिक कदमों के कारण यह बदलाव देखा गया.

उन्होंने कहा, ''इंसान की लंबाई में वृद्धि औसत जनसंख्या के स्वास्थ्य में सुधार का एक प्रमुख सूचक है.''

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