ब्राजील में शिक्षकों के समर्थक हुए हिसंक

  • 8 अक्तूबर 2013

ब्राजील के दो प्रमुख शहरों रियो डी जेनेरियो और साओ पाओलो में शिक्षकों के समर्थन में निकला जुलूस हिंसक प्रदर्शन में तब्दील हो गया.

हिंसा में प्रदर्शनकारियों ने कई बैंकों को निशाना बनाया.

पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए बल प्रयोग का इस्तेमाल किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.

ब्राजील के इन शहरों में सुरक्षा व्यवस्था एक चुनौती है क्योंकि यहां 2014 का वर्ल्ड कप और 2016 के ओलंपिक खेल होने हैं.

शाम ढलते ही हिंसा

रियो में 10,000 लोगों का जुलूस शुरू में शांतिपूर्ण था.

लेकिन जैसे ही अंधेरा घिरा ''ब्लैक ब्लॉक'' नाम के कुछ अराजकतावादियों ने सिटी हाल के प्रवेश द्वार को तोड़ दिया और बाकियों ने बैंकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया.

कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैंक के एटीएम तोड़ने की भी कोशिश की और कुछ बैंकों को आग के हवाले कर दिया.

प्रदर्शनकारियों ने शहर के व्यस्ततम इलाके रियो ब्रांको एवेन्यू में एक बस को आग लगा दी.

प्रदर्शनकारियों ने बैंकों के फर्नीचर को पुलिस के खिलाफ बैरिकेड की तरह इस्तेमाल किया.

हिंसा पर काबू पाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया.

एक 23 वर्षीय अराजकतावादी ह्यूगो क्रियोज ने कहा, ''पुलिस के बिना कोई हिंसा नहीं होती. जब वे मौजूद हों तो हिंसा अवश्यम्भावी है.''

ह्यूगो ने कहा, ''मैं तैयारी के साथ आया था, आप उन पर कभी भरोसा नहीं कर सकते.''

शिक्षक पिछले दो महीने से वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं.

शिक्षकों के जुलूस के समर्थन में करीब 50,000 लोगों की भीड़ इकट्ठी होने का अनुमान है लेकिन सरकार ने केवल 10,000 प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने की पुष्टि की है.

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