अल-शबाब नेता के यहां अमरीकी सैनिकों की छापेमारी

  • 6 अक्तूबर 2013
Image caption सेना का कहना है कि हमले में सिर्फ चार चरमपंथी शामिल थे

अमरीकी सैनिकों ने लीबिया में एक इनामी अल-क़ायदा नेता को छापा मारकर गिरफ्तार कर लिया है.

अमरीकी अधिकारियों के मुताबिक अमरीकी सैनिकों ने अफ्रीका में इस्लामी चरमपंथी समूहों अल-क़ायदा और अल-शबाब के दो ठिकानों पर छापे मारे हैं.

अल-क़ायदा नेता नाजीह अब्दुल हामिद अल रुक़ाई उर्फ 'अनस अल लीबी' को लीबिया की राजधानी त्रिपोली के पास से गिरफ्तार किया गया है.

बताया जा रहा है कि नाजीह अब्दुल हामिद अल रुक़ाई साल 1998 में कीनिया और तंजानिया में अमरीकी दूतावासों पर हुए हमलों के अभियुक्त हैं. इन हमलों में 200 लोग मारे गए थे.

31 करोड़ रु. का ईनामी

अमरीकी जांच एजेंसी एफबीआई की मोस्ट वांटेड लिस्ट में नाजीह अब्दुल हामिद अल रुक़ाई शीर्ष पर थे और उन पर अमरीका ने 31 करोड़ रुपये का ईनाम घोषित कर रखा था.

इसके अलावा दक्षिणी सोमालिया में अल-शबाब के एक नेता के ठिकाने पर भी हमला किया गया, लेकिन रिपोर्टों के मुताबिक ऐसा लग रहा है कि ये हमला विफल रहा.

माना जा रहा है कि पिछले महीने कीनिया की राजधानी नैरोबी के वेस्टगेट मॉल में हुए हमले में अल-शबाब के इस नेता का हाथ था. इस हमले में 67 लोग मारे गए थे. अल-शबाब ने इसकी ज़िम्मेदारी भी ली थी.

'आतंकी भाग सकते हैं पर छिप नहीं सकते'

अमरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने कहा कि लीबिया और सोमालिया में हुई कार्रवाई साबित करती है कि आतंकी गतिविधियों के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा दिलाने के प्रयास को अमरीका बंद नहीं करेगा.

इंडोनेशिया के द्वीप बाली में एक एशियाई बैठक में शामिल होने आए जॉन केरी ने कहा, ''अमरीकी हितों पर हमले करने वाले भाग तो सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते.''

अनस अल लीबी के रिश्तेदारों और अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि शनिवार की सुबह उन्हें त्रिपोली से गिरफ्तार किया गया.

लीबी गुप्त हिरासत में

समाचार एजेंसी एपी ने लीबी के भाई के हवाले से बताया कि, ''वह अपने घर के सामने कार खड़ी कर रहे थे कि तभी तीन गाड़ियों ने उन्हें घेर लिया और कार का शीशा तोड़ कर उनका हथियार कब्जे में ले लिया गया और भागने से पहले ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.''

अधिकारियों ने कहा कि छापे से पहले लीबियाई सरकार को इसकी जानकारी दी गई थी और कानूनी तौर पर लीबिया से बाहर सुरक्षित स्थान पर वह अमरीकी सेना के कब्जे में है.

न्यूयॉर्क की एक अदालत हमलों के संबंध में उन्हें दोषी ठहरा चुकी है.

विरोधाभासी खबरें

अमरीकी सुरक्षा विभाग ने सोमालिया के तटीय इलाके बरावी में शनिवार को ही हुई एक दूसरी कार्रवाई की भी पुष्टि की है.

पेंटागन के प्रवक्ता जॉर्ज लिटिल ने कहा, ''सुरक्षा बलों की टुकड़ी ने एक कुख्यात अल-शबाब आतंकी के खिलाफ कार्रवाई की.'' उन्होंने और कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया.

हालांकि प्रारंभिक खबरों में अमरीकी मीडिया में एक अनाम अमरीकी अधिकारी के हवाले से कहा गया था कि संदिग्ध आतंकी को अमरीकी नेवी सील्स की टुकड़ी ने या तो मार गिराया है या गिरफ्तार कर लिया है.

हालांकि अधिकारियों ने बाद में कहा कि कमांडो टुकड़ी लक्ष्य को पाने में असफल रही.

लादेन अभियान की टुकड़ी गई थी

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, छः कमांडो सदस्यों की यह वही टुकड़ी है जिसने ओसामा बिन लादेन को मार गिराने के अभियान में शामिल हुई थी.

अधिकारियों के अनुसार, अल-शबाब लड़ाकों के तीखे प्रतिरोध के कारण सैन्य टुकड़ी ने कार्रवाई को रोक देने का निर्णय लिया. इस कार्रवाई की योजना डेढ़ सप्ताह पहले ही तैयार की गई थी, लेकिन इसे वेस्टगेट हत्याकांड के बाद अमल में लाया गया.

उधर, अल-शबाब संगठन ने बीबीसी को बताया कि श्वेत सैनिक नाव से बरावी पहुँचे और विद्रोहियों ने इस हमले को नाकाम बना दिया जिसमें एक विद्रोही मारा गया. संगठन के अनुसार बरावी पर अभी भी विद्रोहियों का कब्ज़ा है.

ब्रिटेन और तुर्की ने अल-शबाब के इस दावे का खंडन किया है कि उसके सैनिक बरावी पर हुए हमले में शामिल थे.

कीनिया हमले के दोषी

इस बीच, कीनिया में पिछले महीने वेस्टगेट मॉल पर हुए हमले के मामले में चार लोगों का नाम सामने आए है.

कीनिया की सेना का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में अबू बारा अल सूडानी, ओमर नाभन, खतब अल केने और उमेर दिख रहे हैं लेकिन हमले के दौरान ये सभी मारे गए.

इससे पहले, सेना ने कहा था कि इस हमले में 10 से 15 चरमपंथी शामिल थे, लेकिन पुलिस प्रमुख का कहना है कि ये संख्या चार से छह तक हो सकती है.

गत 21 सितंबर को वेस्टगेट मॉल पर हुए हमले की ज़िम्मेदारी चरमपंथी समूह अल शबाब ने ली थी और इस हमले में 67 लोगों की मौत हुई थी.

अल-क़ायदा से जुड़े इस समूह का कहना था कि उसने सोमालिया में कीनियाई सेना की मौजूदगी का बदला लेने के लिए ये हमला किया है.

सीसीटीवी फुटेज

सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि हमले से पहले ये चारों लोग एक कमरे से मशीनगन लेकर बहुत धीरे से बाहर निकल रहे हैं.

कीनिया के रक्षा विभाग के प्रवक्ता मेजर इमेनुएल चिरचिर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "मैं निश्चित तौर पर कह रहा हूं कि ये लोग आतंकवादी थे. ये सभी हमले में मारे गए."

रॉयटर्स ने मेजर चिरचिर के हवाले से कहा है कि अल सूडानी सूडान का एक अनुभवी लड़ाकू था और शायद वही इस हमले का नेतृत्व कर रहा था.

मेजर चिरचिर के मुताबिक नाभन अरब मूल का कीनियाई नागरिक था और अल केने सोमालिया का निवासी था और उसका संबंध अल-शबाब से था. उमेर के बारे में अभी ज्यादा कुछ पता नहीं चल सका है.

कीनिया के पुलिस प्रमुख डेविड कीमियो का कहना था कि हमले में चार लोग ही शामिल थे और इनमें से कोई भी भागने में सफल नहीं हो सका.

इससे पहले कीनिया ने कहा था कि पांच हमलावर मारे गए थे और नौ लोगों को हिरासत में लिया गया है.

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