एक गाँव जिसका अपना मोबाइल नेटवर्क है

  • 5 सितंबर 2013
मेक्सिको मोबाइल नेटवर्क, गांव

मेक्सिको के ओक्साका राज्य के दूरदराज़ के एक गाँव 'विला तलिया डि कास्ट्रो' की आबादी सिर्फ़ 2500 है.

वैसे तो इस गाँव में कुछ भी अलग नहीं है लेकिन ख़ास बात ये है कि इसका अपना मोबाइल नेटवर्क है.

समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक रेड सेल्यूलर डि तलिया (आरसीटी) नाम के इस मोबाइल नेटवर्क का इस्तेमाल करने वाले लोगों को हर महीने सवा डॉलर यानी करीब 78 रुपये का बिल भरना होता है.

अमरीका फ़ोन लगाने पर बिल थोड़ा ज़्यादा आता है.

पढ़िए: क्या मोबाइल पर होगी अगली इंटरनेट क्रांति?

हालांकि कोई भी कॉल पांच मिनट से ज़्यादा अवधि की नहीं हो सकती क्योंकि लंबी कॉल से इस नेटवर्क पर बोझ पड़ता है.

Image caption विला तलिया डि कास्ट्रो नाम के इस गांव की आबादी सिर्फ़ 2500 है.

आरसीटी नेटवर्क बगैर मुनाफ़े के काम करने वाले समूहों और स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग का नतीजा है.

आरसीटी नेटवर्क 900 मेगाहर्ट्ज़ फ्रीक्वेंसी वाले नेटवर्क पर चलता है.

एक कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से फ़ोन नंबर रजिस्टर होते हैं, फ़ोन कॉल को भेजा जाता है और बिल का हिसाब-किताब रखा जाता है.

आरसीटी के स्वयंसेवक इसराइल हर्नान्डेज़ कहते हैं, "देश की बड़ी कंपनियों के लिए रेडियो स्पेक्ट्रम आर्थिक रूप से व्यवहारिक नहीं था".

मेक्सिको की बड़ी कंपनियां विला तलिया डि कास्ट्रो में मोबाइल सेवाएं नहीं देती.

कस्बे के अधिकारी अलेजांद्रो लोपेज़ का कहना है कि 600 स्थानीय लोगों ने इस मोबाइल सेवा का इस्तेमाल करना शुरू किया है.

लागत का हिसाब

समूहों का मानना है कि भविष्य में इस परियोजना को बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है.

इन समूहों ने एक बयान जारी कर कहा है, "कई स्थानीय समुदायों ने इस परियोजना में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई है और हमें उम्मीद है कि और भी समुदाय इस योजना में शामिल होंगे."

इनफॉर्मा टेलीकॉम्स के विश्लेषक मार्क न्यूमैन ने बीबीसी से कहा कि इस योजना में लागत कम रखने में कामयाबी मिली क्योंकि आधिकारिक रूप से ये दो साल की आरंभिक योजना है.

मार्क न्यूमैन कहते हैं, "कई वजह हैं जिनसे कॉल करना अकसर महंगा पड़ता है."

मार्क न्यूमैन का कहना है, "अकसर सरकार महंगे दाम पर स्पेक्ट्रम बेचती है. रेडियो स्पेक्ट्रम के लिए लाखों डॉलर देने पड़ते हैं. सवाल ये है कि क्या सरकार आखिर में इन पर टैक्स लगाएगी?"

न्यूमैन का ये भी मानना है कि स्थानीय समुदायों का नेटवर्क के लिए ज़रूरी उपकरण लगाने के लिए राज़ी होना भी आरसीटी की कम लागत की वजह हो सकता है.

वो कहते हैं, "सामान्य तौर पर जब हम एक नेटवर्क की लागत को देखते हैं तो पता चलता है कि रेडियो मास्ट लगाने और सड़कों को खोदने में काफ़ी लागत आती है."

न्यूमैन का कहना है, "इस तरह के काम काफ़ी महंगे पड़ते हैं. इसलिए अगर गांव या कस्बे के लोग मोबाइल फ़ोन ऑपरेटर का स्वागत करें तो नेटवर्क शुरू करने की लागत बहुत कम पड़ेगी."

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं)

संबंधित समाचार