श्रीलंका: प्रभाकरन के बंकर नष्ट किए

  • 5 अक्तूबर 2013
Image caption प्रभाकरन के कुछ ठिकाने अभी भी लोगों के देखने के लिए खोल रखे हैं.

श्रीलंकाई सेना ने तमिल विद्रोहा नेता वेलुपिल्लई प्रभाकरन के ठिकानों में से एक बंकर को नष्ट कर दिया. प्रभाकरन अपने अंतिम दिनों में इन्हीं ठिकानों में छिप कर रहा करते थे.

वर्ष 2009 में श्रीलंका में गृहयुद्ध समाप्त होने के बाद से प्रभाकरन का यह ठिकाना और उनके बंकर पर्यटन के आकर्षण के केंद्र थे. अब इसको नष्ट किए जाने के बाद सवाल है कि बाक़ी के बंकरों को क्या किया जाएगा.

प्रभाकरन तमिल टाइगर्स संगठन यानी एलटीटीई के संस्थापक थे और इसके समाप्त होने से पहले 25 वर्षों तक इसका नेतृत्व करते रहे.

तमिल टाइगर्स श्रीलंका के उत्तरी और पूर्वी इलाक़े में एक स्वतंत्र राज्य बनाना चाहते थे और क़रीब तीस से अधिक देशों में इसकी मौजूदगी थी.

प्रभाकरन के बेटे की मौत

प्रभाकरन मई 2009 में उत्तरी श्रीलंका के विद्रोही इलाक़े में सेना के हाथों मारे गए थे. यह भी आरोप लगता रहा है कि प्रभाकरन को मारने के कुछ समय बाद ही उनके 12 वर्षीय बेटे को भी मार डाला गया.

कोलंबो स्थित बीबीसी संवाददाता चार्ल्स हेवीलैंड ने कहा कि इससे पहले बंकर के आसपास रहने वाले लोगों को उनके घर ख़ाली करने के लिए कहा गया था. सेना के बंकर उड़ाने पर लोगों ने विस्फोट की आवाज़ सुनी और ठिकाने से धूल उड़ती देखी.

मुलाईट्टीवु ज़िले स्थित इस ठिकाने में एक बंकर था जिसमें चार मंज़िला भूमिगत इमारत थी. श्रीलंकाई सेना को 2009 में नारियल के जंगल में एक बंकर मिला था. उस समय यह ठिकाना प्रभाकरन के चरंमपथी गतिविधयों और रिहायशी दोनों उद्देश्यों के लिए काम आता था.

इन बंकरों में साउंड प्रूफ़ इलेक्ट्रीसिटी जनरेटर्स, एयर कंडीशन और मेडिकल सप्लाई हुआ करती थी. इसके अलावा निगरानी रखने के लिए सैटेलाइट कैमरे और हथियार मौजूद रहते थे. बंकरों में मारे गए तमिल टाइगर्स की तस्वीरें लगी होती थी.

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