पाकिस्तान को मिला अरबों डॉलर का कर्ज़

पाकिस्तान
Image caption आईएमएफ़ ने पाकिस्तान के सामने कई शर्तें भी रखी हैं

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने पाकिस्तान के लिए 6.7 अरब डॉलर के ऋण को मंज़ूरी दी है. ऐसा पाकिस्तान में जारी आर्थिक संकट के मद्देनज़र किया गया है.

आईएमएफ़ पाकिस्तान को ये ऋण तीन साल के अंदर देगा और पहली किस्त में उसे 54 करोड़ डॉलर की राशि दी जाएगी.

लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को कुछ क़दम भी उठाने पड़ेंगे. पाकिस्तान सरकार को विकास दर बढ़ाने के लिए सुधारों को लागू करना होगा, राजस्व घाटे को कम करना होगा और कर उगाही में भी सुधार करना होगा.

पाकिस्तान पर पहले से ही आईएमएफ़ का क़रीब पाँच अरब डॉलर का कर्ज है.

छह साल पहले आईएमएफ़ की ओर से उसे बेलआउट पैकेज मिला था, लेकिन उस समय की सरकार सुधारों को लागू करने में विफल रही थी.

कम विकास दर

उस समय से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था की रफ़्तार प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की दर से बढ़ी है. देश की बढ़ती आबादी को देखते हुए ये आँकड़ा काफ़ी कम है.

इस बीच देश का राजस्व घाटा काफ़ी बढ़ा हुआ है, जबकि विदेशी मुद्रा का भंडार भी कम हो गया है. टैक्स का हिस्सा देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का सिर्फ़ 10 प्रतिशत है, जो दुनिया में न्यूनतम हिस्सेदारी वाले देशों में से एक है.

नई योजना के मुताबिक़ राजस्व घाटा अगले तीन साल में घटकर जीडीपी का 3.5 से 4 प्रतिशत तक हो जाना चाहिए. पिछले साल ये नौ प्रतिशत था. साथ ही कर उगाही में भी सुधार होनी चाहिए.

इसकी भी उम्मीद जताई जा रही है कि ऊर्जा के क्षेत्र में सुधार से लगातार होने वाली बिजली की कटौती में भी सुधार होगा.

(क्या आपने बीबीसी हिन्दी का नया एंड्रॉएड मोबाइल ऐप देखा? डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें. आप ख़बरें पढ़ने और अपनी राय देने के लिए हमारे फेसबुक पन्ने पर भी आ सकते हैं और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार