यूरोप की सबसे उग्र सुधारवादी नन

टेरेसा फॉर्केड्स, स्पेन, कैटेलोनिया

स्पन की एक नन यूरोप की सबसे प्रभावशाली वामपंथी बुद्धिजीवी मानी जा रही हैं.

बैंकों के राष्ट्रीयकरण का समर्थन हो या स्पेन के कैटेलोनिया क्षेत्र की आज़ादी के लिए आंदोलन, सिस्टर टेरेसा फॉर्केड्स सबसे आगे खड़ी दिखती हैं.

उनसे मिलने के लिए सेंट बेनेट मठ तक पहुंचने के लिए आप को मोंतसेरात के पवित्र पहाड़ तक एक हैरान कर देने वाली ड्राइव कर के पहुंचना होता है.

लेकिन सिस्टर टेरेसा फॉर्केड्स तक पहुंचना इस रास्ते से ज़्य़ादा मुश्किल है.

उनसे मिलने और आशीर्वाद लेने वालों की संख्या इतनी ज़्यादा है कि उनके सहायक को किए गए ई-मेल हमेशा इस ऑटोमैटिक जवाब के साथ वापस आ जाते हैं कि इनबॉक्स भरा हुआ है.

'चर्च की आलोचक'

लगता है कि सिस्टर टेरेसा एक बार में कम से कम दो जगहों पर होती हैं. उनकी उजली आंखें हैं, वो आत्मविश्वास से भरी हुई हैं और ख़ुशमिज़ाज हैं.

इस स्पेनिश नन की बढ़िया अंग्रेज़ी इस शांत जगह में कुछ बाहर की ही लगती है. उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में बिताए कुछ सालों के दौरान अंग्रेज़ी पर अधिकार हासिल कर लिया था.

उनके जैसा कोई नेता नहीं है. हमेशा उनके सिर पर नन वाला कपड़ा होता है, उनका कहना है कि वो जो भी करती हैं वो गहरे ईसाई मूल्यों और आस्था की वजह से है.

इसके बावजूद वो चर्च और चर्च का संचालन करने वालों की आलोचना करती रही हैं.

उनके आंदोलन, प्रॉसेस कॉन्स्टिट्यूएंट, से इस साल 50 हज़ार लोग जु़ड़े हैं और ज़्यादातर लोग ईश्वर को न मानने वाले वामपंथी हैं.

वो किसी पद पर काबिज़ नहीं होना चाहती और न ही राजनीतिक दल बनाना चाहती हैं लेकिन इसमें शक नहीं कि वो एक राजनीतिक व्यक्तित्व हैं जिनका मकसद अंतर्राष्ट्रीय पूंजीवाद की धज्जियां उड़ाना और स्पेन का नक्शा बदलना है.

उन्होंने अर्थशास्त्री अर्काडी ऑलिवर्स के साथ एक 10 सूत्री कार्यक्रम तैयार किया है, जो कुछ इस तरह है:

• सभी बैंकों का राष्ट्रीयकरण और आर्थिक सट्टेबाज़ी पर लगाम लगाना

• नौकरियों में कटौती बंद करना, उचित तन्ख़्वाह और पेंशन, काम के कम घंटे और घर पर रहने वाले बुज़ुर्गों को भुगतान

• वास्तविक "सहभागितापूर्ण लोकतंत्र" और भ्रष्टाचार रोकने के लिए कदम

• सबके लिए घर और कुर्की का खात्मा

• सरकारी खर्चों में कटौती वापस लेना और सभी सार्वजनिक सेवाओं का राष्ट्रीयकरण

• व्यक्ति का उसके शरीर पर अधिकार का समर्थन जिसमें महिलाओं के गर्भपात का फ़ैसला लेना भी शामिल है

• "पर्यावरण को ध्यान में रखने वाली" आर्थिक नीतियां और ऊर्जा कंपनियों का राष्ट्रीयकरण

• विदेशियों के डर का खात्मा और अप्रवासी क़ानून को हटाना

• इंटरनेट और सरकारी मीडिया को लोकतांत्रिक नियंत्रण के तहत लाना

• अंतर्राष्ट्रीय "एकता", नेटो छोड़ना और भविष्य में आज़ाद होने वाले कैटेलोनिया में सैन्य बलों की समाप्ति

मैं आश्चर्य करता हूं कि बोलने के हुनर और एक अभियान चलाने वाले के दिमाग़ की वजह से क्या वो मठ के अपने जीवन से ऊपर नहीं उठ गई हैं और क्या लगातार आने वाले लोगों की वजह से उनके साथ रहने वाली ननें चिंतित नहीं होती?

वो कैटेलोनिया की आज़ादी के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के अभिवादन के लिए हमारे साक्षात्कार को बीच में छोड़ती हैं जो उनसे मिलने आए हैं.

'गांधी की प्रशंसक'

मैं साक्षात्कार फिर शुरू होने का इंतज़ार करता हूं और जो नन बातचीत के लिए रुकती हैं उन्हें कोई शक नहीं है कि सिस्टर टेरेसा की प्रतिभा और प्रसिद्धि "ईश्वर का तोहफ़ा" है.

सिर्फ़ तीन दर्जन महिलाएं वहां प्रार्थना के लिए रहती हैं लेकिन ये सिस्टर टेरेसा की राजनीतिक ताकत का केंद्र है.

मैं कस्बे के चौक में उनकी एक सभा में पहुंचता हूं जहां पैर रखने की जगह नहीं है. वो भीड़ को अपने उन उग्र विचारों से बांध लेती हैं जिनसे स्पेन के बड़े नेताओं को डर लगता है.

वो गांधी की प्रशंसक हैं और उन्हें वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति रहे ह्यूगो चावेज़ और बोलिविया की इवो मोरेल्स की नीतियां भी पसंद हैं.

लेकिन वो बार-बार सदियों पुराने संत बेनेडिक्ट की ननों के आर्थिक मॉडल की बात करती हैं जिसमें उपयोगी सामान बनाकर बेचने की बात कही गई है.

Image caption टेरेसा फॉर्केड्स का अपना यूट्यूब चैनल है.

दो हफ़्ते की छुट्टियों के बाद मैं आखिरी बार उनके मठ जाता हूं.सिस्टर टेरेसा पेरु से एक धार्मिक सम्मेलन में हिस्सा लेकर लौटी हैं, जहां अभी सर्दी थी, उन्हें ज़ुकाम हो गया है.

वेटिकन के वफ़ादार बिशप बैंकिंग से लेकर गर्भपात तक उनके उग्र विचारों के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं.

जहां भी वे जाती हैं उनके लिए ये चिर-परिचित युद्ध हो गया है.

कम से कम अभी उनके स्थानीय बिशप ने उन पर रोक नहीं लगाई है.

गिरजाघर में वो मेरी पत्नी और दो बच्चों का गर्मजोशी से स्वागत करती हैं.

वो मुझे बताती हैं कि किशोर अवस्था में वो भी ब्रह्मचर्य जीवन जीने की ज़रूरत के पवित्र आदेशों से निराश हो गई थी.

मैं सोचता हूं कि क्या ये दूसरा विरोधाभास है : क्या वो एक ऐसा जीवन याद करती हैं जहां वो मुक्त रूप से प्यार कर सकें?

वो मुझे बताती हैं कि नन बनने के बाद से उन्होंने तीन बार प्यार किया है लेकिन ईश्वर और मठ के प्रति उनका समर्पण मज़बूत बना हुआ है.

वो कहती हैं, "जब तक मेरा धार्मिक जीवन प्यार से भरपूर है, मैं यहां रहूंगी. लेकिन जिस क्षण जीवन बलि चढ़ने लगा...ये मेरा कर्तव्य होगा कि मैं इसे छोड़ दूं."

अभी ऐसा लगता है कि ऐसे व्यक्ति से जिसका अनुमान लगाना सबसे ज़्यादा मुश्किल है कैटेलोनिया का प्रेम प्रसंग बस चलते रहने वाला है.

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