हैकरों ने उड़ाई श्रीमती ओबामा की जानकारी

  • 26 सितंबर 2013
michelle obama, मिशेल ओबामा
हैकरों ने कई कंपनियों के कंप्यूटरों में सेंध लगाकर मिशेल ओबामा समेत कई मशहूर अमरीकियों की जानकारी चुराई.

एक जांच में पता चला है कि हैकरों ने बहुत सारे अमरीकी डाटा ब्रोकरों के नेटवर्कों में सेंध लगाकर लाखों सोशल सिक्योरिटी नंबर चुरा लिए.

इसमें अमरीकी राष्ट्रपति की पत्नी मिशेल ओबामा समेत कई अन्य मशहूर लोगों की जानकारियां भी शामिल थीं.

अमरीका में सोशल सिक्योरिटी नंबर नौ अंक वाला वो नंबर होता है, जो सरकार अपने नागरिकों, स्थायी और अस्थायी निवासियों को जारी करती है. इसका इस्तेमाल पेंशन धारकों, सरकारी सहायता प्राप्त कर रहे लोगों के बारे में जानकारी जमा करने, बैंक में खाता खोलने, क्रेडिट कार्ड या कर्ज़ लेने और कुछ अन्य कामों के लिए होता है.

पत्रकार ब्रायन क्रेब्स ने इन हैकरों का पता किया, जो इस गुप्त जानकारी को इंटरनेट के ज़रिए बेच रहे थे.

मशहूर हस्तियों की जानकारी

क्रेब्स ने पाया कि डाटा कंपनियों के कॉरपोरेट नेटवर्कों के कंप्यूटरों में सेंध लगाकर इन हैकरों ने जानकारी हासिल की.

इस साल मार्च में ब्रायन क्रेब्स, अमरीकी जांच एजेंसी एफ़बीआई और अमरीकी खुफ़िया सेवा ने इस बात की जांच करनी शुरु की कि एक्सपोज़्ड डॉट एसयू नाम की वेबसाइट किस तरह कई मशहूर अमरीकियों के सोशल सिक्योरिटी नंबर और बाकी जानकारियां हासिल कर रही थी.

इस वेबसाइट ने माइक्रोसॉफ्ट के मालिक बिल गेट्स, आर्टिस्ट बियोन्से नोल्स, जे ज़ी, हॉलीवुड अभिनेता एश्टन कुचर और कई और लोगों की जानकारी इंटरनेट पर छापी थी. ये वेबसाइट अब बंद हो चुकी है.

जांच में पता चला कि एक्सपोज़्ड डॉट एसयू ने ये जानकारी एसएसएनडीओबी नाम की एक अन्य वेबसाइट से खरीदी थी. ये वेबसाइट गुप्त जानकारियों के बाज़ार के तौर पर ख़ुद का प्रचार कर रही थी. एसएसएनडीओबी किसी व्यक्ति की जानकारी आधे डॉलर जितने कम दाम तक में बेच रही थी. माना जा रहा है कि इस वेबसाइट के ज़रिए लगभग 40 लाख अमरीकियों की जानकारी जुटाई गई.

ब्रायन क्रेब्स ने एक ब्लॉगपोस्ट में लिखा था कि इस साल गर्मी की शुरुआत में एसएसएनडीओबी की वेबसाइट ही हैक हो गई और उसमें मौजूद जानकारी चुरा ली गई और उसे कई लोगों ने बांटा.

कंपनियां

क्रेब्स और फॉरेंसिक कंप्यूटर विशेषज्ञ एलेक्स होल्डन द्वारा इस वेबसाइट के डाटाबेस के विश्लेषण में पता चला कि पहचान या आईडी संबंधी जो जानकारी ये वेबसाइट बेच रही थी, वो कई ऐसी अमरीकी कंपनियों के आंतरिक नेटवर्कों के उन कंप्यूटरों से चुराई गई थीं जो इन जानकारियों को इकट्ठा करती थीं.

ब्रायन क्रेब्स ने बताया कि लेक्सिसनेक्सिस, डन एंड ब्रैडस्ट्रीट और क्रॉल कंपनियों के कंप्यूटरों से जानकारी जुटाई गई थी.

विभिन्न कारोबारों और कंपनियों को संभावित व्यापारिक सहयोगी और कस्टमर्स के बारे में डाटा मुहैया कराने के लिए ये तीनों कंपनियां कारोबार जगत में मशहूर हैं.

ब्रायन क्रेब्स ने अपने ब्लॉग में लिखा, "हैंकिग की शिकार तीनों कंपनियों ने कहा है कि वे सरकारी अधिकारियों और स्वतंत्र फोरेंसिक कंपनियों के साथ मिलकर ये पता करने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर किस हद तक हैकिंग हुई है."

लेकिन लेक्सिसनेक्सिस ने एक बयान जारी कर इस बात से इंकार किया कि उसका डाटा सार्वजनिक हुआ है. वक्तव्य में कहा गया है, "हमें अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि हमारी कस्टमर या उपभोक्ता जानकारी तक किसी और की पहुंच बनी है."

एफ़बीआई की एक प्रवक्ता ने रॉयटर्स समाचार एजेंसी को बताया कि संस्था ब्रायन क्रेब्स द्वारा दी गई जानकारी की जांच कर रही है लेकिन उसने इस बारे में और कुछ कहने से इंकार कर दिया.

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