प्रिंस विलियम की रक्षा मे लगे कुत्तों को मारने पर विवाद

प्रिंस विलियम
Image caption प्रिंस विलियम सेना को अलविदा कह चुके हैं

ड्यूक ऑफ कैम्ब्रिज, प्रिंस विलियम के ब्रितानी सेना छोड़ने के कुछ ही दिन बाद, उनकी रक्षा में तैनात रहे दो कुत्तों को मार दिया गया. रक्षा मंत्रालय ने सेना के इस फैसले का बचाव किया है.

ब्रितानी अखबार 'द सन' ने खबर दी थी कि पिछले सप्ताह खोजी एवं बचाव पॉयलट के रूप में कार्यरत प्रिंस विलियम की आरएएफ वैली से अंतिम विदाई के बाद कुत्तों को मार दिया गया था.

प्रिंस विलियम ने जनवरी 2009 में आरएएफ वैली के सैन्य शिविर में प्रशिक्षण लेना शुरू किया था और सितंबर 2010 में खोजी एवं बचाव पॉयलट के रूप में डिग्री हासिल की थी.

उन्होंने घोषणा थी कि इसी साल 10 सितंबर को सेना को अलविदा कहने के बाद वो अपनी शाही ज़िम्मेदारियों और चैरिटी के कामों पर ध्यान देंगे.

महज संयोग था?

बेल्जियन शेफर्ड ब्रूस सेवानिवृत्ति के नजदीक था और दूसरे जर्मन शेफर्ड ब्लेड के साथ कुछ व्यावहारिक दिक्कतें थीं.

इन रक्षक कुत्तों के बारे में कहा गया था कि ये आरएएफ वैली की अतिरिक्त रक्षा पंक्ति का हिस्सा थे, न कि अकेले प्रिंस की रक्षा के लिए तैनात किए गए थे.

रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि, ''यह बात सच है कि दो कुत्तों को मार दिया गया. यह महज संयोग था.''

प्रवक्ता के अनुसार, ब्लेड के साथ व्यावहारिक दिक्कतों का रिकॉर्ड था और उसे किसी और तैनाती पर नहीं भेजा सकता था.

पुनर्वास की नीति

मंत्रालय ने कहा कि सेना में सभी रक्षक कुत्तों की सेवानिवृत्ति के बाद उनके पुनर्वासन की नीति रही है और इन दोनों के मारे जाने का समय, महज एक संयोग है.

अफसोस जताते हुए प्रवक्ता ने कहा, ''ऐसे बहुत कम मौके रहे हैं जब उन्हें मारना पड़ा हो. यह अंतिम उपाय के रूप में लिया गया फैसला है.''

प्रवक्ता के अनुसार, दुर्भाग्य से इस मामले में दोनों ही पुनर्वासन या अन्य तैनाती के लायक नहीं थे और दुखद है कि उन्हें मारना पड़ा.

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