चीन: क्यों चर्चित है बो शिलाई केस

चोंगचिंग में कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व प्रमुख बो शिलाई का कभी काफ़ी दबदबा हुआ करता था लेकिन अब उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी और संसद से बर्खास्त कर दिया गया था. बो शिलाई को भ्रष्टाचार के तमाम आरोपों का दोषी करार दिया गया है. बो शिलाई की पत्नी को पहले ही हत्या के एक मामले में फाँसी की सज़ा सुनाई जा चुकी है. उनकी पूरी संपत्ति भी ज़ब्त कर ली जाएगी.

उनकी पत्नी को पिछले साल ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड की हत्या के मामले में निलंबित मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई. चीन के सबसे बड़े राजनीतिक स्कैंडल से जुड़ा घटनाक्रमः

14 नवंबर 2011: चोंगचिंग के होटल के एक कमरे में ब्रिताना व्यापारी नील हेवुड की मौत.

2 फ़रवरी 2012: चोंगचिंग शहर की सरकार ने घोषणा की कि उसने अपने मशहूर पुलिस प्रमुख वांग लिजुन को दूसरी नौकरी के लिए स्थानांतरित कर दिया है. यह पदावनति थी और सार्वजनिक तौर पर इसकी पुष्टि की गई कि लिजुन चोंगचिंग की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रमुख बो शिलाई से अलग हो गए हैं.

6 फ़रवरी: वांग चोंगचिंग के पास चूंगदू में अमरीका के वाणिज्य दूतावास में गए. कई लोगों को लगा कि वह शरण मांगने गए हैं. उन्होंने वाणिज्य दूतावास में ही रात गुज़ारी, जो चीनी पुलिस से घिरा था.

7 फ़रवरी: पुलिस प्रमुख पर वाणिज्य दूतावास छोड़ने का दबाव बनाने की कोशिश की गई. जब चोंगचिंग के महापौर उनसे बात करने गए, वांग फिर गायब हो गए.

8 फ़रवरी: चोंगचिंग सरकार ने कहा कि ज़्यादा काम की वजह से वांग तनाव में हैं और अब वह "छुट्टी के साथ इलाज" करवा रहे हैं. वास्तव में, वह जांच के घेरे में थे और हिरासत में थे.

5-14 मार्च: बो शिलाई ने बीजिंग में चीन के वार्षिक संसदीय सत्र में अपनी सीट हासिल की. हालांकि अफ़वाहें उड़ती रहीं कि वांग के क़दम से पार्टी के पोलित ब्यूरो की स्थायी समिति में प्रमोशन पाने की उनकी संभावना पर पानी फिर गया है.

Image caption वांग के अमरीकी वाणिज्य दूतावास से संपर्क साधने के साथ ही बॉ शिलाई की मुश्किलें बढ़ गईं.

14 मार्च: एक संवाददाता सम्मेलन में चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने परोक्ष रूप से वांग लिजुन से जुड़े मसले के लिए बो शिलाई की आलोचना की. इस मुद्दे पर यह पहली बार वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता की टिप्पणी की थी जिससे अंदाज़ा हुआ कि बो अनिश्चितता की स्थिति में हैं.

15 मार्च: चीन ने यह घोषणा की कि बो शिलाई को चोंगचिंग में पार्टी प्रमुख के पद से हटा दिया गया है. अधिकारियों ने पुष्टि की कि इसका ताल्लुक वांग लिजुन से जुड़े घटनाक्रम से है. वह सार्वजनिक मंच से गायब हो गए.

20 मार्च: एक लीक हुई ऑडियो रिकॉर्डिंग से अंदाज़ा हुआ कि बो शिलाई और उनके पुलिस प्रमुख में मतभेद तब हुए जब वांग ने अपने बॉस से बो के परिवार की जांच के लिए कहा. अफ़वाह में यह बात भी आई कि बो का ताल्लुक ब्रितानी व्यापारी नील हेवुड की मौत से भी हो सकता है, जिनकी पिछले नवंबर में चोंगचिंग में मौत हो गई थी.

26 मार्च: ब्रिटेन की सरकार ने इसकी पुष्टि की कि उसने चीन से नील हेवुड की मौत की दोबारा जांच करने के लिए कहा है.

10 अप्रैल: चीन ने यह घोषणा की कि बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी के पदों से हटाया गया है और हेवुड की मौत के सिलसिले में उनकी पत्नी, गु काईलाई और एक अर्दली पर जांच की जा रही है.

25 अप्रैल: बो शिलाई के बेटे बो ग्वाग्वा ने अपने विश्वविद्यालय, हार्वर्ड को एक खुला पत्र लिखा. उन्होंने कहा कि वह ज़्यादा खर्चीली ज़िंदगी नहीं जीते और उन्होंने छात्रवृत्ति और मां की कमाई के जरिए अपनी पढ़ाई पूरी की है. उनकी मां पेशे से एक वकील हैं. उन्होंने कहा कि वह जांच के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे.

26 अप्रैल: बो शिलाई के बड़े भाई, बॉ शीयूंग ने हांगकांग में एक सरकारी चीनी कंपनी के अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया. बाद में खुलासा हुआ कि वह वहाँ व्यापार के लिए किसी और नाम का इस्तेमाल कर रहे थे.

26 अप्रैल: न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया कि बो शिलाई पूरे चोंगचिंग में फोन टैपिंग नेटवर्क चला रहे थे और उनके अधिकारी उन फ़ोन कॉल को भी सुनते थे जो राष्ट्रपति हू जिंताओ से जुड़ी होती थीं.

16 मई: कम्युनिस्ट पार्टी के बुज़ुर्ग सदस्यों के एक समूह ने राष्ट्रपति हू जिंताओ को बो शिलाई के समर्थक जो यूंगकॉन्ग को बर्खास्त करने के लिए लिखा. उन्होंने आरोप लगाया कि चीन के सुरक्षा तंत्र के प्रभारी माओत्से तुंग के चीन को पुनर्जीवित करने से जुड़े आंदोलन का हिस्सा हैं.

23 मई : बो शिलाई का नाम नगरपालिका के पार्टी सम्मेलन के लिए प्रतिनिधियों की सूची में शामिल नहीं था इससे एक बड़े फ़ेरबदल का संकेत मिला.

Image caption ब्रितानी कारोबारी नील हेवुड की हत्या का आरोप बॉ शिलाई की पत्नी पर लगा.

24 मई: बो शिलाई के बेटे बो ग्वाग्वा को अमरीका में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट से स्नातक की डिग्री मिली.

17 जून : कथित तौर पर चीनी अधिकारियों के अनुरोध पर कंबोडिया ने फ्रांसीसी वास्तुकार पैट्रिक डेविलर्स को हिरासत में ले लिया, जो बो शिलाई और उनकी पत्नी को जानते थे.

18 जून : चोंगचिंग के नए नेता झांग देजियांग ने नगरनिगम पार्टी के सम्मेलन में कहा कि बो शिलाई घोटाले से देश और कम्युनिस्ट पार्टी की छवि पर गहरा आघात लगा है.

17 जुलाई : पैट्रिक डेविलर्स अपनी मर्ज़ी से बीजिंग गए जहां उन्हें चीनी अधिकारियों ने एक गवाह के रूप में पेश होने को कहा. बाद में उनसे मिले फ्रांसीसी राजनयिकों ने कहा कि वह 'अच्छी हालत' में हैं. हालांकि यह स्पष्ट नहीं हुआ कि वह कहां हैं और उन पर जांच चल रही है या नहीं.

26 जुलाई : चीन की शिन्हुआ सरकारी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गु काईलाई और उनके सहयोगी झांग शिआओजुन पर जानबूझकर हत्या का आरोप लगाया गया है.

3 अगस्त : वकीलों ने घोषणा की कि गु काईलाई पर नील हेवुड की हत्या के लिए हेफ़ेई के पूर्वी शहर में 9 अगस्त को मुक़दमा शुरू होगा.

9 अगस्त : गु काईलाई और झांग शिआओजुन पर हेफ़ेई में हत्या के मामले में मुक़दमा चला. अदालत ने कहा कि वे आरोपों का विरोध नहीं करेंगे और फ़ैसले से पहले कार्रवाई स्थगित कर दी.

20 अगस्त : गु काईलाई को नील हेवुड की हत्या के लिए निलंबित मृत्युदंड की सज़ा सुनाई गई. झांग शिआओजन को नौ साल की जेल की सजा दी गई.

5 सितंबर : वांग लिजुन को दलबदल, सत्ता के दुरुपयोग और रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया.

17 सितंबर : वांग लिजुन पर चुंगदू में गुप्त रूप से मुक़दमा शुरू हुआ.

18 सितंबर : वांग लिजुन से जुड़ी अदालती कार्रवाई खत्म हुई.

Image caption बॉ ग्वाग्वा को हॉवर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री मिली.

24 सितंबर : वांग लिजुन को दोषी ठहराया गया और 15 साल जेल की सजा दी गई. उन्होंने पुलिस जांच में सहयोग किया था इस वजह से उन्हें उम्मीद से कम सज़ा मिली.

28 सितंबर : सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार बो शिलाई को कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया और उन पर अदालती कार्रवाई करने की बात की गई.

26 अक्टूबर : बो शिलाई को संसद से निष्कासित कर दिया गया. इस तरह वह मुकदमे से अपने आपको बचाने में नाकाम हो गए.

25 जुलाई 2013 : बो शिलाई पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा.

12 अगस्त : वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए गए अपने बयान में नील हेवुड की मां, एन ने चीनी अधिकारियों से मुलाकात की और अपने बेटे के परिवार के लिए मदद की गुहार लगाई.

18 अगस्त : शांदूंग प्रांत के जीनान में इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट में 22 अगस्त 2013 से बो शिलाई पर मुक़दमा शुरू करने की बात तय हुई.

22 अगस्त : बो शिलाई पर ज़ीनान में मुक़दमा शुरू हुआ.

26 अगस्त : बो शिलाई का मुक़दमा ख़त्म हुआ.

18 सितंबर : ज़ीनान में इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने घोषणा की कि वह 22 सितंबर को बो शिलाई पर फ़ैसला देगा.

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