तलाक़ के बारे में बच्चों को क्या बताएं?

शादी का केक

कई शादियाँ तलाक़ के मोड़ पर आकर टूट जाती हैं, लेकिन अगर आपके बच्चे हों तो एक सवाल टीस बनकर उभरता है कि उन्हें शादी टूटने के कारणों के बारे में कैसे बताएँ.

17 साल की डेज़ी मेरीमैन कहती हैं, "मैं जानना चाहूँगी...मैं जानना चाहती हूँ अगर कोई और कारण हो, कोई छिपी हुई समस्या या कुछ और."

डेज़ी के माता-पिता क्लेयर और डेविड दो साल पहले अलग हो गए थे और वे उन लम्हों को याद करती हैं जब उन्हें यह बात बताई गई थी.

तलाक के कारण आत्महत्या

डेज़ी बताती हैं, "मम्मी ने मुझे बुलाया और लिविंग रूम में मुझे अपने सामने बिठाया. पापा रो रहे थे और माँ भी. कोई बहुत बड़ी बात रही होगी कि पापा रो रहे थे. वे कभी नहीं रोते."

"उन दोनों ने मुझसे कहा कि वे अलग होने के बारे में बात कर रहे थे. यह मैं सह न सकी और अपने कमरे की ओर भागी और जाकर रोने लगी."

उस वक्त डेज़ी की माँ ने उन्हें अलगाव की वजहों के बारे में कुछ नहीं बताया.

अलगाव की तकलीफ

क्लेयर कहती हैं, "मुझे नहीं लगा कि 14 साल की एक बच्ची को हर बात जानने की ज़रूरत है. वो जानती थीं कि उसके मम्मी-पापा अब और साथ नहीं रहेंगे. मुझे यह सोचना चाहिए था कि किसी भी उम्र के बच्चे को यह असहज कर देगा."

"मुझे अंदाज़ा है कि कई बार हम बच्चों को बताने के बजाय उन्हें बहलाने की कोशिश करते हैं कि हम उनसे प्यार तो करते हैं लेकिन साथ रह नहीं सकते. शायद यह उन्हें बचाने के लिए किया जाता है."

न तलाक देते हैं, न 'ख़ुला'

क्लेयर के मुताबिक उनके झगड़े बढ़ते जा रहे थे. डेविड काम की वजह से अपना ज़्यादा वक़्त बाहर गुज़ार रहे थे. डेविड भी इससे अपनी सहमति जताते हैं.

क्लेयर कहती हैं, "हम दोनों में से कोई समझौता नहीं करना चाहता था."

ब्रिटेन में 40 लाख से ज़्यादा बच्चे अपने माता-पिता के अलगाव की तकलीफ़ झेल रहे हैं. यह संख्या ब्रिटेन के बच्चों की कुल आबादी की तकरीबन एकतिहाई है.

लेकिन अगर ये बच्चे जानना चाहें कि उनके माता-पिता क्यों साथ नहीं रहते, तो इस बारे में क्या उनके साथ खुलापन नहीं होना चाहिए?

पॉला हॉल पेशे से एक मनोचिकित्सक हैं और पारिवारिक संबंधों के लिए काम करती हैं. वह कहती हैं, "यह अलगाव के कारणों, बच्चे की उम्र और चीजों को समझने की उनकी क़ाबिलियत पर निर्भर करता है."

"जब कोई बच्चा या किशोर अपने माता-पिता से उनके अलगाव की वजह पूछता है, तो इसका मतलब होता है कि वह कह रहा होता है कि क्या साथ रहने का कोई रास्ता नहीं बचा है?"

पारिवारिक सलाह

हॉल बताती हैं कि बच्चों से अपने अलगाव के बारे में बात करना माता-पिता के लिए हमेशा मुश्किल होता है.

खासकर परेशानी तब बढ़ जाती है जब दूसरे साथी पर इसकी ज़िम्मेदारी दिए बिना यह करना पड़े. कई बार यह भी होगा कि अलगाव के कारणों के बारे में बच्चों को बताना पूरी तरह से ग़ैरज़रूरी हो.

हॉल कहती हैं, "मिसाल के लिए अगर बच्चों को यह कहना पड़े कि आप दोनों के रिश्तों में सेक्स नहीं रह गया है, तो यह मुश्किल है. अपने सेक्स जीवन के बारे में सात साल के बच्चे के साथ बात करके आप ठीक नहीं करेंगे."

नए विवाह कानून से होंगी राहें आसान

पारिवारिक मसलों पर जानकारों से सलाह ली जा सकती है और यह उपलब्ध भी है. कई बार यह मददगार भी रहता है.

हॉल की सलाह है कि बच्चों पर तलाक़ या अलगाव का असर कम से कम हो, इसके लिए हर मुमकिन कोशिश की जानी चाहिए.

बच्चों के मनोचिकित्सक लावर्ने एंट्रोबस कहते हैं, "ऐसे कई परिवार हैं जो शुरुआती तनाव से उबरने के बाद बच्चों की ज़िंदगी में आए खालीपन को भर देते हैं. बड़ों ने अतीत में जो कुछ झेला है, उसे अपने भीतर से निकालना होगा."

किसी रिश्ते के टूटने का यह मतलब नहीं होता कि माँ-बाप का रिश्ता उनके बच्चे से भी टूट गया है.

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