जोकोविच ने सर्बिया के दिन याद किए , कहा सीरिया पर हमला न हो

  • 2 सितंबर 2013

टेनिस खिलाड़ी आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के बारे में बहुत कम बात करते हैं, लेकिन दुनिया के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी नोवाक जोकोविच और पूर्व नंबर एक खिलाड़ी एना इवानोविच ने युद्ध को लेकर अपने अनुभवों को खुलकर बयाँ किया.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक नोवाक जोकोविच ने सीरिया पर सैन्य कार्रवाई की अमरीकी योजना की आलोचना करते हुए रविवार को कहा कि सीरिया के खिलाफ कोई भी हमला नासमझी भरा और प्रतिकूल होगा.

नोवाक जोकोविच और एना इवानोविच को सर्बिया में स्लोबोदान मिलोसेविच के शासन के खिलाफ हुए नाटो के हमले का दंश झेलना पड़ा था.

जोकोविच का बचपन सर्बिया की राजधानी बेल्ग्रेड में ही बीता है. उन्होंने युद्ध और उसकी विभीषिका को नज़दीक से देखा है.

जोकोविच ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था.

युद्ध से बुरा कुछ नहीं

यूएस ओपेन के तीसरे दौर का मैच जीतने के बाद दुनिया के शीर्ष वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जोकोविच ने अपने बचपन की यादों को ताजा करते हुए सैन्य हमलों के बारे में पत्रकारों से बात की.

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार जोकोविच ने कहा कि, "मैं किसी भी तरह के हथियार, किसी भी तरह के हवाई हमले, मिसाइल हमले के पूरी तरह से खिलाफ हूं."

उन्होंने कहा कि, "मैं हर उस चीज के खिलाफ हूं जो विध्वंसक है क्योंकि ऐसा मेरा निजी अनुभव है. मैं जानता हूं कि इससे किसी का कुछ भी भला नहीं होने वाला है.मेरे और मेरे देशवासियों के जीवन में यह एक ऐसा समय था, जिसके बारे में हम चाहेंगे कि किसी को भी ऐसा अनुभव न हो. युद्ध मानवता के लिए जीवन में सबसे बुरी बात है. वास्तव में कोई नहीं जीतता है."

जोकोविच की उम्र उस समय 12 साल थी, जब नाटो ने सर्बियाई नेता की नस्लीय मुहिम के ख़िलाफ़ 1999 में 78 दिन तक बमबारी की थी.

स्कूल बंद, टेनिस शुरू

उस समय जोकोविच बच्चे थे और ठीक से समझ नहीं पा रहे थे कि क्या हो रहा है. उन्हें इतना याद है कि उन्हें स्कूल नहीं जाना पड़ता था और वह टेनिस को अधिक समय दे सकते थे.

समाचार एजेंसी रायटर्स की रिपोर्ट में जोकोविच बताते हैं कि, "हम पूरा दिन, वास्तव में दो महीने तक हर दिन टेनिस कोर्ट पर ही बिताते थे, जबकि हवाई जहाज हमारे सिर के ऊपर से गुजरते रहते थे."

सीरिया में कथित रासायनिक हमलों के बाद अमरीका वहां सीमित सैन्य कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है.

उन्होंने बताया कि, "हमें इससे कोई दिक्कत नहीं थी, लेकिन बमबारी के एक या दो सप्ताह बाद हम अपनी जान बचाने की कोशिशों में लग गए. हम जो कर सकते थे हमने किया."

जोकविच ने आगे कहा कि, "लेकिन यह हमारे काबू में नहीं था. वास्तव में हम असहाय थे."

एएफपी के मुताबिक जोकोविच ने कहा कि, "उन ढाई महीनों ने हमें मजबूत बनाया. मैं उसके बेहतर पहलू को देखता हूँ. उस समय मैं केवल 12 साल का था. तो मैंने सोचा कि ठीक है, अब हम स्कूल नहीं जा सकते हैं तो हम अधिक टेनिस खेल सकते हैं."

उऩ्होंने बताया कि, "हमने वो सबकुछ किया जो हम कर सकते थे और जो हम करना चाहते थे. हमने अपने बारे में फैसला ज़िंदगी के ऊपर छोड़ दिया था."

कल हो न हो...

दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी रह चुकीं एना इवानोविच ने इससे पहले एक साक्षात्कार में युद्ध को लेकर अपने अनुभवों को बयाँ किया था.

समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक उन्होंने कहा, "मुझे अच्छी तरह से याद है. जब इसकी शुरूआत हुई मैं खेल के मैदान पर थी. कुछ लोग मेरे पास आए और कहा कि क्या तुम्हें पता है, हमने सुना है कि यह आज से शुरू होने वाला है. अच्छा होगा कि तुम घर वापस चले जाओ और अभ्यास रोक दो."

उन्होंने कहा, "वह पहला दिन था, और उसके बाद करीब एक या दो सप्ताह तक हम अभ्यास नहीं कर सके क्योंकि हमें नहीं पता था कि क्या होने वाला है."

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