कज़ाक़ जलपरी: हमें तो शोहरत ने मारा

कज़ाकिस्तान मरमेड

कज़ाकिस्तान में हाल ही में एक मरमेड यानी जलपरी की प्रतिमा का उद्धाटन किया गया जो अपनी ही लोकप्रियता की शिकार हो गई है.

बेहद मज़बूत माने जाने वाले फ़ाइबर-रीइनफ़ोर्स्ड कंक्रीट से बनाई गई इस प्रतिमा को उत्तरी कज़ाक शहर पाव्लोडार में लगाया गया था.

लेकिन सिर्फ़ दो हफ़्ते बाद ही प्रतिमा को मरम्मत के लिए उतार लिया गया क्योंकि इसकी एक उंगली टूट गई थी और उसकी पूंछ को भी नुकसान पहुंचा था.

टुडे.केज़ेड वेबसाइट के अनुसार प्रतिमा को लेकर लोगों में बहुत उत्साह था और सब इसे छूना चाहते थे. इसलिए उसे इतनी जल्दी मरम्मत की जरूरत पड़ गई.

रहस्यमयी आकर्षण

यह प्रतिमा ख़ासतौर पर नव-विवाहितों के बीच लोकप्रिय थी जो इसके सामने खड़े होकर फ़ोटो खिंचाते थे.

Image caption ये है कोपेनहेगेन की मशहूर 'मरमेड'

यह दशकों पुरानी रूसी परंपरा का एक संस्करण सा लगता है जिसमें बहुत से शादी समारोह लेनिन की प्रतिमा के इर्द-गिर्द हुआ करते थे.

लेकिन स्थानीय मछुआरे जलपरी इस प्रतिमा को हटाए जाने से नाराज़ हैं.

उनका मानना है कि यह प्रतिमा रहस्यमयी ढंग से बड़ी संख्या में मछलियों को खींच लाती थी.

हालांकि कज़ाकिस्तान की 'मरमेड' कोपनहेगन की मशहूर 'मरमेड' जैसी ही लगती है लेकिन दोनों में फ़र्क है.

इसका चेहरा एशियाई लगता है, इसकी पूंछ की सज्जा पारंपरिक कज़ाकिस्तानी तरीके से की गई है और यह ब्रा पहने हुए है.

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