मिस्र की सेना और चरमपंथियों में संघर्ष

राजधानी क़ाहिरा के बाहरी इलाक़े में स्थित एक शहर में प्रवेश करते हुए मिस्र की सेना और चरमपंथियों के बीच संघर्ष हुआ है.

सेना के अधिकारियों ने मेगा न्यूज़ एजेंसी को बताया कि स्थानीय समय के अनुसार सुबह क़रीब 5.30 बजे जब वे करदासा में चरमपंथियों को निशाना बनाने के लिए गए तो उनके साथ भिड़ंत हुई.

इस इलाक़े को चरमपंथियों का गढ़ माना जाता है. इस भिड़त में कम से कम एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया.

पिछले महीने करदासा में एक पुलिस चौकी पर हुए हमले में 11 पुलिस अधिकारी मारे गए थे. इससे कुछ सप्ताह पहले जुलाई में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहमद मोर्सी को सत्ता से हटाया गया था.

रैली

पिछली रात तक करदासा में मौजूद बीबीसी के क्वेंटिन सोमरविले ने कहा कि सुरक्षा बलों के पहुंचने से पहले तक माहौल में किसी तरह का भय व्याप्त नहीं था और हज़ारों लोग मोर्सी के समर्थन में एक रैली में हिस्सा ले रहे थे.

प्रशासन ने अगस्त में पुलिस स्टेशन पर हुए हमले का कड़ा जवाब देने की बात कही थी. मिस्र के सरकारी मीडिया के मुताबिक़ सेंट्रल सिक्योरिटी के सहयोगी आंतरिक मंत्री मेजर जनरल अशरफ़ अब्दुल्लाह ने मिशन शुरू होने से तुरंत पहले जवानों से मुलाक़ात की.

सुबह में प्रार्थना करने के बाद जवान हथियारों से लैस वाहनों में सवार होने लगे.

राष्ट्रपति पद से मोर्सी को बेदख़ल किए जाने के बाद से मिस्र में जारी संघर्ष में अबतक कम से कम 1000 लोग मारे गए हैं, जिनमें क़रीब 100 पुलिस अधिकारी हैं.

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