वरिष्ठ तालिबानी नेता को रिहा करेगा पाकिस्तान

अफ़ग़ानिस्तान में शांति प्रक्रिया में मदद पहुँचाने की कोशिशों के तहत पाकिस्तान वरिष्ठ अफ़ग़ान तालिबान नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादार को रिहा करेगा.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के वरिष्ठ सलाहकार सरताज अज़ीज़ ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, ''हम मुल्ला अब्दुल को रिहा करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं. उनकी रिहाई कब होगी, ये अभी तय नहीं है . लेकिन एक महीने के भीतर अब्दुल गनी को रिहा किए जाने की संभावना है.''

मुल्ला बरादार को वर्ष 2010 में पाकिस्तान के कराची में गिरफ्तार किया गया था.

उनकी गिरफ्तारी को अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए और पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी की महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा गया था.

बीबीसी को दिए एक साक्षात्कार में अज़ीज़ ने कहा, ''मुल्ला अब्दुल की रिहाई के बारे में अभी भी विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ विचार-विमर्श किया जा रहा है.''

वरिष्ठ तालिबान नेता को अफगानिस्तान या किसी दूसरे देश को सौंपे जाने पर उन्होंने कहा कि मुल्ला अब्दुल तय करेंगे कि वह कहाँ जाना चाहते हैं.

मुल्ला बरादार उन चार लोगों में से एक है जिन्होंने 1994 में अफगानिस्तान में तालिबान आंदोलन की नींव रखी थी.

वर्ष 2001 में अमरीका के आक्रमण के बाद अफ़ग़ानिस्तान से तालिबान शासन के ख़ात्मे के बाद वह बग़ावत के महत्वपूर्ण व्यक्ति बन गये थे.

'रचनात्मक भूमिका'

संवाददाताओं के मुताबिक 2014 के अंत तक अफ़ग़ानिस्तान से नेटो सैनिकों के वापस जाने से पहले पाकिस्तान पर तालिबान के कई शीर्ष नेताओं, विशेष तौर पर मुल्ला अब्दुल को रिहा करने का ख़ासा दवाब है.

रॉयटर्स को दिए गये साक्षात्कार में अज़ीज़ ने कहा, ''यह सुनिश्चित करना ज़रूरी था कि रिहा किए जाने वाले तालिबानी कैदी तालिबानी नेतृत्व से शांति वार्ता में भाग लेने के लिए संपर्क कर सकें."

Image caption पिछले एक साल के दौरान पाकिस्तान 26 तालिबानी बंदियों को मुक्त किया कर चुका है.

उन्होंने कहा, ''जब तक उन्हें रिहा नहीं किया जाता तब तक वे शांति प्रयासों में हिस्सा नहीं ले सकते, और मुझे लगता है कि राष्ट्रपति करज़ई ने इस बात पर ध्यान दिया है कि वे शांति प्रक्रिया में एक रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं.''

शनिवार को पाकिस्तान ने अफगान शांति प्रक्रिया में मदद करने के लिए सात तालिबानी कैदियों को रिहा करने की घोषणा की थी. इन लोगों में एक शीर्ष तालिबान कमांडर भी था.

2008 में सुरक्षाबलों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद पकड़े जाने तक, मंसूर दादुल्ला ने दक्षिणी अफगानिस्तान के चार सबसे हिंसक प्रांतों में तालिबान के सैन्य कमांडर के रूप काम किया था.

विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक पिछले एक साल के दौरान 26 तालिबानी बंदियों को मुक्त किया जा चुका है.

पाकिस्तान ने सात तालिबान कैदी 'रिहा किए'

पिछले महीने के अंत में अपनी पाकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति करज़ई ने अफ़ग़ानिस्तान और तालिबान के बीच शांति वार्ता में मदद करने का पाकिस्तान से आग्रह किया था.

करज़ई ने कहा था, ''पाकिस्तानी सरकार अफगान उच्च शांति परिषद और चरमपंथियों के बीच वार्ता के लिए अवसर प्रदान करने में योगदान दे सकती है.''

जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि वे अफगानिस्तान में स्थिरता लाने के लिए क्षेत्रीय तौर पर मदद करना चाहते हैं.

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