'कार में सोकर शुरू की कंपनी'

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अमरीका के उटाह के रहने वाले ऑस्टन ऑलरेड की ज़िंदगी इस साल अप्रैल में बॉस्टन में हुए धमाके से बदल गई थी.

कुछ हफ़्ते बाद वो कैलिफोर्निया में सिलिकॉन वैली में थे, हर रात अपनी कार में सोते थे और दिन में निवेशकों से पैसे उगाहने की कोशिश करते थे.

23 साल के ऑलरेड और उनके कॉलेज के दोस्त गैरट थॉर्नबर्ग ने ग्रासवायर नाम का एक स्मार्टफोन प्लेटफॉर्म तैयार किया था जिससे लोग ख़बरें तैयार कर के दूसरे लोगों से शेयर कर सकते थे.

उन्होंने जब बॉस्टन में धमाकों के बारे में सुना तो इस प्लेटफॉर्म को जल्द लॉन्च करने के बारे में सोचा.

लेकिन सिर्फ दो दिन बाद ही उन्हें ग्रासवायर को बंद करना पड़ा, क्योंकि 17 हज़ार से ज़्यादा लोग उनकी वेबसाइट पर आ चुके थे और वो इतनी मांग का बोझ नहीं उठा सकते थे.

Image caption कैथरीन मिन्शू का कहना है कि नई कंपनी के लिए परिवार और दोस्तों की मदद की बहुत ज़रूरत होती है.

ऑलरेड ने तब पैसे उगाहने के लिए कैलिफोर्निया जाने के बारे में सोचा ताकि वो इसका विस्तार किया जा सके लेकिन कैलिफोर्निया दौरे के लिए पैसे न होना भी बड़ी समस्या बन गया.

उनका कहना है, "मैंने किराए को देखा और पाया कि मैं किसी का भी ख़र्च नहीं उठा सकता था."

ऐसे में ऑलरेड ने अपनी कार में ही रहने का फ़ैसला किया.

वो तीन महीने तक एक खाली चर्च की पार्किंग में अपनी कार में सोते थे, वाईएमसीए में नहाते थे और डिब्बाबंद सूप खाते थे. पिछले महीने उनकी कंपनी को पैसे मिल गए.

ग्रासवायर इस महीने का आखिर में फिर शुरू होगी.

'वित्तीय सुरक्षा'

न्यूयॉर्क की कैथरीन मिन्शू 28 साल की हैं. कैथरीन सोचती हैं कि नई कंपनियां शुरू करने वाले परिवार और दोस्तों के पैसे तक पहुंच को नज़रंदाज कर रहे हैं.

कैथरीन कहती हैं, "ऐसे उद्यमियों की संख्या उन से बहुत ज़्यादा है जो ये मानने को तैयार होंगे कि वो परिवार और दोस्तों की मदद से कंपनी खड़ी कर सके."

Image caption ड्यूएन जैक्सन ने अपने बुरे अतीत को कंपनी शुरू करने में आड़े नहीं आने दिया.

कैथरीन ने द म्यूस नाम से एक करियर सलाह और नौकरी ढूंढने में मदद करने वाली वेबसाइट सितंबर 2011 में शुरू की थी.

कैथरीन के पास सिर्फ़ 5 हज़ार डॉलर थे लेकिन वो निवेशकों से 70 हज़ार डॉलर जुटा सकी और उनके दोस्तों और परिवार ने 40 हज़ार डॉलर दिए.

दूसरे लोगों के लिए पैसा उतना बड़ा मुद्दा नहीं है लेकिन वो चीज़ें हैं जो सुख-सुविधाओं में बढ़े होने पर मिलती है.

ब्रिटेन की अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर कंपनी कैशफ्लो के संस्थापक ड्यूएन जैक्सन का कहना है कि कम पैसे वाले लोगों के सामने आने वाली समस्याएं विश्वास और खुलेपन से जुड़ी हुई हैं.

ड्यूएन जैक्सन 10 साल की उम्र से बाल गृह में रहे, नशीली दवाओं की तस्करी के लिए जेल गए और उन्होंने कैशफ्लो की शुरुआत अपनी गर्भवती गर्लफ्रेंड के एक बेडरूम के फ्लैट से की थी.

उन्हें यूके यूथ चैरिटी से पैसा मिला. कम्प्यूटर के लिए मेज़ नहीं थी और न ही बिज़नेस कार्ड्स के लिए पैसा था.

उनका कहना है कि ऐसी धारणा बनी हुई है कि कारोबार उन लोगों के लिए है "जो ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज" जाते हैं.

लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इन व्यावहारिक समस्याओं के बावजूद नई कंपनियां शुरू करने वालों के लिए उनके सामाजिक-आर्थिक परिवेश के बावजूद अवसर होते हैं.

नीदरलैंड्स के क्रिस्टोफर प्रुजसेन 20 साल के हैं और अब लंदन में रहते हैं, वो एनएसीयूई (कॉलेज और विश्वविद्यालयों के युवा उद्यमियों के राष्ट्रीय संघ) के बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर युवा उद्यमियों से मिलते हैं.

उनका कहना है कि तकनीकी क्षेत्र प्रतिभा पर आधारित है. सरल शब्दों में कहें तो जिसका बढ़िया कम्प्यूटर कोड होगा वो जीतेगा.

वो कहते हैं, "अगर किसी की तकनीकी दक्षता है तो वो सिर्फ़ प्रतिभा के आधार पर ग़रीबी से बाहर आ सकते हैं. अच्छे उद्यमी हमेशा रास्ता ढूंढ लेंगे."

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