अमरीका: नौसेना में यौन दुराचार की खुलती परतें

  • 12 सितंबर 2013
Image caption पिछले एक साल में नौसेना में दुराचार के 1100 मामले सामने आए हैं.

अमरीकी अधिकारियों के अनुसार देश की नौसेना में पिछले एक साल के दौरान यौन दुराचार के मामलों में आश्चर्यजनक बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है.

कहा जा रहा है कि नौसैनिकों और कर्मचारियों का सेना प्रशासन में भरोसा बढ़ने के कारण ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है.

नौसेना का कहना है कि कर्मचारियों को यह भरोसा हो गया है कि दोषियों के खिलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. ऐसे में वे मामले दर्ज कराने में सहज महसूस कर रहे हैं.

अधिकारियों के मुताबिक इस महीने समाप्त होने वाले वर्ष में 1100 ऐसे मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल के 726 के आंकड़ें से 50 फीसदी अधिक है.

सेना में यौन दुराचार के बढ़ते मामलों ने हाल के महीनों में अमरीकी कांग्रेस और व्हाइट हाउस का भी ध्यान खींचा है.

मई महीने में जारी अमरीकी रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल सभी सेनाओं के करीब 26 हजार कर्मियों ने यौन दुराचार के मामले दर्ज करवाए.

अभियान

इस मुद्दे पर जागरूकता लाने के लिए नौसेना ने हाल के वर्षों में यौन दुराचार शिक्षा और रोकथाम अभियान चलाया था.

अमराकी नौसेना का मानना है कि इस अभियान के कारण ही इस साल ऐसे मामलों की संख्या बढ़ी है.

Image caption रीयर एडम सीन बक का कहना है कि नौसेना का लक्ष्य ऐसे मामलों को पूरी तरह खत्म करना है.

नौसेना में सेक्सुअल एसॉल्ट प्रीवेंशन एंड रेसपॉन्स अधिकारी, रीयर एडमिरल सॉन बक ने वर्जिनिया राज्य में स्थित नॉर्फोल्क नौसेना स्टेशन में कहा, ''हम नौसैनिकों और कर्मियों के साथ यौन दुराचार संबंधी सर्वेक्षण रिपोर्टों और मामलों के रजिस्ट्रेशन के बीच के अंतर को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं.''

उन्होंने कहा, "हमारी पहली कोशिश यह है कि यौन दुराचार से जुड़े सभी मामले दर्ज हों. इसके बाद ऐसे मामलों को खत्म करना हमारी प्राथमिकता है".

अमरीकी सेना में हाल के वर्षों में लगातार हो रही यौन दुराचार की घटनाओं से कैपिटल हिल का माहौल गरमा गया है. कैपिटल हिल में ही अमरीकी कांग्रेस है.

इस साल सीनेट में यौन दुराचार से जुड़े मुद्दों पर काफी चर्चा भी की गई. इस बारे में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से भी पूछताछ की गई, लेकिन कोई नया कानून नहीं बनाया जा सका.

जून महीने में सीनेटर जॉन मैकेन ने सैन्य सेवाओं में बढ़ते यौन दुराचार पर गहरी निराशा और नाखुशी जाहिर की थी.

इससे पहले मई महीने में राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि ऐसे व्यवहार को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा.

ओबामा ने कहा था, ''यदि कोई ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसे जिम्मेदार ठहराते हुए उसका कोर्ट मार्शल होना चाहिए, बर्खास्त और बेइज्जत कर सेवा से निकाल दिया जाना चाहिए.''

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