क्या पहनें, क्या न पहनें?

नीले रंग के साथ हरा रंग पहनना चाहिए या नहीं? क्या पहनावे को लेकर माने जाने वाले पारम्परिक नियम-क़ायदे वाक़ई में काम करते हैं?

फ़ैशन की दुनिया में ये नियम हमेशा टूटते ही रहते हैं. आइये नजर डालते हैं आज से शुरु होने वाले लंदन फैशन वीक में हुए कैटवॅाक पर.

लेकिन बात जब हमारे रोज पहनने वाले कपड़ों पर आती है तो हम पुराने नियमों को लेकर थोड़ा सख्त हो जाते हैं.

वेस्टमिंस्टर विश्वविद्यालय के फैशन विभाग के प्रमुख एंड्रयू ग्रोव्स कहते हैं, "ये नियम लम्बे समय से इसलिये चले आरहे हैं क्योंकि अधिकतर लोग अपने पहनावे को लेकर मार्गदर्शन लेना पसंद करते हैं. जब बात फैशन की आती है तो पहनावे से जुड़े ये नियम हमें एक सुनिश्चित सुरक्षा प्रदान करते हैं."

लेकिन क्या ये नियम मनमाने हैं या पुराने हो चुके हैं? और अभी भी लोग इन्हें अपनाना चाहते हैं?

1- डेनिम के साथ डेनिम?

Image caption साल 2001 में ब्रिटनी स्पीयर्स और जस्टिन टिम्बरलेक के डबल डेनिम पोशाक में.

साल 2001 में ब्रिटनी स्पीयर्स और जस्टिन टिम्बरलेक के डबल डेनिम पोशाक पहनने पर गार्जियन फैशन टीकाकार हैडली फ़्रीमैन कहते हैं, " यह मानव शिष्टता और पहनावे से जुड़े सभी नियमों को तोड़ने जैसा है. "

लेकिन ग्रोव्स कहते हैं कि, "केवल एक युवा, सुंदर, छः फीट लम्बी मॉडल पर ही डबल डेनिम थोड़ा ठीक लग सकता है. लेकिन यह वाकई में सही नहीं है."

एक फैशन वेबसाइट के संस्थापक पॅापी डिंजी को कहना है कि दो अलग-अलग किस्म के कपड़े डबल डेनिम से कहीं ज्यादा बेहतर हो सकते हैं.

2- पुरुषों को सफेद मोजे नहीं पहनना चाहिए?

सभी पुरुषों अभी भी पालन करना चाहिए एक नियम है, तो यह बात है, फैशन उद्योग से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि सफेद मोजे सिर्फ पुरुष खिलाड़ियों की किट का ही हिस्सा नहीं हो सकते, यदि नियम सबके लिये एक है तो सबको इसका पालन करना चाहिए.

फैशन विशेषज्ञों के मुताबिक सफेद मोजे लोगों का ध्यान आकर्षित करते हैं क्योंकि ये मोटे और धारीदार कपड़े के बने होते हैं, और सामान्य कपडों के साथ पहनने पर ये भद्दे और सस्ते दिखते हैं.

ग्रोव्स के मुताबिक उन्हें पहनने की कोशिश करना भी भयावह बात है. रंगीन मोजे पहनना चलन में है.

3- शरीर को दो भागों में दिखाने वाले कपडे कभी नहीं

Image caption टोरंटो फिल्म फेस्टिवल में जूलिया रॅाबर्ट्स

फैशन विशेषज्ञों के मुताबिक सभी महिलाओं को फैशन के नियमों का पालन करना चाहिए.

प्रसिद्ध स्टाइलिस्ट मार्टिन अलेक्जेंडर का कहना है कि, '' किसी कपड़े के द्वारा शरीर का दो भागों में दिखना वाकई बहुत भद्दा होता है. कोई भी इस तरह के ड्रेसिंग सेंस पसंद नहीं करता है."

ग्रोव्स का इस पर कहना है कि, " हम ध्यान आकर्षित करने के लिये अपनी पोशाक के विभिन्न हिस्से करना कभी नहीं चाहते."

उनका कहना हे कि," यह नियम महिलाओं की तरह पुरुषों पर भी लागू होता है. रसेल ब्रांड द्वारा पहनी गयी वी गले की टी-शर्ट खासी लोकप्रिय हुयी है, लेकिन इस तरह की पैंट बिल्कुल भी नहीं चलेगी."

4- लम्बी धारियाँ हैं दिखाती हैं पतला

विज्ञान की तरह ही फैशन की दुनिया की भी अपनी कहानी रही है. 19वीं सदी में पर्शिया के विज्ञानी हर्मन वॉन ने लम्बी धारियों के प्रभाव का अध्ययन कर यह बताया कि लम्बी धारियों वाले कपड़ों में व्यक्ति लम्बा और पतला दिखता है.

लेकिन 2008 में हुए एक शोध में इसे खारिज कर बताया गया कि लम्बी की अपेक्षा आड़ी धारियों वाले कपड़ों में व्यक्ति ज्यादा छरहरा दिखता है. 2012 में हुए एक शोध में फिर ये बताया गया कि लम्बी धारियों वाली पोशाकों में ही व्यक्ति छरहरा दिखता है.

मार्टिन अलेक्जेंडर के मुताबिक हमें अपने शरीर की बनावट के हिसाब से बहुत ही सावधानीपूर्वक धारियों वाले कपड़ों को पहनना चाहिए.

5- टाई बेल्ट के नीचे नहीं

ब्लिम्स के मुताबिक ''पुरुषों को परिधानों के मामले में मार्गदर्शन की बहुत ज्यादा जरूरत है, फैशन के नियम पुरुषों के लिये रहस्यमय रहे हैं लेकिन वाकई ये कारगर हैं. फैशन में टाई की नोंक शर्ट के आखिरी बटन को ढंकती हुयी होना चाहिए नाकि बेल्ट के नीचे.''

बेल्ट से नीचे टाई की नोंक का होना एक बहुत बड़ी गलती की तरह बहुत भद्दी दिखती है.

6- अलग-अलग पैटर्न एक साथ नहीं

अलग-अलग प्रिंट को एक साथ मिलाकर पहनना कई बार अच्छा लगता है.

स्टाइलिस्ट अलेक्जेंडर का कहना है कि, "कई पैटर्न को एक साथ मिलाकर पहनना आपकी मेहनत को दिखाता है जबकि स्टाइल में मेहनत नहों दिखनी चाहिए. हमें अलग-अलग प्रिंट्स को मैच करके पहनते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए नहीं तो हमारा मजाक बन सकता है."

Image caption पिछले सालों में लंदन फैशन वीक में देखे गये मिक्स पैटर्न

7- बैग, जूते और बेल्ट की मैचिंग?

फैशन इतिहासकार और प्रवृत्ति भविष्यवक्ता एम्बर जेन बुत्चार्ट का कहना है ," अगर आप एक पिछले दशकों में वापस जाना चाहते हैं तो आप जूते, बेल्ट और बैग एक रंग के मैच करके पहन सकते हैं.पचास के दशक में यह बहुत आम था."

"बेबी बुमेर, के मुताबिक 80 के दशक के कुछ वक्त को छोड़ दें तो बाद की पीढ़ी ने इस फैशन को पूरी तरह खारिज कर दिया."

2013 में ऐसा होना बहुत मुश्किल है. महिलाओं के बैग हर रों और डिजाइन में उपलब्ध हैं, लेकिन वैसे ही जूतों का मिलना बहुत मुश्किल होगा.

8- सोने और चांदी के गहने एक साथ नहीं

ग्रोव्स का कहते हैं कि, " दो धातुओं को एक साथ मिलाकर पहनना बहुत बुरा है. यह फैशन के नियमों के खिलाफ भी है. फैशन ज्यूरी का खत्म होना हर किसी को अपनी महमर्जी करने की छूट भी देता है."

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