सीरिया के रासायनिक हथियार नष्ट करने पर रजामंदी

  • 14 सितंबर 2013
कैरी और लावरोव
Image caption अमरीकी और रूसी विदेश मंत्रियों के बीच बनी सहमति.

अमरीका और रूस के बीच बनी सहमति के मुताबिक सीरिया के रासायनिक हथियारों को अगले साल के मध्य तक या तो नष्ट कर दिया जाएगा या उन्हें हटा दिया जाएगा.

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने एक छह सूत्रीय योजना पेश की है जिसके तहत सीरिया को एक हफ्ते के भीतर अपने सभी रासायनिक हथियारों की सूची सौंपनी होगी.

अगर सीरिया ऐसा करने में नाकाम रहता है तो संयुक्त राष्ट्र बल पूर्वक ऐसा कर सकता है जिसमें सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी रखा गया है.

अमरीका का कहना है कि सीरिया की सरकार ने पिछले दिनों दमिश्क के पास एक रासायनिक हमला किया जिसमें सैकडों लोग मारे गए.

हालांकि सीरिया की बशर अल असद सरकार इन आरोपों से इनकार करती है.

एक साझा प्रेस कांफ्रेस में रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ अमरीकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने सीरिया से कहा कि वो अपने वादे को निभाए.

उन्होंने कहा, “कलाबाजियों की कोई गुंजाइश नहीं है. इस पर पूरी तरह अमल करना ही होगा.”

सैन्य कार्रवाई पर जोर नहीं

इससे पहले अमरीकी अधिकारियों ने कहा है कि वो सीरिया के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश होने वाले किसी भी प्रस्ताव में वहां सैन्य कार्रवाई पर जोर नहीं देंगे.

व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने कहा है कि एक प्रस्ताव पर सहमति बनने की दिशा में प्रगति हो रही है जिसे संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों की रिपोर्ट सोमवार को प्रकाशित होने के बाद सुरक्षा परिषद में पेश किया जा सकता है.

ये रिपोर्ट पिछले महीने दमिश्क के पास हुए कथित रासायनिक हमले के बारे में है जिसमें अमरीका के अनुसार 1,429 लोग मारे गए थे.

रिपोर्ट में दमिश्क में रासायनिक हमले की पुष्टि हो सकती है.

उधर सीरिया के रासायनिक हथियारों पर नियंत्रण के मुद्दे पर स्विटज़रलैंड के जेनेवा में अमरीकी और रूसी विदेश मंत्रियों की बैठक शनिवार को लगातार तीसरे दिन भी जारी है.

Image caption ओबामा ने सीरिया मुद्दे पर कांग्रेस में होने वाले मतदान को टाल दिया था.

एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सीरिया के रासायनिक हथियारों के जखीरे के अनुमानित आकार पर अमरीका और रूस के शुरुआती मतभेद कम हुए हैं.

'मानवता के खिलाफ अपराध'

दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव बान की मून ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि होगी कि पिछले महीने दमिश्क के पास जहरीली गैस का इस्तेमाल किया गया था.

उन्होंने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि 21 अगस्त को हुए रासायनिक हमले में किसका हाथ था.

लेकिन उन्होंने कहा कि सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने मानवता के खिलाफ बहुत से अपराध किए हैं. उन्होंने ये बात संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय महिला फोरम में की जिसे संयुक्त राष्ट्र के टीवी पर प्रसारित किया गया.

न्ययूॉर्क में बीबीसी संवाददाता निक ब्रांयट का कहना है कि बान को लगा होगा कि उनकी ये टिप्पणी प्रसारित नहीं हो रही है.

इससे पहले अमरीका सीरिया में कथित रासायनिक हमले के बाद वहां सैन्य कार्रवाई पर विचार करने की बात करता रहा है.

लेकिनअमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सीरिया में कार्रवाई के मुद्दे पर कांग्रेस में होने वाले मतदान को टाल दिया था. ऐसा रूस की उस घोषणा के बाद किया गया जिसमें सीरिया के रासायनिक हथियारों को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में रखने और उन्हें नष्ट करने की बात शामिल है.

सीरिया ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी है और रासायनिक हथियारों पर संयुक्त राष्ट्र की संधि पर हस्ताक्षर संबंधी दस्तावेज़ संयुक्त राष्ट्र को भेजे हैं. इस संधि में रासायनिक हथियारों के इस्तेमाल और उत्पादन की मनाही है.

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