चीन: घूम रहे हैं ‘बीवियों के शिकारी’

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चीन ने बड़ी तेज़ी के साथ आर्थिक तरक्क़ी की रफ़्तार पकड़ी है, मगर वहां एक चीज़ की कमी दिखती है- नौजवान महिलाएं. शादी की उम्र के पुरुषों को उनकी जीवनसाथी नहीं मिल रही हैं.

बीवी की तलाश के लिए चल रही यह प्रतियोगिता अब कड़ी होती जा रही है.

कोल्ड कॉफ़ी हाथों में पकड़े पेंग ताई गलियों में घूम रहे हैं और अचानक एक शॉपिंग मॉल में घुसते हैं.

एस्केलेटर पर आधे रास्ते में वह नीचे नज़र डालते हैं और जायज़ा लेते हैं.

मैंने जोख़िम लेते हुए पूछ लिया, ''उस पीली ड्रेस वाली लड़की के बारे में क्या ख़्याल है?''

उन्होंने कहा, ''ऊह, बहुत छोटी है. और छोटे शॉर्ट्स में जूते की दुकान से बाहर आ रही लड़की के बारे में? बिल्कुल नहीं, बहुत दुबली है.''

गोरी चमड़ी की चाहत

उसने आगे यह भी जोड़ दिया, ''मैं ऐसी लड़कियों की तलाश में हूं जिनकी त्वचा साफ़-सुथरी और गोरी हो. वह चलते हुए बहुत पतली या मोटी नहीं दिखनी चाहिए.''

एक मिनट बाद वे गुपचुप ढंग से क़रीब 20 साल की एक फ़ैशनेबल लड़की के क़रीब पहुंचे जो इत्र ख़रीद रही थी.

धीमी आवाज़ में उन्होंने पूछा, ''क्या आप कुंवारी हैं? प्रेम की तलाश में हैं?''लड़की जल्दी से सिर झटककर वहां से चली जाती है.

कुछ और नौजवान लड़कियों से उन्हें इसी तरह के इनकार का सामना करना पड़ता है- कुछ घबरा जाती हैं तो दूसरी नाराज़ हो जाती हैं.

पेंग ताई फिर मेरे पास दरवाज़े पर आ जाते हैं और बेमन से अपनी कॉफ़ी पीने लगते हैं. वह कहते हैं, ''लड़कियों को नाराज़ नहीं दिखना चाहिए. हम चिड़चिड़ा और रूखा चेहरा नहीं चाहते.''

अचानक वे अपने शिकार को पहचान लेते हैं– बिना बाहों का टॉप और ऊंची हील पहने एक काफ़ी नौजवान लड़की उन्हें दिखाई पड़ी.

बड़ी सावधानी के साथ मुस्कराते हुए वह उसके पास जाते हैं. उनकी चालबाज़ी पर लड़की की आंखें फैल जाती हैं. जब वह उससे दरयाफ़्त कर रहे हैं तो वह ताज्जुब में पड़ जाती है.

आईफ़ोन हाथ में लिए वह अपने शिकार के कुछ और नज़दीक पहुंचते हैं और मॉल के रास्ते में उसकी तस्वीर खींच लेते हैं.

'लव हंटर'

पेंग ताई को एक दिन में तीन लड़कियां तलाशनी होती हैं. उन्हें 'लव हंटर' के नाम से जाना जाता है.

वह शंघाई की कंपनी डायमंड बैचलर्स एजेंसी के लिए काम करते हैं जिसके ग्राहक सैकड़ों कुंवारे पुरुष हैं जो अपने हिसाब से सुंदर जीवनसाथी तलाश रहे हैं.

इस एजेंसी में प्रवेश की फ़ीस सेवा के स्तर के मुताबिक़ 15 हज़ार पॉउंड से लेकर एक मिलियन पाउंड (यानी क़रीब 15 लाख रुपए से दस करोड़ रुपए) सालाना तक है.

पेंग ताई और उन जैसे दर्जनों लोगों को देखकर मुझे मछली मारने वाले छोटे जहाज़ों के जाल की याद आने लगी है.

मगर उनका शिकार ख़ास अपने ग्राहक के लिए होता है और चीन के अरबपति मीन-मेख़ निकालने के लिए बदनाम हैं.

अजीबोग़रीब मांगें

एक ग्राहक की मांग ऐसी लड़की थी जो बिल्कुल फ़िल्म ‘क्राउचिंग टाइगर हिडन ड्रैगन’ की स्टार झांग ज़ीयी की तरह दिखती हो.

एक रियल एस्टेट के ताक़तवर उद्योगपति ने सही लड़की के लिए नौ शहरों में लड़कियों की तलाश कराई और दस हज़ार लड़कियों का साक्षात्कार लिया.

ज़ाहिर है, वह ख़ूबसूरत होनी चाहिए थी. मगर उसकी उम्र 22 से 24 साल के बीच होनी चाहिए और उसके पास बीजिंग या शंघाई के सबसे ऊंचे विश्वविद्यालयों की मास्टर्स की डिग्री होनी चाहिए.

पेंग ताई का काम उनकी परफ़ॉर्मेंस से जुड़ा है लेकिन इसके इनाम काफ़ी बड़े होते हैं. टॉप ‘लव हंटर’ दसियों हज़ार पाउंड बोनस कमाते हैं.

उधर, मेरे मन में ख़्याल चल रहा था कि क्या वे महिलाओं को सामान या जिंस की तरह देखने से परेशान नहीं होते?

वह कहते हैं, ''मैं चिंता नहीं करता कि लड़कियां क्या सोचती हैं, यह मेरा काम है और हम बहुत ज़रूरी सेवा मुहैय्या करा रहे हैं.''

जहां चीन के सबसे अमीर पुरुष अपने जीवनसाथी की तलाश के लिए मोटा पैसा ख़र्च कर रहे हैं और उनके पास चुनाव के कई मौक़े हैं, वहीं दूसरी तरफ़ कुछ पुरुषों के पास चुनाव का कोई मौक़ा नहीं.

कुंवारों की समस्या

देश की ज़बर्दस्त आर्थिक तरक्क़ी ने शादी को कई पुरुषों की पहुंच से बाहर की चीज़ बना दिया है.

इन दिनों दूल्हों से उनके पास कार, अच्छा वेतन और प्रॉपर्टी होने की उम्मीद की जाती है.

बीज़िंग पार्क में मैं एक नौजवान इंजीनियर झांग जुनफ्रे से मिली. उन्होंने बताया कि उन्हें एक बेडरूम का अपार्टमेंट ख़रीदने के लिए 200 साल तक बचत करनी होगी और वह भी बिना खाए-पिए.

ग़रीब और कम विकसित इलाक़ों में पुरुष ऊंचे-नीचे सेक्स अनुपात की मार झेल रहे हैं क्योंकि आधुनिक चीन में एक नया प्रचलन शुरू हुआ है- बड़ी तादाद में प्रवास.

पिछले दशक में 30 करोड़ लोगों ने ग्रामीण इलाक़े छोड़कर शहरों का रुख़ किया है और बहुत सी महिलाओं के लिए अब वापसी की कोई गुंजाइश नहीं. वे वहीं शादी कर लेती हैं और घर कभी वापस नहीं लौट पातीं.

गुआंगझी प्रांत के पहाड़ों में मौजूद तानझेन गांव में 700 लोग हैं. इनमें से 60 कुंवारे हैं. ज़्यादातर को उम्मीद है कि वो कुंवारे ही मर जाएंगे.

अपने घर में बैठे 30 साल के वी तियानगुआंग कहते हैं कि तक़रीबन सभी नौजवान महिलाएं तटीय इलाक़ों की फ़ैक्ट्रियों में काम कर रही हैं.

मैंने पूछा कि क्या आपके मन में आदर्श महिला की कोई छवि है. कोई ख़ास बात?

वह कहते हैं, ''नहीं कोई ख़ास मांग नहीं है. मैं किसी भी ऐसी महिला से शादी कर लूंगा जो मेरे साथ यहां रहने को तैयार हो. चाहे वह कोई भी हो.''

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