20 महीने बाद समुद्र से निकलेगा 'कॉनकॉर्डिया'

कोस्टा कॉन्कॉर्डिया क्रूज़ जहाज़ इटली बचाव अभियान ऑपरेशन

इटली के समुद्र तट पर 20 महीने से फंसे कोस्टा कॉनकॉर्डिया क्रूज़ जहाज़ को निकालने का काम मंगलवार को पूरा होने की उम्मीद है.

इटली के इंजीनियरिंग अधिकारियों के मुताबिक़ कोस्टा कॉनकॉर्डिया को बचाने का यह अपनी तरह का सबसे बड़ा ऑपरेशन था.

यह जहाज़ चट्टानों में फंसा है जिसे वहां से निकालकर समुद्र की सतह पर बने प्लेटफ़ॉर्म पर लाया गया है.

जनवरी 2012 में गिग्लियो द्वीप के टस्कन तट पर जहाज़ पलटने से 12 लोगों की मौत हो गई थी. इनमें से दो लोगों के शव कभी नहीं मिल पाए. उम्मीद की जा रही है कि शायद इस ऑपरेशन के दौरान उनके शव मिल जाएंगे. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इसका कोई संकेत अभी तक नहीं मिला है.

इंजीनियरों ने अभी तक किसी 951 फ़ीट लंबे जहाज़ को निकालने का काम नहीं किया था.

जहाज़ को सीधा खड़ा करने का काम मंगलवार तक जारी रहने की संभावना है.

टस्कन तट पर मौजूद बीबीसी संवाददाता एलन जॉन्सटन के मुताबिक़ ऑपरेशन का शुरुआती चरण काफ़ी मुश्किल था और इस वजह से इंजीनियर काफ़ी चिंतित थे.

जहाज़ जिस चट्टान पर फंसा था वहां से उसे तोड़कर अलग कर दिया गया है. माना जा रहा है कि अब यहां से मलबा हटाना आसान होगा.

इतालवी नागरिक सुरक्षा अथॉरिटी ने कहा है कि समुद्र और मौसम ने इस ऑपरेशन के दौरान उनका साथ दिया लेकिन ऑपरेशन पूरा होने में तीन घंटे की देर हो सकती है क्योंकि रात में तूफ़ान आ गया है.

बड़ी चुनौती

तूफ़ान की वजह से जहाज़ के मलबे के पास बनाए गए रिमोट कंट्रोल को ले जाने वाली नाव की स्थिति बदल गई. जहां से इंजीनियर चरखी और वज़न का इस्तेमाल करके कॉनकॉर्डिया को उसकी जगह से हिलाने की कोशिश कर रहे थे.

इस प्रोजेक्ट से जुड़े एक इंजीनियर सर्जियो गिरोटो ने पत्रकारों को बताया कि ऑपरेशन पूरी तरह ठीक से चल रहा है. "हर चीज़ योजना के मुताबिक़ चल रही है. हम योजना के चरणों को एक के बाद एक पूरा कर रहे हैं. अभी तक कोई समस्या नहीं है."

ऑपरेशन पूरा होने के बाद कॉनकॉर्डिया जहाज़ पानी से बाहर आ सकता है.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़ प्रोजेक्ट काफ़ी बड़े पैमाने पर चलाया जा रहा है. बचावकर्मियों ने 114 हज़ार टन वाले यानी तीन फ़ुटबॉल मैदानों जितने बड़े इस जहाज़ से बड़ी-बड़ी धातु की चेन और केबल बांधीं हैं.

टाइटेनिक से दोगुना

टाइटेनिक से दोगुना वज़नी इस जहाज़ को चट्टान से निकालने के लिए उसे 50 से ज़्यादा बड़ी चेनों और विंच की मदद से तोड़ा जा रहा है.

इंजीनियर जहाज़ को उलटने के लिए केबल और जहाज़ के बाज़ुओं पर बने धातुओं के बक्सों में भरे पानी की मदद से उसे उलटने की कोशिश करेंगे.

ये प्रक्रिया काफ़ी धीमी गति से की जाती है ताकि 18 महीने से पानी में पड़े इस जहाज़ की पेंदी को नुकसान न पहुंचे. यह जहाज़ 15 मीटर पानी में डूबा है और इसे ज़ंग लगने का अंदेशा है.

जहाज़ के अपनी पैंदी पर खड़े होने के बाद इसकी पूरी तरह पड़ताल करना मुमकिन होगा.

इसके बाद इस ऑपरेशन का दूसरा चरण शुरू होगा. इसके तहत इसकी मरम्मत करना और इसे यहां से हटाकर फिर समंदर की सतह पर चलाने लायक बनाना है.

जहाज़ को बचाने के इस ऑपरेशन का संचालन कर रहे निक स्लोआन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया है कि कोस्टा कॉनकॉर्डिया के लिए यह अभी या कभी नहीं वाली स्थिति है क्योंकि जहाज़ की पेंदी धीरे-धीरे कमज़ोर होती जा रही है और अगली सर्दियों तक भी शायद न चल पाए.

प्रदूषण का ख़तरा

पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि अगर ऑपरेशन नाकाम रहा तो ख़तरनाक पदार्थ समुद्र में लीक हो सकते हैं. इसके अलावा जहाज़ के ऊपर आने पर उसमें बंद सड़ा हुआ पानी और मलबा बाहर आने को लेकर भी चिंताएं हैं.

हालांकि किसी भी तरह के प्रदूषण के ख़तरे से निपटने के लिए जाल और बूम की मदद ली जाएगी.

कोस्टा कॉनकॉर्डिया हादसे में पांच लोगों को हत्या का दोषी करार दिया गया है और जहाज़ के कप्तान फ्रैंसेस्को शेटिनो पर हत्या और जहाज़ छोड़ने के मामले में मुक़दमा चल रहा है.

अर्थव्यवस्था प्रभावित

गिग्लियो के मेयर सर्गियो ऑर्टेली ने कहा है कि जहाज़ को हटाने से हमारे बंदरगाह की इस "बड़ी समस्या का अंत हो जाएगा और जिसे हम जल्द से जल्द हल करना चाहते थे. "

उन्होंने कहा, "द्वीप पर आने वाले इसे पुरानी स्थिति में देखने को बेताब हैं."

रविवार को द्वीप पर संडे मास के दौरान जहाज़ को बचाने के लिए चल रहा ऑपरेशन सफल होने की दुआ की गईं.

इस छोटे से द्वीप की अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर पर्यटन पर निर्भर है. तट पर जहाज़ का मलबा मौजूद होने की वजह से यहां लोगों की आवाजाही कम हो गई है.

जहाज़ के बचाव के लिए चल रहे इस प्रोजेक्ट पर अब तक 600 मिलियन यूरो यानी क़रीब 800 मिलियन डॉलर ख़र्च हो चुके हैं और अभी और भी ख़र्च आने की आशंका है.

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