कीनिया हमला: मॉल को 'खाली' कराया जा रहा

  • 23 सितंबर 2013
कीनिया नैरोबी हमला

कीनिया में सुरक्षा बलों का कहना है कि वो वेस्टगेट शॉपिंग मॉल को खाली करवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि पिछले तीन दिन से जारी घेराबंदी को ख़त्म किया जा सके.

इससे पहले सुरक्षा बलों ने पूरी ताकत से मॉल में घुसने की कोशिश की थी और वहां से धमाकों और बंदूक़ चलने की आवाज़ आ रही थी.

भारी गोलीबारी की आवाज़ के साथ-साथ इमारत से धुआं निकलता दिखाई दे रहा था.

कीनिया डिफेंस फ़ोर्सेस ने कहा है कि तीन 'आंतकवादियों' का मार गिराया गया है और बाहर निकलने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं.

कीनिया के गृहमंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा है, "हमने कुछ लोगों को एयरपोर्ट पर गिरफ़्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है."

मरने वालों की संख्या अब आधिकारिक तौर पर 62 हो गई है और 170 से ज़्यादा लोग घायल हैं. इससे पहले रेडक्रॉस ने मरने वालों की संख्या 69 बताई थी.

ख़तरनाक

मौके पर मौजूद बीबीसी संवाददाता गैब्रियल गेटहाउस के अनुसार वहां लगातार गोलियां चल रही हैं.

ब्रितानी अख़बार दि इंडिपेंडेंट के पत्रकार डेनियल हाउडेन के अनुसार उन्होंने दर्जनों कीनियाई सैनिकों को सड़क पार कर वेस्टगेट सेंटर में घुसते हुए देखा.

उधर पुलिस ने वेस्टगेट सेंटर पर चल रही गोलाबारी को देखने के लिए जुटे तमाशबीनों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया.

गृह मंत्रालय के एक ट्वीट में कहा गया, "हम आपसे आग्रह करते हैं, #वेस्टगेटमॉल एक अपराध स्थल है. अपनी सुरक्षा के लिए ही उस क्षेत्र से दूर रहें. वहां पहुंचने वाली सड़कों को घेर लिया गया है."

नैरोबी से बीबीसी संवाददाता माइक वूल्ड्रिज के अनुसार ताज़ा गोलीबारी और विस्फ़ोट सुरक्षा बलों के अभियान में नाटकीय परिवर्तन है.

बीबीसी संवाददाता कहते हैं कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सकता है कि विस्फ़ोट किस वजह से हुआ और बंधकों को छुड़ाने के अभियान में इसका क्या असर पड़ा है.

टीवी फ़ुटेज में भी सैनिकों को मॉल की ओर भागते हुए देखा गया. माना जा रहा है कि दस चरमपंथी अब भी अंदर हैं.

कीनियाई पुलिस के महानिरीक्षक डेविड किमैयो ने एक ट्वीट में कहा, "हम लगातार हमलावरों पर भारी पड़ रहे हैं."

इससे पहले कीनिया के गृहमंत्री जोसफ़ ओले लेंकु ने कहा था कि इमारत में आग "आतंकियों" ने लगाई थी.

उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह दो हमलावर मारे गए थे और अन्य घायल हो गए थे.

एक स्थानीय निवासी एरिक ओन्चैंगु ने बीबीसी को कहा, "मैं वहां से 400 मीटर दूर काम करता हूं और मुझे भारी काला धुआं दिख रहा है."

उन्होंने कहा, "मुझे एक हेलिकॉप्टर दिख रहा है और हम जानते हैं कि वहां बहुत से केडीएफ़ (सुरक्षा बल) जवान हैं- हमें अंदर ही रहने को कहा गया है, क्योंकि यह बहुत ख़तरनाक है."

इससे पहले कीनियाई सेना ने कहा था कि बंधकों की जान बचाने की हर संभव कोशिश करते हुए अब वह इस कब्ज़े को ख़त्म करने की कोशिश कर रहे हैं.

रविवार रात को सेना ने कहा था कि सोमालिया के अल-शबाब संगठन ने संभवतः दस लोगों को अब भी इमारत के अंदर बंधक बना रखा है.

शनिवार को जब मॉल कॉंपलेक्स में हमला किया गया तब वहां 1,000 से ज़्यादा लोग मौजूद थे.

मौत का नज़ारा

मॉल के अंदर एक क्लीनिक चलाने वाले दंत चिकित्सक डॉ सुनील सचदेवा ने हमले के वक्त के हालत को बयान किया.

उन्होने बीबीसी को बताया, "वहां एक टेंट लगा हुआ था जिसमें बच्चों की खाना बनाने की प्रतियोगिता हो रही थी. उसके नीचे शव पड़े हुए थे."

"कीनिया की एक बहुत प्रसिद्ध रेडियो प्रस्तोता को गोली मार दी गई थी. चारों ओर मौत का नज़ारा था. कोने में एक आदमी गिरा हुआ थी. उसके टुकड़े कर दिए गए थे."

घाना के जाने माने कवि कोफ़ी अवूनोर नैरोबी में एक साहित्यिक सम्मेलन में भाग लेने आए थे. उस हमले में वह भी मारे गए और उसके साथ एक चीनी महिला भी.

फ्रांसीसी, डच, साउथ अफ़्रीकी, कनाडाई और भारतीय नागरिक भी उन विदेशियों में शामिल थे जिनकी मौत हो गई. ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन की संयुक्त नागरिकता वाले एक व्यक्ति की भी मौत हुई है.

रक्तदान की अपील पर हज़ारों कीनियाई नागरिक रक्तदान कर रहे हैं.

अल शबाब का कहना है कि उसने सोमालिया में जारी कीनियाई सेना के अभियान के विरोध में यह हमला किया है.

अल क़ायदा से जुड़े इस समूह ने कहा है कि अगर कीनिया ने सोमालिया से अपनी सेना न हटाई, तो वह और हमले करेगा.

सोमालिया के दक्षिण में 2011 से क़रीब चार हज़ार कीनियाई सैनिक चरमपंथियों से लड़ रहे हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)

संबंधित समाचार