शराब अमरीका की.... पैसा चीन का

चीन, वाइन

चीन के उभरते हुए मिडिल क्लास के लिए कॉर्क हटाकर ग्लास में लाल या सफ़ेद वाइन उड़ेलना शान की बात है.

अब चीन के कारोबारी अमरीका के शराब उद्योग में भी पैसे लगा रहे हैं और अमरीका के आला शराब निर्माता चीन में अपनी वाइन की नुमाइश कर रहे हैं.

साल 2011 में चीनी निवेशकों ने कैलिफोर्निया के नापा वैली में रदरफ़ोर्ड की वाइनरी स्लोअन एस्टेट को 4 करोड़ डॉलर यानी करीब 245 करोड़ रुपये में ख़रीदा था.

रदरफ़ोर्ड के ही केकब्रेड सेलर्स में लोग पूरे हफ़्ते हर रोज़ 12 घंटे काम कर के अंगूरों की छंटाई कर रहे हैं. वे कई टन अंगूरों को मशीन में डाल देते हैं जो छोटे, काले अंगूरों को अलग कर देती है.

ब्रूस केकब्रेड के पिता ने 40 साल पहले यहां वाइन बनाने की शुरुआत की थी. अब ब्रूस और उनके भाई कारोबार संभालते हैं. वे हर साल कई हज़ार बोतल वाइन बनाते हैं.

वाइन कॉकटेल

केकब्रेड अपनी कंपनी की वाइन के प्रचार के लिए कई बार चीन जा चुके हैं. हालांकि उनकी कंपनी को उनका परिवार ही संभालता है, उन्हें इस इलाके में हो रहे चीनी निवेश से दिक्कत नहीं है.

इसके बजाय, वो मानते हैं कि नापा की कामयाबी बदलाव को स्वीकार करने में है. कुछ-कुछ सिलिकॉन वैली की तरह.

Image caption नापा वैली की वाइन अमरीका में सबसे महंगी मानी जाती है.

केकब्रेड कहते हैं, "नापा वैली और उत्तरी कैलिफोर्निया को दूसरे वाइन बनाने वाले इलाकों से जो चीज़ अलग बनाती है वो ये है कि यहां हम नए विचारों का स्वागत करते हैं, ये कहते हुए कि 'हम इसे कैसे और अच्छा बना सकते हैं?"

नापा वैली विंटनर्स एसोसिएशन की लिंडा रैफ के मुताबिक चीन के बाज़ार में काफ़ी संभावनाएं हैं. उनका कहना है कि उनके संगठन के सदस्यों ने मंदी के दौरान चीन में वाइन बेचने पर ध्यान दिया.

वो कहती हैं, "कैलिफ़ोर्निया की वाइन के लिए चीन पांचवां सबसे बड़ा विदेशी बाज़ार है. इस बाज़ार में बीते एक साल में 20% की बढ़ोतरी हुई है... पहले हमारे संगठन के कुछ ही सदस्य चीन में वाइन बेचते थे, अब उनकी संख्या 100 से ज़्यादा हो गई है.

कैलिफ़ोर्निया की वाइन कई स्वाद और कीमत में मिलती है, नापा में सिर्फ़ चार फीसदी शराब बनती है लेकिन अमरीकी शराब बाज़ार की कीमत का 30% इस इलाके के पास है. यहां की वाइन ऊंची कीमत की होती है.

सिलेनस विंटनर्स के स्कॉट मिडोज़ के मुताबिक अच्छे मौसम से इस साल फसल को फ़ायदा हुआ है. वो ज़ोर देकर कहते हैं कि वाइन की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं हो सकता.

उनकी कंपनी के मालिक चीन के हैं. वो कहते हैं कि सिलेनस जो शराब बनाती है उस में से 80% की बिक्री अब चीन में होती है. मिडोज़ कहते हैं कि उनकी कंपनी के मालिक शराब

Image caption लिंडा रैफ के मुताबिक चीन के बाज़ार में काफ़ी संभावनाएं हैं.

बनाने में दखल नहीं देते.

मिडोज़ का कहना है, "मुझे मेरी वाइन के लिए पैसे की फ़िक्र नहीं होती....चीन उभरता हुआ बाज़ार है."

भरोसे की बात

वो कहते हैं, "अगर कोई पारंपरिक शराब निर्माता शराब बेचना चाहे तो आप इस बात पर भरोसा नहीं कर सकते कि वितरक आपको पैसा देगा या नहीं या लंबे समय तक आपका ब्रांड बेचेगा या नहीं. ये कई शराब निर्माताओं के लिए बड़ा मुद्दा है लेकिन हमारे लिए नहीं."

नापा के वाइन निर्माताओं के लिए ब्रांड को बचाए रखना और ये तय करना कि नकली वाइन न बिके, बड़ी चुनौती है.

लेकिन मिडोज़ का मानना है कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि इस उद्योग पर मालिकाना हक़ किसका है.

वो कहते हैं, "सच कहूं तो, अमरीका में लोगों की चिंता नौकरी मिलना और उसे बचाए रखना है... नापा की वाइन चीन या फ्रांस में नहीं बन सकती लेकिन यहां जो बनती है उसे कहीं भी बेचा जा सकता है. मालिक चीनी है, जापानी है या फ्रेंच है, कम से कम रोज़गार अमरीकियों के हैं. "

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