यमन में सैन्य ठिकानों पर हमले, 30 की मौत

Image caption ज़बरदस्त बम विस्फ़ोट से दहला दक्षिणी यमन

दक्षिणी यमन के सैनिक ठिकानों पर संदिग्ध विद्रोहियों के हमलों में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं.

खबरों के मुताबिक, शाबवा प्रांत के एक कैंप में दो कारों में रखे बमों में जबरदस्त विस्फ़ोट से करीब 20 सैनिक मारे गए और कई अन्य घायल हो गए.

इसी इलाके के मैइफ़ा कस्बे में दूसरे हमले में बंदूकधारियों ने दस सैनिकों को गोली मार दी.

यमन सरकार और अरब प्रायद्वीप के अलक़ायदा (एक्यूएपी) के विद्रोहियों बीच लड़ाई चल रही है. विद्रोही अक्सर सैनिकों को निशाना बनाते हैं.

रायटर न्यूज़ एजेंसी के अनुसार कार में छिपाकर रखा गया एक बम सैनिकों के झुंड के बीच फटा. ये तब हुआ जब कार का ड्राइवर कैंप में घुसने की कोशिश कर रहा था.

गठन

बताया जा रहा है कि दूसरा विस्फ़ोटक सैनिक छावनी के अंदर रखा गया था.

यमन में आधार वाले एक्यूएपी को अमरीका दुनिया में अल क़ायदा की सबसे ख़तरनाक शाखा बताता है.

ये ग्रुप जनवरी 2009 में अल क़ायदा की यमन और सऊदी अरब शाखाओं को मिलाने पर गठित किया गया.

इस संगठन की अगुवाई ओसामा बिन लादेन का एक पूर्व सहयोगी करता है, इसने सऊदी अरब राजशाही और यमन सरकार को गिराने के लिए ऑयल सुविधाओं, विदेशियों और सुरक्षा बलों पर हमले का संकल्प लिया हुआ है.

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