सीरिया पर रूस और अमरीका में असहमति बरक़रार

  • 6 सितंबर 2013
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का कहना है कि सीरिया पर संभावित सैन्य कार्रवाई के मुद्दे पर अमरीका और रूस के मतभेद दूर नहीं हुए हैं.

व्लादिमीर पुतिन ने कहा सैन्य कार्रवाई मध्य-पूर्व की स्थिति को अस्थिर करने वाला क़दम होगा.

उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में जी- 20 सम्मलेन के आखिरी दिन संवाददाता सम्मलेन में यह बात कही.

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा जी-20 देशों के नेताओं के बीच सीरिया पर आक्रमण को लेकर सहमति बनाने पर ज़ोर दे रहे हैं.

अमरीका का सीरिया की असद सरकार पर आरोप है कि उसने 21 अगस्त को राजधानी दमिश्क के पास के इलाकों में रासायमिक हमला किया जिसमें 1,429 लोगों की मौत हो गई.

'अवैध कार्रवाई'

सीरिया के राष्ट्रपति असद इस हमले के लिए विद्रोही सेना पर आरोप लगा रहे हैं.

Image caption अमरीका का कहना है कि ताजा रासायनिक हमले में 1429 लोगों की मौत हुई थी

चीन और रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीरिया के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव को समर्थन देने से इनकार कर चुके हैं.

साथ ही उनका कहना है कि संयुक्त राष्ट्र की मंज़ूरी के बिना कोई भी सैन्य कार्रवाई अवैध होगी.

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि गुरूवार शाम सीरिया पर शुरू हुई चर्चा लगभग आधी रात तक चली.

उन्होंने बताया कि सीरिया के मुद्दे पर चर्चा के लिए उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति ओबामा से मुलाकात की.

दोनों ने एक दूसरे की बात सुनी लेकिन एक दूसरे से सहमत नहीं हुए.

सम्मलेन के अंत में अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा, "इस बात को लेकर सभी 'एकमत' थे कि सीरिया में रासायनिक हथियारों का प्रयोग हुआ."

उन्होंने यह भी कहा कि सम्मेलन में मौजूद ज़्यादातर नेताओं का यह मानना था कि राष्ट्रपति असद की सरकार द्वारा रासायनिक हथियारों के प्रयोग की संभावना अधिक है.

हालाँकि व्लादिमीर पुतिन ने रासायनिक हथियारों के प्रयोग को "बाहर से समर्थन चाह रहे चरमपंथियों द्वारा किया गया उकसावा" बताया.

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