चीन: महंगे तोहफ़ों से फलता-फूलता भ्रष्टाचार

  • 20 सितंबर 2013
चीन, मूनकेक, भ्रष्टाचार

चीनी कैलेंडर के मुताबिक़ इस साल 19 सितंबर को मध्य शरद उत्सव था, इसे चीन में चीनी नए साल के बाद सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दिन को चांद की पूजा कर के, परिवार के साथ मूनकेक खाकर मनाया जाता है.

पारंपरिक रूप से लोग इस दिन एक दूसरे को मूनकेक देते रहे हैं लेकिन जैसा चीन में दूसरी चीज़ों के साथ हुआ है यहां भी भ्रष्टाचार ने अपनी पैठ बना ली है.

यूं तो मूनकेक गोल पेस्ट्री होती है जिसमें कमल के बीज और अंडे की ज़र्दी होती है लेकिन ये कई तरह की होती है.

शार्क के पर वाले मूनकेक का एक डीलक्स बॉक्स दो हज़ार यूआन यानी क़रीब 20 हज़ार रुपए का होता है लेकिन सोने और चांदी से बना मूनकेक एक लाख 60 हज़ार यूआन यानी क़रीब 16 लाख रुपए का पड़ेगा और सभी ये जानते हैं कि इस तरह के मूनकेक रिश्तेदारों या दोस्तों के लिए नहीं ख़रीदे जाते.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार से लड़ाई को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया है और कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों को इस बारे में कई आदेश दिए गए हैं कि वो रिश्वत न लें.

Image caption चीन में ग्राहकों को लुभाने के लिए बाज़ारों में कई तरह के मूनकेक मिलते हैं.

कम्युनिस्ट पार्टी जनता के पैसे से मूनकेक देने या भोज आयोजित करने पर रोक लगा चुकी है. इसका नतीजा ये हुआ है कि मूनकेक की बिक्री में भारी गिरावट आई है और 200 यूआन यानी क़रीब दो हज़ार रुपए वाले गिफ़्ट बॉक्स ख़ासे लोकप्रिय हो गए हैं.

मूनकेक के अलावा और किन चीज़ों पर पैसा ख़र्च किया जाता है? सबसे ज़्यादा लोकप्रिय तोहफ़े या रिश्वत क्या है?

पेश है एक अधूरी लिस्ट, जो किसी ख़ास क्रम में नहीं है.

1. महंगी शराब:

शराब हमेशा से तोहफ़ा देने के लिए लोकप्रिय रही है, माओताई जितनी इज़्ज़त और किसी ब्रांड को नहीं मिली.

साल 2011 में माओताई की क़ीमत आसमान छू रही थी, कुछ जगहों पर 500 मिली लीटर की एक बोतल की क़ीमत 2,300 यूआन यानी 23 हज़ार रुपए तक पहुंच गई.

2. महंगी घड़ियां:

साल 2008 में नानजिंग में गृह विभाग के निदेशक झोऊ झुओगेंग को इंटरनेट पर बहुत महंगी सिगरेट पीते और कई महंगी घड़ियां पहने दिखाया गया जिनमें वैशरॉन कॉन्स्टेंटिन और रोलेक्स भी शामिल थी.

एक वैशरॉन कॉन्स्टेंटिन घड़ी की कीमत एक लाख यूआन यानी क़रीब 10 लाख रुपए है और झोऊ की सालाना तन्ख़्वाह 40 हज़ार से 60 हज़ार यूआन थी.

आख़िरकार झोऊ को रिश्वत लेने के आरोप में 11 साल की सज़ा दी गई.

Image caption चीन में तोहफे में अक्सर माओताई शराब दी जाती है.

3. महंगे ब्रांड:

महंगी घड़ियों की ही तरह लुई वितोन जैसे ब्रांड, चैनल और गुच्ची को भी चीन में नए-नए अमीर हुए लोग पसंद करते हैं और ये अधिकारियों को 'तोहफ़े' देने के लिए पसंदीदा बन चुके हैं.

4. ज़मीन और घर

घरों के अलावा ज़मीन हड़पना, निर्माण, बिक्री, अंदरुनी साज सज्जा और इससे जुड़ी सेवाओं में भ्रष्टाचार होता है. हैनान प्रांत में एक बिल्डर को ये कहते हुए बताया गया था कि अगर अधिकारी उसे ज़मीन सस्ती ख़रीदने देते हैं जिससे उसे पांच करोड़ यूआन यानी क़रीब 50 करोड़ रुपए का मुनाफ़ा हो तो वो दो करोड़ यूआन या ज़्यादा रिश्वत के तौर पर देने को तैयार है.

5. नक़द या क्रेडिट कार्ड:

नक़दी अब भी लोगों को रिश्वत देने का सबसे आसान रास्ता है. अभी हाल ही के एक मुक़दमे में राजनेता बो शिलाई पर दो कारोबारियों से 2.10 करोड़ यूआन यानी क़रीब 21 करोड़ रुपए की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया था.

पैसे देने का एक गुप्त तरीक़ा प्रीपेड क्रेडिट कार्ड भी है. इन कार्ड को रेस्टोरेंट, डिपार्टमेंट स्टोर, फ़िटनेस क्लब और कई जगहों पर इस्तेमाल किया जा सकता है.

6. इलेक्ट्रॉनिक्स, पुरानी चीज़ें या पेंटिंग:

Image caption चीन में कुछ लोग कोई काम करवाने के लिए सीधे नकदी देना पसंद करते हैं.

कैमरा, वीडियोकैम से लेकर ईबुक और आईपैड - इलेक्ट्रॉनिक सामान सुविधाजनक और उपयोगी होते हैं. हैनवॉन कंपनी मानती है कि उसके 60% उत्पाद तोहफ़े के तौर पर इस्तेमाल होते हैं और इन्हें इस्तेमाल करने वाले ज़्यादातर लोग 1950 से 1960 के दशक के बीच जन्मे लोग होते हैं. इन लोगों की उम्र 50 से 60 साल के बीच होगी और अब ये ज़िम्मेदार पदों पर होंगे.

रिश्वत देने का एक और तरीक़ा कलाकृतियों की नीलामी है. जिसे रिश्वत दी जानी है उसे एक कलाकृति दी जाती है. वो इसे नीलामी पर रख देता है.

रिश्वत देने वाला ऐसा दिखाता है कि ये असली और क़ीमती है और इसे बड़ी रक़म देकर ख़रीद लेता है. और जिसे रिश्वत दी जानी है उसे बड़ी रक़म मिल जाती है.

जैसा कि इन उदाहरणों से पता चलता है, रिश्वत चीन की रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा है, जहां सत्ता और पैसे का मेल आसानी से होता है.

हालांकि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी में जनता का भरोसा क़ायम रखने के लिए दृढ़ हैं, उन्हें ऐसा करने में काफ़ी मुश्किलों का सामना करना होगा.

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