घड़ी कुछ ख़ास है क्योंकि 95 लाख की है

  • 30 सितंबर 2013
हाथ से बनी रॉजर डब्ल्यू स्मिथ की घड़ी

रफ़्तार और मशीनीकरण के इस युग में एक व्यक्ति ऐसा भी रहा है जो पूरी तरह हाथ से घड़ियां बनाता रहा है. जॉर्ज डैनियल्स को कुछ लोग दुनिया का सबसे शानदार घड़ीसाज मानते हैं.

डैनियल्स का दावा था कि वह दुनिया के पहले व्यक्ति हैं जो घड़ी का एक एक पुर्ज़ा हाथ से बनाते हैं.

ब्रिटेन के आइल ऑफ़ मैन में स्थित वर्कशॉप में उनकी बनाई घड़ियां दुनिया की सबसे अनूठी और तकनीकी रूप से सक्षम घड़ियां मानी गई हैं.

डैनियल्स की 2011 में मृत्यु हो गई और अब उनकी पूरी वर्कशॉप उनके शिष्य रॉजर डब्ल्यू स्मिथ के हवाले है. स्मिथ डैनियल्स के हाथ से घड़ी बनाने के तरीके को ज़िंदा रखे हुए हैं.

वह हर साल 10 घड़ियां बनाते हैं. हर घड़ी की कीमत कम से कम 95,000 पाउंड यानी 95,01,062 रुपए होती है.

बीबीसी संवददाता नील मीड्स से स्मिथ ने घड़ी बनाने की इस कला और अपने गुरू जॉर्ज डैनियल्स के बारे में बात की.

बन गए घड़ीसाज

Image caption (जॉर्ज डैनियल्स घड़ी के हर पुर्ज़े को खुद अपने हाथों से बनाते थे)

वह कहते हैं, "घड़ी बनाना पूर्णता की कोशिश करना है. आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ चीज़ बनाने की कोशिश करते हैं."

"यकीनन घड़ी में आत्मा नहीं होती, दिल नहीं होता. इसकी टिक-टिक मशीनी होती है. लेकिन हाथ से बनी घड़ियों की बात कुछ अलग होती है, आप इसे महसूस कर सकते हैं. इनकी ख़ास बात यह है कि यह एक ही आदमी के हाथ से बनी होती हैं."

वह कहते हैं, "जार्ज डैनियल्स इतिहास के पहले व्यक्ति हैं जो शुरुआत से पूरी होने तक घड़ी को अपने हाथ से बनाते थे."

स्मिथ बताते हैं, "उनकी इसी बात ने मुझे इतना प्रभावित किया और 18 साल की उम्र में मैंने उन्हें चिट्ठी लिखकर गुज़ारिश की कि वह मुझे अपना चेला बना लें."

डैनियल्स ने स्मिथ को बुलाया और कहा, "तुम्हारे पास मेरी किताब 'वॉचमेकिंग' है. उसमें घड़ी बनाने के बारे में शुरू से अंत तक सब कुछ बताया गया है. जाओ खुद सीख लो."

स्मिथ कहते हैं कि उन्होंने यही किया. वह लौटे और उन्होंने ख़ुद अपनी घड़ी बनानी शुरू कर दी.

जब अपनी घड़ी उन्होंने डैनियल्स को दिखाई तो वह गुस्सा हो गए. स्मिथ लौट गए और यह सोचा कि 'मैं एक और बनाना शुरू करता हूं.'

इस बार घड़ी को पूरी तरह से तैयार होने में साढ़े पांच साल लग गए. इस दौरान घड़ी को चार बार फिर से बनाया गया था.

स्मिथ कहते हैं, "हर साल और हर बार मैं सुधार करता जा रहा था. फिर मुझे लगा कि अब इसे जॉर्ज डैनियल्स को दिखाने का वक्त आ गया है."

फिर, "जॉर्ज अपनी काम करने की बेंच पर घड़ी लेकर बैठे. वह उसे हाथ में पलटते रहे, उसका निरीक्षण करते रहे. "

"फिर उन्होंने पूछा- ढांचा किसने बनाया? मैंने कहा- मैंने बनाया. उन्होंने पूछा- स्केट व्हील किसने बनाया? मैंने कहा- मैंने बनाया. उन्होंने पूछा- टेकमेट्स (टेक्नोमीटर) किसने बनाया? मैंने कहा- मैंने बनाया."

"अचानक वह मुड़े, डिब्बा बंद किया और चेहरे पर बड़ी मुस्कान के साथ बोले. मुबारक हो, तुम एक घड़ीसाज बन गए हो."

गुणवत्ता को समझें

इसके बाद डैनियल्स ने उन्हें आइल ऑफ़ मैन में काम करने का प्रस्ताव दिया जिसे स्मिथ ने ख़ुशी-ख़ुशी स्वीकार कर लिया.

स्मिथ बताते हैं कि इस स्टूडियो में अब वह एक साल में 10 घड़ियां बनाते हैं और यह घड़ियां दुनिया में कहीं भी पाई जाने वाली घड़ियों में दुर्लभतम हैं.

एक घड़ी को पूरी तरह बनने में छह महीने लगते हैं. घड़ी का ढांचा करीब दस दिन में तैयार होता है. डायल तीन हफ़्ते, घड़ी का मैकेनिज़्म तीन से चार महीने में तैयार हो पाता है.

Image caption स्मिथ कहते हैं कि अच्छी चीज़ों की गुणवत्ता की कद्र की जानी चाहिए

यहां घड़ी बनाना इस मायने में अजीब है कि 'हम हर पुर्ज़े को तैयार करने में काफ़ी वक्त लगाते हैं. फिर वह पुर्ज़ा घड़ी में फिट हो जाता है और फिर उसे कभी नहीं देखा जाता.'

स्मिथ कहते हैं, "आज हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जिसमें रफ़्तार और सस्ते का ही बोलबाला है. आप टीवी खोलें तो दिखता है कि लोग अपने घर का पुनर्निर्माण दो-तीन दिन में कर रहे हैं. बगीचे को एकदम नए जैसे से बदल रहे हैं."

"मुझे कभी वह दुनिया समझ नहीं आती. क्योंकि गुणवत्ता कभी इस तरह हासिल नहीं की जाती."

"मुझे लगता है कि आज की दुनिया में ज़रूरत इस बात की है कि हम आराम से बैठें और चीज़ों के बारे में कुछ और सोचें. देखें कि गुणवत्ता पल भर में हासिल नहीं होती. इसमें समय लगता है, धैर्य की ज़रूरत होती है."

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