हड़ताल से काठमांडू में जनजीवन ठहरा

Image caption नेपाल में हड़ताल के चलते सड़कें सूनी दिखीं

विपक्षी पार्टियों द्वारा बुलाई गई एक दिन की हड़ताल का नेपाल की राजधानी काठमांडू खासा असर हुआ. यहां जनजीवन ठहर गया.

सरकार द्वारा नवंबर में चुनाव कराने की योजना के विरोध में ये हड़ताल की गई.

स्कूल और बाजार बंद हैं, सड़कें सूनी पड़ी हैं और वाहन चलते नहीं दिखे.

आह्वान

ये हड़ताल नेपाल में 33 पार्टियों के गठबंधन द्वारा बुलाई गई थी, जिसमें नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी - माओवादी भी शामिल है.

मार्च में एक सीनियर जज की अगुवाई वाली सरकार को चुनाव कराने के लिए नियुक्त किया गया था.

नेपाल सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश खिलराज रेजमी प्रशासन पर ताजा चुनाव 19 नवंबर को कराने की जिम्मेदारी है.

नेपाल में आखिरी बार संसदीय चुनाव 2008 में कराए गए थे. नये संविधान का मसौदा तय करने के बाद संवैधानिक संसद का कार्यकाल मई 2012 में खत्म हो गया.

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