सीरियाई सरकार ने ही किए रासायनिक हमले: फ्रांस

Image caption पिछले महीने सीरिया में रासायनिक हमलों में सैकड़ों लोग मारे गए थे

फ्रांस के प्रधानमंत्री ने कहा है कि पिछले महीने सीरिया की राजधानी दमिश्क में रासायनिक हमलों के लिए सिर्फ और सिर्फ राष्ट्पति बशर अल असद के नेतृत्व में सीरियाई सेना ही जिम्मेदार है.

संसद में इस बारे में एक रिपोर्ट पेश करते हुए फ्रांस के प्रधानमंत्री जॉ मार्क एरॉल्ट ने कहा कि गत 21 तारीख को सीरिया में विनाशकारी हथियारों का बड़े पैमाने पर प्रयोग हुआ था.

फ्रांसीसी अधिकारियों का दावा है कि सरकार ने इस बारे में जो भी सबूत पेश किए हैं, उन्हें फ्रांसीसी खुफिया विभाग ने जुटाए हैं.

सरकारी सूत्रों का कहना है कि फ्रांसीसी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक सीरिया में पिछले महीने हुए हमलों में एक हजार टन से भी ज्यादा रसायनों का इस्तेमाल हुआ था जिनमें सारिन और मस्टर्ड गैस जैसे खतरनाक रसायन भी शामिल थे.

फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांसवा ओलांड ने सीरिया में सैन्य कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया है लेकिन अमरीका और ब्रिटेन की तरह फ्रांस में भी इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि इसके लिए संसद से अनुमति ली जाए.

फ्रांस में इस मुद्दे पर राष्ट्रीय असेंबली में बुधवार को बहस होनी है लेकिन मतदान होगा या नहीं, ये अभी तय नहीं है.

इस बीच, नैटो महासचिव रासमुसेन ने कहा है कि वो व्यक्तिगत रूप से इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि सीरिया में रासायनिक हमला हुआ है और राष्ट्रपति बशर अल असद की सरकार इसके लिए ज़िम्मेदार है.

उनका कहना है कि इस बारे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया होनी चाहिए.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय

Image caption अमरीका और फ्रांस का कहना है कि हमलों में सारिन गैस का इस्तेमाल किया गया

इस बीच सीरिया को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गतिविधियाँ जारी हैं. अरब लीग के विदेश मंत्रियों ने विश्व समुदाय से सीरिया को रोकने के लिए उसके खिलाफ जरूरी कदम उठाने की अपील की हैं.

लेकिन लेबनान और इराक जैसे कुछ सदस्य देशों ने इस माँग का समर्थन नहीं किया है.

इस इलाके में अमरीका के महत्वपूर्ण सहयोगी जॉर्डन ने भी दमिश्क के खिलाफ काम कर रहे अमरीकी नेतृत्व वाले धड़े में शामिल होने की संभावना से इनकार किया है.

संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञ सीरिया से इकट्ठा किए गए नमूनों की जाँच कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं रासायनिक हथियारों का इस्तेमाल अन्य अवसरों पर तो नहीं किया गया है.

इन सबके बीच सीरिया में लड़ाई अभी भी जारी है. साल 2011 से चल रहे गृहयुद्ध में वहां अब तक एक लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

खबरों में कहा गया है कि सोमवार को भी राजधानी दमिश्क के उत्तर पूर्वी इलाके में कम से कम बीस विद्रोही लड़ाके मारे गए.

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